भारत को आत्मनिर्भर बनाना है, ये सपना ही नहीं हमारी जिम्मेदारी भी है: PM मोदी

कोरोना के इस बड़े संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सम्बोधित किया और जनता को इस महामारी से लड़ने के कई नए उपाए बताए. 54 दिन में पांचवीं बार पीएम मोदी देशवासियों के लिए कई सुविधाएँ भी लेकर आये हैं.

pm narendra modi address nation coronavirus in india
pm narendra modi address nation coronavirus in india

33 मिनट के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कई अहम बातें कहीं और समझाईं भी. इस दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है. इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं. पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है. भारत में भी अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं. मैं सभी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.

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ये संकट अभूतपूर्व है, लेकिन थकना, हारना, टूटना, बिखरना मानव को मंजूर नहीं है. सतर्क रहते हुए ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है. हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है. हमें कोरोना से पहले की दुनिया को वैश्विक व्यवस्थाओं को विस्तार से देखने समझने का मौका मिला है.

कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं उन्हें भी देख रहे हैं. जब दुनिया संकट में है तब हमें अपना आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और मजबूत करना होगा. हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा. हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं और आज तो चाह भी है, राह भी है. भारत को आत्मनिर्भर बनाना. 21वीं सदी भारत की हो ये सपना ही नहीं हमारी जिम्मेदारी भी है.

ऐसा सिस्टम हो जो बीती शताब्दी की रीति-नीति नहीं बल्कि 21वीं सदी के सपनों को साकार करने वाली टेक्नोलॉडी ड्रिवेन गतिविधियों पर आधारित हो. हमारी डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए ऊर्जा का स्रोत है.