फांसी पर लटके चारों दुष्कर्मी, 7 साल बाद निर्भया को मिला इंसाफ, 17 घंटे ऐसे चला ड्रामा, पढ़ें-

सात साल बाद आज शुक्रवार को सुबह साढ़े पांच बजे निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटका दिया गया. बृहस्पतिवार सुबह 10:30 बजे से लेकर शुक्रवार तड़के ठीक 3:30 बजे तक दोषियों ने बचने के कई उपाए किये लेकिन इस बार वे कामयाब न हो सके.

nirbhaya gang rape and murder case rapists hanging
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चारों दोषियों मुकेश सिंह, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय ठाकुर को मौत की सजा दे दी गई है. जिसके बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, 7 साल की लंबी लड़ाई के बाद अब बेटी की आत्मा को शांति मिली है. देश की बच्चियों, पूरे देश को इंसाफ मिला है. आज का दिन देश की बच्चियों के नाम, निर्भया के नाम. आज का दिन निर्भया दिवस के तौर पर याद किया जाए.

इससे पहले निर्भया के दोषियों की फांसी की तारीख तीन बार टल चुकी थी. सबसे पहले 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी देने का आदेश था. उसके बाद 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देना का आदेश हुआ. उसके टलने के बाद फिर 3 मार्च सुबह 6 बजे मुकर्रर की गई थी. लेकिन वो भी टाल दी गई थी. क्युकी पवन की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित थी.

लेकिन इस बार दोषियों के वकीलों की कोई भी दलीलें काम नहीं आईं और सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला नहीं बदला. जब दोषियों को पता चला की अब वे नहीं बच सकते तो उनके होश ही उड़ गए. चारों दोषी बेचैन और आक्रामक हो उठे. वो लोग अपने सेल के अंदर चीखने चिल्लाने लगे. गुरुवार रात भर दोषियों को नींद नहीं आई. वो बेचैन होकर अपने बैरक में ही टहलते रहे. फांसी का खौफ उनके चेहरे पर साफ नजर आ रहा था.

फांसी की सुबह तड़के 3.30 बजे दोषियों को उठाया गया. दोषियों को पहनने के लिए साफ और नए कपड़े पैजामा कुर्ता दिया गया. फिर उन्हें खाने के लिए नाश्ता भी दिया गया. फांसी से ठीक एक घंटे पहले जेल सुपरिटेंडेंट, डिप्टी सुपरिटेंडेंट, डीएम-एडीएम और मेडिकल ऑफिसर इन दोषियों से मिले. फिर दोषियों के सामने हिंदी में डेथ वॉरंट पढ़ा गया. सुपरिटेंडेंट ने जल्लाद को इशारा किया और जल्लाद ने लीवर खींच दिया. इसी तरह चारों दोषियों को तिहाड़ की जेल नंबर-3 में आज 20 मार्च की सुबह साढ़े 5 बजे फांसी पर लटका दिया गया.

बतादें 16 दिसंबर 2012 की रात 6 लोगों ने चलती बस में दिल्ली में पैरामेडिकल छात्रा से दरिंदगी की गई थी. गंभीर जख्मों के कारण 26 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी. इस घटना के 9 महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने 5 दोषियों राम सिंह, पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को फांसी की सजा सुनाई थी.

एक अन्य दोषी नाबालिग होने की वजह से 3 साल में सुधार गृह से छूट चुका है. ट्रायल के दौरान मुख्य दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. जिसके बाद यही चार दोषी पवन, अक्षय, विनय और मुकेश ही बचे थे.

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