पीएम मोदी ने किया ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण, कहा- भारत के इतिहास में याद किया जायेगा

Ulta Chasma Uc  : देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में तैयार 182 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे विशालकाय प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का बुधवार को यानी आज लोकार्पण है. सरदार पटेल के विशाल व्यक्तित्व जितनी विशालकाय उनकी प्रतिमा भी है. सरदार पटेल ऐसी महान शख्सियत थे जिनकी भूमिका भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशाल प्रतिमा का लोकार्पण करने के लिए वो केवडिया गांव पहुंच चुके हैं. मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया.

pm narendra modi inaugurated sardar vallabhbhai patel statue
फोटो सौजन्य से:- @narendramodi

‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के अनावरण के लिए देशभर की 30 छोटी-बड़ी नदियों का जल लाया गया है, जिसमें गंगा, यमुना, सरस्वती, सिंधु, कावेरी, नर्मदा, ताप्ती, गोदावरी और ब्रह्मपुत्र आदि शामिल हैं. पीएम मोदी ने इन्हीं 30 नदियों के जल से प्रतिमा के पास स्थित शिवलिंग का अभिषेक किया . इस दौरान 30 ब्राह्मण मंत्रों का जाप भी किया. गुजरात के सरदार सरोवर बांध के पास लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाई गई है. लौह पुरुष की सबसे बड़ी प्रतिमा के अनावरण के बाद भारतीय वायुसेना के तीन जहाज ने सलामी देते हुए तिरंगा बनाया. प्रतिमा के निकट ही प्रधानमंत्री यहां ‘वॉल ऑफ यूनिटी’ का भी अनावरण करेंगे.

pm narendra modi inaugurated sardar vallabhbhai patel statue
फोटो सौजन्य से:- @narendramodi पूजा अर्चना करते हुए पीएम मोदी

मूर्ति के निर्माण में 70,000 टन सीमेंट, 18,500 टन मजबूत लोहा, 6,000 टन स्टील और 1,700 मीट्रिक टन कांसे का प्रयोग किया गया है. सरदार पटेल की प्रतिमा के साथ यहाँ और भी कई आकर्षण केंद्र हैं,

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1. सरदार पटेल के जीवन पर संग्रहालय
2. भारत भवन प्रदर्शनी सभागृह
3. 3डी चित्रों का मानचित्रण
4. पर्यटक 153 मीटर की ऊचाई से प्राकृतिक सौन्दर्य का आनंद उठा सकेंगे
5. 250 शिविरों वाला टेंट सिटी
6. जनजातीय संग्रहालय हस्तशिल्प बाजार
7. फूलों की घाटी
8. राज्यों के अतिथि गृह

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pm narendra modi inaugurated sardar vallabhbhai patel statue
फोटो सौजन्य से:- @narendramodi 17 किलोमीटर लंबी फूलों की घाटी का उद्घाटन किया

मोदी ने कहा की सरदार पटेल ने अपने आप को भारत के नाम कर दिया, आज मैं उनको शत-शत नमन करता हूँ. सरदार पटेल में कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी जैसा शौर्य उनके अंदर था. उन्होंने 5 जुलाई, 1947 को रियासतों को संबोधित करते हुए कहा था कि विदेशी आक्रांताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी, वैर का भाव, हमारी हार की बड़ी वजह थी. अब हमें इस गलती को नहीं दोहराना है और न ही दोबारा किसी का गुलाम होना है.

Web Title :  pm narendra modi inaugurated sardar vallabhbhai patel statue

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