वाराणसी पहुंचे पीएम मोदी, कहा- हमने बदल दी दुनिया की सोच..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वाराणसी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में पहुंचे. इस दौरान उनके साथ मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ भी हैं. जगन्नाथ इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं.

pm narendra modi reached varanasi for pbd inauguration in varanasi
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मोदी ने कहा कि आप सब के सहयोग से बीते साढ़े चार वर्ष में भारत ने दुनिया में अपना स्वभाविक स्थान पाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है. पहले लोग कहा करते थे कि भारत कभी बदल नहीं सकता. मगर हमारी सरकार ने इस सोच को ही बदल दिया. हमने बदलाव करके दिखाया है.

कांग्रेस पर तंज कस्ते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कही एक बात जरूर सुनी होगी. उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार दिल्ली से जो पैसा भेजती है, उसका सिर्फ 15 प्रतिशत ही लोगों तक पहुंच पाता है. इतने वर्ष तक देश पर जिस पार्टी ने शासन किया, उसने देश को जो व्यवस्था दी थी, उस सच्चाई को उन्होंने स्वीकारा था. अरे 70 साल तो राज आपने ही किया है न तो आप ही बताएं बाकी का 85% कहाँ जाता था.

पीएम मोदी ने कहा- काशी और प्रवासियों में एक समानता है. काशी भारत के संस्कृतिक और दार्शनिक ज्ञान से दुनिया को चिरकाल से परिचित कराती रही है. प्रवासी भी दुनिया को भारत की ऊर्जा से परिचित करा रहे हैं. हमारी सरकार का पूरा प्रयास है कि आप सभी जहां भी रहें सुखी रहें और सुरक्षित रहें.

उन्होंने कहा बीते साढ़े 4 वर्षों के दौरान संकट में फंसे दो लाख से ज्यादा भारतीयों को सरकार के प्रयासों से मदद मिली है. आपकी सोशल सिक्योरिटी के साथ-साथ पासपोर्ट, वीजा आदि को लेकर भी तमाम प्रक्रियाओं को आसान करने का प्रयास सरकार कर रही है.

आज इकोनॉमिक क्षेत्र में भी हम आगे बढ़े हैं तो खेलों के क्षेत्र में भी आगे बढ़े हैं. आज हमारा युवा मेक इन इंडिया के तहत रिकॉर्ड स्तर पर मोबाइल फोन, कार, बस, ट्रक, ट्रेन बना रहा है, खेतों मे रिकॉर्ड अन्न भी उपज रहा है. आज भारत अनेक मामलों में दुनिया की अगुवाई करने की स्थिति में है.

प्रवासी भारतीय सम्मेलन की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2009 में की थी. ये सम्मलेन हर दो साल में होता है. पहला कार्यक्रम 9 जनवरी को किया गया था. वो इसलिए क्युकी सन 1915 में इसी तारीख को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे. तभी सरकार ने 9 जनवरी को प्रवासी दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया. मगर कुंभ की वजह से इस बार इसकी तारीख बदल कर आगे बढ़ा दी गई थी.