इस साल राज्यसभा की 73 सीटें होंगी खाली, किसको मिलेगा बहुमत, जानें सीटों का समीकरण

देश में राजनीति चरम सीमा पर है. आये दिन कोई न कोई चुनाव हुआ ही करते हैं. जिसे जीतने के लिए एक पार्टी दूसरी पार्टी को घेरने में लगी रहती है. अभी भी दो-तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

rajyasabha election 2020 73 seats will be vacant know election process
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लेकिन इसी साल 2020 में राज्यसभा की 73 सीटें खाली होने जा रही हैं. राज्यसभा में इस साल के अंत तक 69 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा. इनमें से 18 सदस्य बीजेपी के और 17 कांग्रेस के हैं. वहीं चार सीटें पहले से खाली पड़ी हैं.

राज्यसभा में बहुमत पाने का मौका-

अब ऐसे में देश की दोनों बड़ी पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस के पास पूरा मौका होगा की वे ज्यादा से ज्यादा सीटें जीत कर राज्यसभा में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाएँ. बीजेपी पूरा जोर लगाएगी की वो राज्यसभा में अपना बहुमत बना ले ताकि बीजेपी को राज्यसभा में कोई भी बिल पास कराने में दिक्कत न हो. तो वहीँ कांग्रेस भी यही चाहेगी की वो राज्यसभा में बहुमत हासिल कर ले जिससे बीजेपी को उसके आगे झुकना पड़े.

मौजूदा स्थिति-

245 सदस्यीय राज्यसभा में बहुमत के लिए 123 सीटों का होना जरूरी है. और मौजूदा स्थिति में बीजेपी के राज्यसभा में 83, और कांग्रेस के 46 सदस्य हैं. इस हिसाब से बीजेपी को सिर्फ 40 सीटों की जरुरत पड़ेगी और कांग्रेस के लिए पूरी सीटें भी कम हैं.

कहाँ खाली हो रही हैं सीटें-

राज्यसभा की 73 सीटों में 55 सीटें अप्रैल खाली होंगी, 5 सीटें जून तक, 2 सीटें जुलाई तक और 11 सीटें नवंबर तक खाली हो जाएँगी. नवंबर तक खाली होने वाली 11 सीटों में से दस सीटें अकेले यूपी की हैं.

कौन करता है राज्यसभा सदस्य का चुनाव-

राज्यसभा सदस्य का चुनाव विधानसभा में जीते विधायक करते हैं. और यूपी की मौजूदा स्थिति देखें तो 403 सदस्यों वाली यूपी विधानसभा में बीजेपी के 310 विधायक हैं. इसलिए यूपी में भारी बहुमत होने से बीजेपी को राज्यसभा में 10 में से 9 सीटें आसानी से मिल सकती हैं.

यूपी के आंकड़ों से समझें-

राज्यसभा सदस्यों को कितने विधायकों का वोट चाहिए ? इसके लिए कुल विधायकों की संख्या को 10 सीटों में विभाजित करना होगा. मतलब कि 403/10 यानी 40.3 फिर इसमें 1 जोड़ दिया जाता है यानी लगभग 41, मतलब राज्यसभा पहुंचने के लिए कम से कम 41 वोटों की जरूरत होगी. ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी यूपी की 8 सीटें तो आसानी से बचा सकती है. क्युकी 8 सीटों के लिए 328 वोटों की जरुरत होगी और बीजेपी के पास 310 विधायक हैं. मगर 2 सीटों पर पेंच फंस सकता है.

वहीं बीजेपी के लिए सीटें बचाना एक बड़ी चुनौती भी होगी. क्युकी 2018 और 2019 में बीजेपी को कुछ राज्यों में हार का सामना करना पड़ा है, ऐसे में इसका सीधा असर राज्यसभा चुनाव के परिणाम पर भी होगा.

बतादें कि देश की राज्यसभा को दूसरे शब्दों में उच्च सदन भी कहते हैं. राज्यसभा से भी भारत की राजनीति चलती है. राज्यसभा को भी राजनीति की धुरी माना जाता है. वो इसलिए क्युकी मौजूदा सरकार कोई बिल लोकसभा में पेश करती है. बिल पारित होने के बाद उसको राज्यसभा में भेजा जाता है और जब दोनों सदनों में बिल पारित हो जाता है तो वो एक कानून बन जाता है और देश में लागू कर दिया जाता है.

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