180 मिनट के भाषण में PM मोदी विरोधियों पर जमकर बरसे, राहुल को कहा ‘ट्यूब लाइट’, पढ़ें-

बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भाषण दिया. दोनों सदनों के अपने 180 मिनट के इस भाषण में उन्होंने विपक्ष का नाम ले ले कर चुन-चुनकर निशाना साधा.

pm narendra modi attack on opposition in lok sabha rajya sabha
pm narendra modi attack on opposition in lok sabha rajya sabha

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने अपने ऊपर की गई राहुल गांधी की टिप्पणी पर भी करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा- “मैं मानता हूं कि कांग्रेस ने 70 साल में कभी आत्मसंतुष्टि महसूस नहीं की है. कल एक कांग्रेस नेता (राहुल गांधी) ने कहा कि युवा मोदी को डंडे मारेंगे, 6 महीने बाद वे घर से नहीं निकल पाएंगे.

मैं अगले 6 महीने सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा और पीठ का साइज (मजबूती) इतना बढ़ा दूंगा कि कोई भी डंडा मार सके. मैंने पहले भी गंदी गालियां झेली हैं. खुशी है कि कांग्रेस तक करंट तो पहुंचा.

इतने में राहुल गाँधी भाषण के बीच में खड़े होकर कुछ बोलने लगे तो पीएम मोदी ने उनकी तुलना ‘ट्यूब लाइट’ से कर दी. उन्होंने कहा- “मैं पिछले 30-40 मिनट से बोल रहा हूं. इन तक (राहुल) करंट पहुंचने में इतना वक्त लग गया. बहुत सी ट्यूब लाइट ऐसी ही होती हैं.

देश ने देख लिया है कि दल के लिए कौन है और देश के लिए कौन है. जब बात निकली है तो दूर तलक जानी चाहिए. पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बात करते हुए कहा कि किसी को प्रधानमंत्री बनना था, इसलिए हिंदुस्तान में लकीर खींची गई और हिंदुस्तान का बंटवारा कर दिया गया.

जवाहरलाल नेहरू की चिट्ठी का भी जिक्र किया पीएम मोदी ने कहा कि पांच नवंबर 1950 को इसी संसद में नेहरू जी ने कहा था कि इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि जो प्रभावित लोग भारत में बसने के लिए आए हैं, ये नागरिकता मिलने के अधिकारी हैं और अगर इसके लिए कानून अनुकूल नहीं हैं तो कानून में बदलाव किया जाना चाहिए.

इतने दशकों के बाद भी पाकिस्तान की सोच नहीं बदली है, वहां आज भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं, इसका ताजा उदाहरण ननकाना साहिब में देखने को मिला था. ये केवल हिंदू और सिखों के साथ नहीं बल्कि वहां जो अन्य अल्पसंख्यक हैं, उनके साथ भी यही हो रहा है. नेहरू जी इनते बड़े विचारक थे, फिर उन्होंने उस समय वहां के अल्पसंख्यकों की जगह, वहां के सारे नागरिक को समझौते में शामिल क्यों नहीं किया ? जो बात हम आज बता रहे हैं, वही बात नेहरू जी की भी थी. क्या पंडित नेहरू कम्युनल थे ?

नागरिकता कानून पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारी सरकार अपने राष्ट्र निर्माताओं की भावनाओं पर चलते हुए फैसले ले रही है, तो इनकों दिक्कत हो रही है. मैं फिर से इस सदन के माध्यम से बड़ी जिम्मेदारी के साथ स्पष्ट कहना चाहता हूं कि सीएए से हिंदुस्तान के किसी भी नागरिक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला. चाहे वो मुस्लिम हो, हिंदू हो, सिख हो या अन्य किसी धर्म को मानने वाला हो.

पीएम मोदी ने सख़्त लहजे में कहा कि कांग्रेस और उसके जैसे दलों ने जिस दिन भारत को भारत की नजर से देखना शुरु किया, उस दिन उन्हें अपनी गलती का अहसास हो जायेगा. हमें याद दिलाया जा रहा है कि क्विट इंडिया और जय हिंद का नारा देने वाले हमारे मुस्लिम ही थे. दिक्कत यही है कि कांग्रेस की नजर में ये लोग हमेशा ही सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम थे. लेकिन हमारे लिए, हमारी नजर में वो भारतीय हैं, हिंदुस्तानी हैं.

पीएम मोदी ने कहा सरकार बदली है, सरोकार भी बदलने की जरूरत है. एक नई सोच की जरूरत है. अगर हम पहले के तरीके से चलते और उस रास्ते पर चलते जिसकी आपको आदत हो गई थी तो शायद 70 साल के बाद भी इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता और मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की तलवार डराती रहती. राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती. करतारपुर साहिब कॉरिडोर कभी नहीं बनता. न ही बांग्लादेश के साथ सीमा विवाद सुलझता.

आज दुनिया की भारत से अपेक्षा है. हमने जिस तेजी से काम किया है. जनता ने इसे देखा और अधिकता के साथ हमें दोबारा काम करने का मौका दिया है. अगर ये तेजी नहीं होती तो 11 करोड़ घरों में शौचालय न होता, 13 करोड़ घरों में गैस का चूल्हा न पहुंचता और लंबे अरसे से दिल्ली में अटकी 17 अवैध कॉलियों में रहने वाले 40 लाख लोगों को अपने घर का अधिकार न मिलता.

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