ओमिक्रोन (Omicron) के खतरे के बीच बीजेपी सरकार हुई सख्त है..कल से लगेगा नाइट कर्फ्यू..

देश के कई राज्यों में ओमिक्रोन (Omicron) केस में जो बढ़ोतरी हो रही है..उसे देखते हुए उत्तर प्रदेश की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है..कल से राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाया जाएगा..और कोरोना के बढ़ते केसों के साथ शादी-विवाह आदि कोई भी कार्यक्रम होगा..उसमें कोविड को देखते हुए सिर्फ 200 लोगों को शामिल होने की इजाजत होगी..और जो भी कार्यक्रम होगा इस बात की सूचना है जो कार्यक्रम का आयोजन करेगा..उसे वहां के स्थानीय प्रशासन को देना होगा..

सरकार ने यह फैसला कोरोना के खतरे को देखते हुए उठाया है..उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते हुए मामले और क्रिसमस-न्यू इयर को देखते हुए योगी सरकार बहुत ही परेशान है..

ओमिक्रोन के मामले बढ़ रहें हैं..

नए वेरिएंट ओमिक्रोन (Omicron) से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है..अबतक भारत में ओमिक्रोन के करीब 358 मामले सामने आ चुके है..अगर बात आंकड़ो की करें तो ओमिक्रो के मामले काफी तेजी से बढ़ रहें हैं..यह काफी तेजी से लोगों की रफ्तार से लोगों को संक्रमित कर रहा है..ओमिक्रोन के मामले सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से आ रहें हैं..महाराष्ट्र में 88, दिल्ली में 67, तेलंगाना में 38, तामिलनाडु में 34, केरल में 29 मामले सामने आए हैं..

क्या इससे सबक लेंगी पार्टियां..

जो दूसरी लहर आयी है..उससे शायद ही कोई छूटा हो..इस आपदा से ठीक पहले बंगाल में विधिवत विधानसभा चुनाव कराए गए..ठीक से इसलिए क्योंकि देश के एक तरफ से लाखों कोविड के केस आ रहें थे..रोज हजारों की संख्या में लोग मर रहे थे..लेकिन नेताओं ने अपनी रैलियां और रोड-शो दोनों जारी रखे थे..इसमें कोई कमी नहीं कि गई..

उत्तर प्रदेश में इस साल कोविड की दूसरी लहर के बीच जो पंचायत चुनाव हुए उसे कौन भूल सकता है..4 चरणों में हुए पंचायत चुनाव हुए उसके बाद हुई मतगणना..उसके बाद गांव के क्षेत्र में कोरोना (Omicron) संक्रमण तेजी से फैला..जैसे ही चुनाव खत्म हुए हर जिले में दम तोड़ने वाले और संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ..गांव में काफी लोग ऐसे थे..जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी..और जिन सरकार कर्मचारियों की चुनाव में डयूटी लगी थी..वो जब अपने घर वापस आए तो अपना साथ कोरोना लेकर आए..

यूपी के गांवों में कोरोना की सुनामी लेकर आया पंचायत चुनाव


उत्तर प्रदेश में इसी साल अप्रैल-मई में कोविड की दूसरी लहर के बीच हुए ‘ऐतिहासिक’ पंचायत चुनावों को कौन भूल सकता है? चार चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और उसके बाद हुई मतगणना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैला। चुनाव के बाद हर जिले में दम तोड़ने वाले और संक्रमितों (Omicron) की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। गांव-गांव ऐसे लोग थे, जिन्हें बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सांस उखड़ने पर अस्पताल ले जाने से पहले ही इनकी मौत हो गई। हजारों की तादाद में जिन सरकारी कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगी, वे ड्यूटी से लौटे तो कोरोना साथ लेकर घर पहुंचे।

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