UP में ऑक्सीजन का आपातकाल, लगी लंबी लाइनें तो कहीं पर हो रही कालाबाज़ारी

कोरोना वायरस से UP के हालात दिन पर दिन खराब होते जा रहे हैं. देश के संक्रमित राज्यों की लिस्ट में उत्तर प्रदेश अब दिल्ली से आगे निकल कर छठे नंबर पर पहुंच गया है. सबसे भयानक स्थिति राजधानी लखनऊ में है.

oxygen crisis hospitals in lucknow up

ऑक्सीजन का आपातकाल

राजधानी लखनऊ के साथ ही अन्य महानगरों में भी ऑक्सीजन का आपातकाल है. इतना ही नहीं प्रदेश में टैक्नीशियन्स के संक्रमित होने के कारण अब आरटीपीसीआर टेस्ट भी नहीं हो रहा है. लखनऊ, झांसी, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी, गोंडा तथा मेरठ में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है. अलीगढ़ और कन्नौज में मरीज दम तोड़ रहे हैं. हजारों एंबुलेंस भी बिना ऑक्सीजन के दौड़ रही हैं.

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खुद करें ऑक्सीजन के इंतजाम

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राजधानी लखनऊ में 52 हजार ऐसे मरीज हैं जिनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है. ऐसे में एक-एक बेड के लिए मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है. अगर किसी तरह किसी अस्पताल में मरीज को बेड मिल भी रहा है तो ऑक्सीजन के इंतजाम खुद ही करने पड़ रहे हैं. लखनऊ के तालकटोरा इलाके में ऑक्सीजन रीफिलिंग सेंटर पर एक किलोमीटर की लंबी लाइन लगी हुई है.

बलरामपुर अस्पताल में 1 घंटे की आक्सीजन बची

लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में सिर्फ 1 घंटे की आक्सीजन बची रह गई है. यानी दोपहर 2:00 बजे तक यदि आक्सीजन सप्लाई नहीं पहुंची तो यहां पर भर्ती करीब 290 मरीजों की जान जा सकती है. ऑक्सीजन खत्म होने की बात को सुनकर यहां भर्ती मरीजों की जान अटक गई है. वहीं पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल है.

ऑक्सीजन की कालाबाजारी

हालात ये हैं कि अपने लोगों को बचाने के लिए कोई सिलेंडर को गोद में लेकर पहुंच रहा है तो कोई वाहनों पर लादकर ला रहा है. कोई रीफिलिंग के लिए 15 से 20 किमी तक की दौड़ लगा रहा है, लेकिन फिर भी ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है. सीतापुर में तो ऑक्सीजन की कालाबाजारी भी हो रही है. 300 रुपये का छोटा वाला सिलेंडर 600 रुपये में बेचा जा रहा है. यहां पर 600 रुपये का ऑक्सीजन सिलेंडर 1200 रुपये में बेचा जा रहा है.

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