निर्भया: दुष्कर्मियों का चौथा डेथ वॉरंट जारी, 20 मार्च सुबह 5:30 बजे होगी फांसी, क्या फिर टलेगी ? जानें-

निर्भया के चारों दोषियों की फांसी की नई तारीख यानी चौथा डेथ वारंट जारी हो गया है. नए वारंट के अनुसार दोषियों को 20 मार्च सुबह 5:30 बजे फांसी होगी. क्या ये आखिरी तारीख होगी ? आइये समझते हैं.

nirbhaya case court new death warrant issue all 4 convicts

अब चारों दोषियों के सारे कानूनी दांवपेच खत्म हो चुके हैं. बुधवार को दोषी पवन की दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दी थी. अब ये चारों दुष्कर्मी कोई भी क़ानूनी दांवपेच नहीं खेल सकते हैं. तो लगभग मान लीजिये की इस बार फांसी तय है.

लेकिन गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में एक अपील लगाई थी जिसमें निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की बात की गई थी. और सुप्रीम कोर्ट इस अपील पर 23 मार्च को सुनवाई करेगा.

अब यहाँ एक सवाल खड़ा हो रहा है कि जब 20 मार्च सुबह 5:30 बजे चारों दोषियों को फांसी दे दी जाएगी तो फिर 23 मार्च अलग अलग फांसी देने पर सुनवाई करने का क्या मतलब है. या चौथी बार भी फांसी टाल दी जाएगी.

उधर निर्भया की मां ने चौथा डेथ वारंट जारी होने के बाद कहा कि 20 मार्च को हमारी जिंदगी की सुबह होगी. उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक चारों फांसी पर नहीं लटका दिए जाते. पूरी उम्मीद है कि ये अंतिम डेथ वारंट होगा. अगर कोई प्रक्रिया है तो वे उनको मरते हुए देखना चाहती हैं.

वहीं दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि दोषियों का ज्यूडिशियल मर्डर मत कीजिए. सीआरपीसी कहती है कि किसी को भी एक से ज्यादा बार फांसी की सजा नहीं दी जा सकती है. डेथ वारंट जारी कर चार बार मार चुके हो, और कितना निचोड़ोगे.

बतादें कि निर्भया के दोषियों की फांसी की तारीख तीसरी बार टली है. सबसे पहले 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी देने का आदेश था. उसके बाद 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देना का आदेश हुआ. उसके टलने के बाद फिर 3 मार्च सुबह 6 बजे मुकर्रर की गई थी. लेकिन वो भी टाल दी गई थी. क्युकी पवन की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित थी. लेकिन अब चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने का रास्ता साफ हो चुका है.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *