तीसरी बार टली निर्भया के दोषियों की फांसी, फूट-फूटकर रोईं निर्भया की मां, कहा- अब हार चुकी हूं

बड़ी खबर सामने आ रही है. निर्भया के चारों दोषियों के डेथ वारंट पर एक बार फिर से रोक लगा दी गई है. एक दोषी पवन गुप्ता की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित होने के चलते दिल्‍ली की कोर्ट ने अगले आदेश तक चारों दोषियों की फांसी पर रोक लगा दी है.

nirbhaya case delhi court further orders
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तीसरी बार फांसी टलने के बाद निर्भया की मां एक बार फिर फूट-फूट कर रोयीं. उन्होंने कहा कि दोषियों के वकील हर बार कानून के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और कानून भी दोषियों का साथ दे रहा है. मैं अब पूरी तरह हार चुकी हूं. सजा पर बार-बार रोक लगना सिस्टम की नाकामी दिखाता है. हमारा पूरा सिस्टम ही अपराधियों का मददगार है.

दरअसल पवन ने क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की थी. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के तुरंत बाद पवन ने दया याचिका दाखिल कर दी. फिर दोषी के वकील एपी सिंह ने दलील दी कि जब तक राष्ट्रपति इस पर फैसला नहीं लेते, तब तक अदालत डेथ वॉरंट पर रोक लगाए. जिसके बाद कोर्ट ने डेथ वारंट पर रोक लगाते हुए कहा कि चारों दोषियों में से एक दोषी पवन की दया याचिका राष्‍ट्रपति के पास लंबित है. ऐसे में फांसी नहीं दी जा सकती है.

बतादें कि निर्भया के दोषियों की फांसी की तारीख तीसरी बार टली है. सबसे पहले 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी देने का आदेश था. उसके बाद 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देना का आदेश हुआ. उसके टलने के बाद फिर 3 मार्च सुबह 6 बजे मुकर्रर की गई थी. लेकिन वो भी टाल दी गई है. लेकिन अब ये आखिरी बार माना जा रहा है. क्युकी अब सिर्फ पवन की दया याचिका ही राष्ट्रपति के पास लंबित है. बाकी तीनों दुष्कर्मियों के अधिकार ख़त्म हो चुके हैं.

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में निर्भया के साथ दुष्कर्म हुआ था. 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप हुआ था और आरोपियों ने उसके साथ बहुत ही दर्दनाक और शर्मनाक सुलूक किया था. छात्रा ने 29 दिसंबर 2012 को दम तोड़ दिया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई थी.

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