ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से कोई नहीं मरा..सब स्वर्ग शिफ्ट हो गए हैं : संपादकीय व्यंग्य

Pragya Ka Panna Editorial
ऑक्सीजन (Oxygen)

ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से कोई नहीं मरा..सब स्वर्ग शिफ्ट हो गए हैं : संपादकीय व्यंग्य

भारत में कोरोना से मरने वालों का आखिरी सच ये है कि किसी की भी मौत ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से नहीं हुई..किसी की भी मतलब पूरे देश में एक भी सिंगल आदमी की मौत ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से नहीं हुई है..भारत में पहली दूसरी दोनों लहरें मिलाकर 4 लाख से ज्यादा लोग मारे गए हैं..लेकिन 4 लाख में से कोई भी ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से नहीं मरा है..ये अद्भुत किन्तु सच है..ये अपनेआप में अविश्वसनीय अकल्पनीय है..इस सच को अद्भुत सच बनाने में कांग्रेस और गैर बीजेपी सरकारों का योगदान इतिहास याद रखेगा..हर बात में बीजेपी ही दोषी है ऐसा नहीं है..बीजेपी के पीछे कुर्सी हथियाने के लिए खड़े लोग भी कम नहीं है..

उत्तर प्रदेश की पत्रकार होने के नाते आपको बताना मैं अपना कर्तव्य समझती हूं कि हिंदुस्तान के भीतर दूसरी लहर के लिए सबसे ज्यादा मारामारी ऑक्सीजन (Oxygen) के लिए ही थी…लोग ऑक्सीजन (Oxygen) प्लांट के बाहर लाइन लगाए खड़े थे..अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) नहीं थी..ऑक्सीजन के लिए नोटस तक लग गई थी..अस्पतालों ने ऑक्सीजन के खात्मे का ऐलान तक कर दिया था..भारत देश की सरकार ऑक्सीजन एक्सप्रेस चला रही थी..हवाई जहाजों में ऑक्सीजन भर भरकर लाई जा रही थी..लेकिन आज भारत के 28 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों में…हिमालय से लेकर समुद्र पर्यंत तक की पग-पग भारत भूमि पर किसी की मौत ऑक्सीनज (Oxygen) की कमी से नहीं हुई है..

ना कांग्रेस राज में कोई ऑक्सीजन (Oxygen) से मरा ना बीजेपी राज में कोई ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से मरा..ना आम आदमी पार्टी के राज में कोई मरा..ना पूरब में कोई मरा ना पश्चिचम में कोई मरा ना दक्षिण में कोई मरा..भारत देश की सारी सरकारों ने एक सुर में देश को बताया है कि कोरोना की दूसरी लहर में कोई भी सिंगल व्यक्ति बच्चा बूढ़ा बुजुर्ग जवान..कोई भी ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से नहीं मरा..भारत देश के 28 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर 4 लाख लोग की मौत ह्दय गति रुकने से ही हुई होगी..क्योंकि ह्दय की गति रुकने से ही व्यक्ति की मौत होती है..चाहे कोई उसे पीटकर मार दे..

बीजेपी को ही कब तक दोष देंगे आप..बीजेपी अकेली नहीं है..सब के सब एक जैसे हैं..कांग्रेस शासित एक भी राज्य ने ये आंकड़ा नहीं दिया है कि ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से उनके यहां किसी की मौत हुई है..सब की छोड़ दीजिए..जो लोग ट्विटर पर फोन पर फेसबुक पर दिन रात 10-10 मिनट में ऑक्सीजन (Oxygen) का जुगाड़ लगवाने के लिए बीसियों फोन कर रहे थे..

उनमें से कोई भी ये आवाज नहीं उठा रहा है कि नहीं देश भर की सरकारों ने संसद में जो आंकड़ा भेजा है वो झूठ है..हमने अपने अपनों को ऑक्सीजन (Oxygen) ना होने की वजह से खो दिया..हमसे अस्पतालों ने कहा था कि अपना ऑक्सीजन (Oxygen) सिलेंडर लेकर आईये…कोई नहीं बोल रहा है..जब कोई नहीं बोल रहा है..जब लोग ही नहीं बोल रहे हैं तो मैंने प्रज्ञा मिश्रा ने लोगों का सवाल सरकार से पूछने का ठेका थोड़ी ले रखा है..

मुझे दुख है कि मैं उन लोगों की मदद के लिए कई रातें सोई नहीं..जिनके मुंह में अपने मां बाप भाई बहनों की मौत पर बोलने के लिए जुबान नहीं है.. राज्य सरकारें ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से हुई मौतों पर शुतुरमुर्ग बन गई हैं…जबर राज्य सरकारों ने अपनी गर्दन रेत में गड़ा ली है तो केंद्र सरकार कुछ कैसे जानेगा.. वो बात अलग है कि केंद्र सरकार कपड़ों का रंग देखकर भी सबकुछ जान लेती है…

लेकिन भारत में सावन के महीने की अपनी खासियत होती है..सरकारों से लेकर आम आदमी पर तक जब ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी वाली खबर पर सब खामोश हैं तो अब मैं भी कहती हूँ मेरी केंद्र सरकार बिल्कुल ठीक है कोई ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से नहीं मरा..समाज पहले से मुर्दा ही था…आज आपसे कुछ नहीं कहना..राम राम दुआ सलाम जय हिंद..


                              

Disclamer- उपर्योक्त लेक लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

3 thoughts on “ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी से कोई नहीं मरा..सब स्वर्ग शिफ्ट हो गए हैं : संपादकीय व्यंग्य

  • July 24, 2021 at 6:28 pm
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    प्रज्ञा दीदी मैं लेखक पागल सुंदरपुरीया आपसे निवेदन करता हूं कि मेरा गांव 10 एच सुंदरपुरा राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में बिल्कुल पाकिस्तान पर बसा हुआ है। अन्न के दाते का ये गांव अपने बच्चों के भविष्य के लिए परमाणु बंब बन हुआ है। क्युकिं डिजिटल इंडिया के तहत ये गांव अपने बच्चों को भविष्य को बिना मोबाईल नेटवर्क ,इंटरनेट यानी ऑनलाइन पढ़ाई करवाकर के वैज्ञानिक बना रहा है । आप हमारे गांव का मुद्दा जरूर उठाएं।
    8239628646

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    • July 24, 2021 at 9:26 pm
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      जरूर कुलजीत जी

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  • July 24, 2021 at 10:39 pm
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    बात है upsi2016 की

    ये जो 2486 बच्चे हैं हाई कोर्ट की डबल बैंच इलाहाबाद और लखनऊ खंडपीठ दोनों में केस हार चुके हैं और इनकी एक slp सुप्रीम कोर्ट में रिजेक्ट हो चुकी है दूसरी slp जोकि जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस विनीत सरन ने अपना आर्डर 2/05/2021 को रिजर्वेशन कर लिया है

    यह मैटर नॉर्मलाइजेशन का है जो क्या आज के समय की सबसे बड़ी भर्ती में घोटाला करने की विधि है

    इसमें क्या होता है

    जिस शिफ्ट के ज्यादा बच्चे नेताओं के पास या अधिकारी के पास पैसे लेकर पहुंच जाते हैं उस शिफ्ट को यह हार्ड बता कर उसके नंबर बढ़ा देते हैं और जिस शिफ्ट के पास बच्चे कम होते है उसको आसान बताकर नंबर घटा देते हैं

    जो अखिलेश सरकार ने 2016 में विज्ञप्ति निकाली थी उसमें साफ-साफ लिखा था कि जो बच्चा प्रत्येक सब्जेक्ट में 50% नंबर लेकर आएगा वही एग्जाम क्वालीफाई करेगा और दूसरी स्टेज में जाएगा योगी सरकार के अधिकारियों ने इस विज्ञप्ति को एक साइड में रख कर दरोगा भर्ती कंप्लीट कर दी

    जो बच्चे 50 पर्सेंट होने के बाद भी फेल बता दिया गया वह लोग कोर्ट चले गए माननीय हाईकोर्ट ने पूरा रिजल्ट रदद कर दिया

    फिर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका डाली है माननीय हाईकोर्ट के खिलाफ याचिका गिरी जो माननीय सुप्रीम कोर्ट ने रिजेक्ट कर दी अब दूसरी पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में ऑर्डर 05/feb/2021 को रिज़र्व कर दिया है

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