किसानों की चिताएं..प्रधानमंत्री (PM Modi) की तपस्या..

PRAGYA KA PANNA
PRAGYA KA PANNA

हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) का मजाक आपने सुना कि नहीं सुना..नहीं सुना तो कपिल शर्मा का शो का शो मैं आपके लिए दोबारा चला देती हूं..इनकी तपस्या में कमी रह गई होगी..कौन सी तपस्या कर रहे था प्रधानमंत्री जी आप..किसानों की लाशों से तपस्या कर रहे थे क्या..हवन कुंड में लाशें डलवा रहे थे क्या..किसानों पर लाठियां चलवाने को तपस्या कहते हैं आप..किलें गड़वाने को तपस्या कहते हैं आप..किसानों पर मुकदमे लगवाने को तपस्या कहते हैं आप..

दिल्ली बॉर्डर को चीन का बॉर्डर बना देने को तपस्या कहते हैं आप..700 किसान आंदोलन में मर गए..आपके मंत्री के लड़के ने किसानों को गाड़ी चढ़ाकर मार दिया..आप कहते हैं आपकी तपस्या में कोई कमी रही होगी..आप ये कहिए कि आपके जुल्मों में ही कोई कमी रह गई होगी कि किसानों का आंदोलन आप कुचल नहीं पाए..सरकार की नीयत ठीक होती तो किसान बिल के बारे में संसद में राय मांगी जाती पूछी जाती..सर्व सम्मति से पारित होता..आपने तुरंत बिल थोप दिया..

मोदी जी (PM Modi) मैं पूछती हूं..अब तक आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कोई लाला बनिया भंडारण नहीं कर सकता..लेकिन आपने बिल में असीमित भंडारण की छूट किसके लिए दी थी..आप दिए के प्रकाश जैसा सत्य किसानों को नहीं समझा पाए..इस पर बोलूंगी तो वीडियो बहुत लंब हो जाएगा..

इतिहास में पहली बार लोगों ने ऐसी लच्छेदार माफी सुनी है..जितनी रहम दिली से आपने माफी मांगी है..अगर वाकई में मन में इनती ही संवेदनाएं होतीं तो आप कहते कि मैं प्रधानमंत्री (PM Modi) हूं..मेरे होते हुए किसी मंत्री के लौड़े को किसानों को रौंदने का अधिकार नहीं है..मंत्री अजय मिश्रा को अभी बर्खास्त करता हूं…आप अमित शाह की दूरबीन में बगल में देखने वाली मशीन फिट करा देते..आप किसानों से कितना प्यार करते हैं..कितनी मोहब्बत करते हैं ये किसनों को खूब अच्छे से पता है..700 किसानों की मौत पर आपने एक बार भी संवेदना नहीं जताई..संवेदना छोड़िए किसानों का नाम तक नहीं लिया..

विदेशी अखबारों ने लिख दिया..विदेशी लोगों ने ट्विट कर दिया तो आपनी पार्टी ने देश को खतरे में बता दिया..किसानों का साथ देने वालों को एंटी नेशनल घोषित कर दिया..आपने एक भी किसान की मौत पर संवेदना जताई हो तो नीचे कमेंट करके बताइयेगा मोदी जी (PM Modi) ..आप कहते हैं आपकी तपस्या को किसान पहचान नहीं पाए वारी तपस्या..क्षमा की स्क्रिप्ट आपके जिस कलाकार..जिस लिखाड़ भाई ने लिखी हो उसको देश की तरफ से शाबाशी दीजिएगा..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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