crossorigin="anonymous"> चुनाव चिताओं से ज्यादा जरूरी हैं ?.. श्मसान हाउसफुल हैं.. - Ulta Chasma Uc

चुनाव चिताओं से ज्यादा जरूरी हैं ?.. श्मसान हाउसफुल हैं..

जब लखनऊ लाशों की आग में जल रहा था..तब शासक बंगाल में प्रचार की बंशी बजा रहे हैं..उनके लिए चुनाव चिताओं से ज्यादा अहम हैं..उत्तर पदेश के वर्तमान सीएम बंगाल से कोरोना लेकर लौटे हैं..और पूर्व सीएम हरिद्वार कुंभ से प्रसाद लाए हैं..सबको जीत चाहिए..पब्लिक की जान से किसी को कोई मतलब नहीं है..स्थितियां बहुत बिगड़ गई हैं..बहुत ज्यादा बिगड़ गई हैं..बताते बताते गला सूख गया..पिछले 15 दिन से मैं कोरोना पर लगातार रिपोर्ट कर रही हूं..लेकिन उनको लगता था..ये सब पैनिक फैला रहे हैं..योगी जी कोविड वैक्सीन लगवाकर भी कोरोना पॉजिटव हैं..अस्पताल में इलाज करा रहे हैं..मैं प्रज्ञा मिश्रा अपने मुख्यमंत्री के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करती हूं.. टीवी 9 भारतवर्ष के पत्रकार मनीष यादव का मैं धन्यवाद करना चाहती हूं..जिन्होंने लखनऊ में जलती लाशों का वीडियो बनाकर कोरोना का मजाक बनाने वालों की आंखें खोलीं..

      कहानी यहां खत्म नहीं होती है..इस मुगालते में मत रहिए..बेशर्मी की कहानी यहां से शुरू होती है..हर चीज पर पर्दा डालने वालों ने सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया..मनीष ने जिन लाशों को जलते हुए दिखाया था..वो कोई और ना दिखा पाए इसलिए टीन का पर्दा लगाया जाने लगा..श्मशान घाट को ढकने का काम शुरू कर दिया गया..मैं सच्ची कहानी बता रही हूं..किसी को बुरा लगता हो तो लगे..सच कहना नहीं छोड़ दूंगी..और ये एक ऐसा सच है जो उस पार और इस पार दोनों तरफ से परिवारों को बचाने के लिए मैं बोल रही हूं..मेरे लिए मेरा यूपी मेरा परिवार है..क्योंकि लगी है आग लखनऊ में तो आएंगे जद में घर कई ..शहर में सिर्फ हमारे मकान थोड़े हैं..

   आप लोगों ने वोट श्मसान पर किाय था..तो अब आपको मुबारकबाद कहने की घड़ी आ गई है..श्मसान गुलजार हैं..हाउस फुल चल रहे हैं..बुकिंग में लंबी वेटिंग है..लोग घरों में तड़प रहे हैं...जांच हो नहीं रही है..जिनकी हो रही है उनकी रिपोर्ट दो दो दिन नहीं आ रही है..रिपोर्ट आ रही है तो..दवाई देने वाला कोई नहीं..अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं..एंबुलेस है तो डॉक्टर नहीं..मर गया तो श्मसान में जलाने वालें नहीं..जलाने वालें हैं तो लकड़ियां नहीं हैं..अगर आपके पास एंबुलेंस..डेडबॉडी..लकड़ियां श्समान सब कुछ हैं..तो खुश मत होईये वेट कीजिए..आप अभी कतार में है..आगे वालों की जल जाएगी तो आपका नंबर भी आएगा..

ये हाल है लखनऊ का और कितना सच बोल दूं मैं..केस स्टडी में उलझूंगी तो मुझे बहुत देर बोलना पड़ेगा और आपको बिना सुने मैं जाने नहीं दूंगी..लखनऊ के गोमती नगर में रिटायर्ड जिला जज सुबह 7 बजे से 10 बजे तक एंबुलेंस को फोन करते रहे..उनकी पत्नी उनकी गोद में मर गईं..कोई नहीं आया..जिला जज का ये हाल है तो आम आदमी तो पैदा ही मरने के लिए हुआ है..पर्दे लगाने वाले पर्दाकार योगी जी तक ये सब सच पहुंचने नहीं देंगे..योगी जी अस्पताल में हैं..आदरणीय मुख्यमंत्री जी अगर आपको मेरा ये वीडियो खत किसी तरह मिल जाएगा तो सुनिएगा जरूर..और समझिएगा..जो मैं बता रही हूं..ये सौ फीसदी सच है..लखनऊ के हालात सच में खराब हैं..

नोट- लेख में लेखक के परिस्थितियों और घटनाओं पर उनके अपने निजी विचार हैं..यह एक व्यग्य है जो सत्य के समीप है. लेखक का मक्कसद किसी धर्म जाति संप्रदाय सरकार या व्यक्ति को ठेस पहुंचाने की नहीं है..