पहली बार 5 खिलाड़ी बने खेल रत्न, विनेश फोगाट कोरोना संक्रमित, एथलेटिक्स कोच का निधन, देखें- किसे क्या मिला

कोरोना के कारण नेशनल स्पोर्ट्स डे पर इस बार देश के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद खिलाड़ियों को पहली बार वर्चुअल तरीके से सम्मानित कर रहे हैं. मुश्किल हालात में भी सम्मान समारोह हो रहा है, इसे लेकर खिलाड़ी बहुत उत्साहित हैं.

national sports day virtual national sports awards ceremony
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अलग-अलग सात कैटेगरी में 74 खिलाड़ियों और कोच को पुरस्कार दे रहे हैं. खेल रत्न के लिए चुनीं गईं पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बनीं, टीम की कप्तान रानी रामपाल पीपीई किट पहनकर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, बेंगलुरु सेंटर में अवॉर्ड लेने पहुंचीं. खेल पुरस्कारों के इतिहास में इस बार पहली बार सर्वाधिक पांच एथलीट्स को सर्वोच्च खेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

  • क्रिकेट बिरादरी से रोहित शर्मा
  • टेबल टेनिस विधा से पहली बार मनिका बत्रा
  • पहलवानी से विनेश फोगाट
  • हॉकी से कप्तान रानी रामपाल
  • पैरा एथलीट मरियप्पन

ये 5 खिलाड़ी साल 2020 के खेल रत्न बने हैं. बतादें कि मरियप्पन देश के सबसे बड़े खेल सम्मान खेल रत्न को हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पैरा एथलीट हैं. उनसे पहले पूर्व पैरालंपिक विजेता देवेंद्र झाझरिया और दीपा मलिक को इससे सम्मानित किया गया था. वहीं रोहित शर्मा ये सम्मान पाने वाले चौथे क्रिकेटर होंगे, उनसे पहले सचिन तेंदुलकर(1997), महेंद्र सिंह धोनी (2007) और विराट कोहली(2018) में यह अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं.

लेकिन खिलाड़ी रोहित शर्मा और रेसलर विनेश फोगाट सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाए. विनेश की एक दिन पहले ही कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जबकि रोहित आईपीएल के लिए यूएई में हैं. खेल रत्न से सम्मानित हुईं टेबल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा ने कहा था कि हमें स्वीकार करना होगा कि कोरोना ने जीवन में ठहराव ला दिया है. लेकिन मैं समारोह को लेकर बहुत उत्साहित हूं.

इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि आप सबने ये सिद्ध किया है कि इच्छा, लगन और मेहनत के बल पर सभी बाधाओं को दूर किया जा सकता है. यही खेल-कूद की सबसे बड़ी विशेषता है, यही अच्छे खिलाड़ी का आदर्श है. आज का ये पुरस्कार समारोह, कड़ी मेहनत और समर्पण से प्राप्त की गई आप सबकी सफलता का उत्सव है. आप सबने वर्षों की मेहनत, लगन और साहस के बल पर अपनी खास पहचान बनाई है.

इस बार खेल पुरस्कारों की इनामी राशि में भी भारी बढोतरी की गई है. खेल दिवस के मौके पर मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी घोषणा की है. सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न की पुरस्कार राशि में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. सर्वोच्च खेल सम्मान के लिए पहले साढ़े सात लाख रुपये मिलते थे. इस बार 25 लाख रुपये दिए गए हैं. प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड की इनामी राशि को तीन गुना बढ़ाते हुए खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये की जगह 15 लाख रुपये कर दिया गया है. वहीं ध्यानचंद अवॉर्ड और लाइफ टाइम द्रोणाचार्य अवॉर्ड की इनामी राशि में भी इजाफा किया गया है. इन दोनों अवॉर्डों के लिए पांच लाख रुपये दिए जाते थे लेकिन अब इसके लिए 15 लाख रुपये इनामी राशि की गई है.

इस सेरेमनी के चलते एक दुःख की खबर भी सामने आई है. राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में द्रोणाचार्य पुरस्कार (आजीवन) से सम्मानित होने से पहले ही अनुभवी एथलेटिक्स कोच पुरुषोत्तम राय का बेंगलुरु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. 79 साल के पुरुषोत्तम राय 2001 में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के कोच के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. वंदना राव, अश्विनी नाचप्पा, प्रमिला अयप्पा, रोजा कुट्टी, एमके आशा, बी शायला, मुरली कुट्टन जैसे शीर्ष एथलीट को तैयार करने वाले कोच राय के निधन पर खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने भी शोक जताया है.

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