रैलीबाज नेताओं का कोरोना कांड : संपादकीय व्यंग्य

लेव एक तरफ कोरोना संभाले नहीं संभल रहा है..और दूसरी तरफ मोदी ममता और शाह जो कांड करके आए हैं उसका रिजल्ट आने लगा है..सब कह ही रहे थे बंगाल चुनावी रैलियों के बाद बहुत बड़े संकट में घिरने वाला है..और वही हो गया..हालत ये हो गई है कि कोरोना की जांच कराने वाले हर दो में से एक आदमी कोरोना पॉजिटिव निकल रहा है..ये बात मैं कोलकाता की कर रही हूं..और पूरे बंगाल की हालत ये है कि कोरोना टेस्ट कराने वाले हर चार में से एक आदमी कोरोना पॉजिटिव निकल रहा है..

दोस्तों बंगाल की रैलियों मे कायदे से कोरोना बंटा है..विकास भले ही घर घर तक ना पहुंचा हो लेकिन कोरोना गारंटी के साथ पहुंचाया है..अब झेलिए ..ब मांगिए सिलेंडर देखिए मिलता है..अब लीजिए ऑक्सीजन..खोजिए रेमडीसिवर..भारत में कोरोना फैला नहीं है..नेताओं ने जानबूझकर कोरोना को दावत दी है..बैल गली गली जा रहा था उससे कहा ऐ बैलवा आ मुझे मार..

टाइम्स ऑफ इंडिया ने जो छापा है उसमें कहा गया है कि ”कोलकाता में 45-55 फीसदी पॉजिटिविटी रेट है ..मतलब 100 में 50 पॉजिटिव ..जिनको कोरोना के बिल्कुल लक्षण नहीं हैं वो भी पॉजिटिव निकल रहे हैं..डॉक्टरों का कहना है स्थिति खौफनाक है..बंगाल में तेजी से कोरोना संक्रमण की वजह म्यूटेंट वायरस है..जोकि काफी कम समय में ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रहा है..बंगाल में 7 लाख से ज्यादा कोरोना मरीज हैं..10 हजार से ज्यादा मर गए हैं..

बंगाल के 8 चरणों के चुनाव बंगाल के लोगों को छठी का दूध याद दिला देंगे..आम जनता के साथ-साथ देश के बड़े बड़े बुद्धिजीवियों ने रैलियां बंद करने की मांग की..लेकिन कोई नेता नहीं माना..जिसको सोचना समझना चाहिए था..जिसको राष्ट्र निर्माण करना चाहिए था जब वही देश चलाने वालों ने देश को मौत के हवाले कर दिया तो..मामता और लेफ्ट राइट को क्या कहें…दोस्तों अब बंगाल के रैलीबाज नेताओं पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है..बीमार आप हैं या होंगे..उनकी जीत होगी या हार होगी..जान आपकी जाएगी.. पब्लिक ही शिकार होगी..