शिवसेना में शामिल हुईं कांग्रेस की पूर्व प्रवक्ता ‘प्रियंका चतुर्वेदी’, ठाकरे ने किया स्वागत-

कांग्रेस छोड़ चुकीं प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए शिवसेना का दामन थाम लिया हैं. या यूँ कह सकते हैं की प्रियंका बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं. आज सुबह ही प्रियंका ने महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वाले नेताओं को पार्टी में तरजीह देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस से अपना इस्तीफा दे दिया था.

priyanka chaturvedi resigns congress and join shivsena
priyanka chaturvedi resigns congress and join shivsena

प्रियंका चतुर्वेदी शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शिवसेना में शामिल हो गई. शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अपनी मौजूदगी में प्रियंका को पार्टी की सदस्यता दिलाई. कुछ कांग्रेसी नेता कह रहे थे की टिकट न मिलने से उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी. मगर शिवसेना में शामिल होते ही प्रियंका ने साफ कर दिया है कि उन्होंने टिकट ना मिलने की वजह से कांग्रेस नहीं छोड़ी है. वे कांग्रेस से टिकट मांग जरूर रही थी, लेकिन उन्होंने कहा मेरे लिए महिला सम्मान बड़ा मुद्दा है. पार्टी में मेरा सम्मान नहीं हुआ मेरे साथ अभद्रता हुई. इसे लेकर मेरी पार्टी से नाराजगी थी.

वहीं शिवसेना पर बोलते हुए प्रियंका ने कहा कि मैं सेवा की निष्ठा से शिवसेना के साथ जुड़ रही हूं. मैं अपने मुद्दों की लड़ाई लड़ रही हूं. मैं मुंबई की रहने वाली हूं ऐसे मैं मेरे पास शिवसेना से बेहतर कोई विकल्प नहीं था. बतादें कि टीवी डिबेट में कांग्रेस का मज़बूत पक्ष रखने वाली और बीजेपी की बोलती बंद करने वालीं प्रियंका का इस्तीफ़ा कांग्रेस के लिए एक बुरी ख़बर है.

17 अप्रैल को ही प्रियंका ने पार्टी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था कि “काफी दुखी हूं कि अपना खून-पसीना बहाने वालों से ज्यादा गुंडों को कांग्रेस में तरजीह मिल रही है. पार्टी के लिए मैंने गालियां और पत्थर खाए हैं, लेकिन उसके बावजूद पार्टी में रहने वाले नेताओं ने ही मुझे धमकियां दीं. जो लोग धमकियां दे रहे थे, वह बच गए हैं. उनका बिना किसी कार्रवाई के बच जाना दुर्भाग्यपूर्ण हैं.”

मामला ये था कि मथुरा में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी. और प्रियंका ने राफेल मुद्दे पर भाजपा को घेरा था. उसी के बाद कुछ कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की. प्रियंका ने इसी की शिकायत की थी. इसके बाद कुछ पर कार्रवाई भी की गई. इतना ही नहीं एक चिट्ठी भी जारी की गई है. जिसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात की गई है. लेकिन ये भी लिखा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कहने पर ये कार्रवाई रद्द कर दी गई है.

बस आरोपियों पर कार्यवाही न होने से प्रियंका चतुर्वेदी नाराज़ हो गईं और उन्होंने अपना इस्तीफ़ा दे दिया. इतना ही नहीं प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने ट्वीटर अकाउंट से पार्टी का नाम भी हटा दिया है. सूत्रों के अनुसार प्रियंका ने अपना इस्तीफा अध्यक्ष राहुल गांधी को भेज दिया है. बीच चुनाव में प्रियंका चतुर्वेदी का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका हो सकता है. क्योंकि पार्टी में वो एक तरह से महिला चेहरा की ओर से देखी जाती रही हैं.