यूएन में बोले PM मोदी, भारत अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करेगा तो ये दुनिया के लिए भी फायदेमंद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सत्र को संबोधित किया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के खिलाफ जंग में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला. भारत की नीतियों को दुनिया के सामने रखा.

Narendra Modi un Keynote Address At The Un Forum
Narendra Modi un Keynote Address At The Un Forum

पीएम मोदी ने कहा कि हमने कोरोना के दौर में 150 देशों को मदद दी. सार्क कोविड फंड बनाया है. हमने सरकार की कोशिशों को जनता के साथ जोड़ा और कोरोना के खिलाफ जंग को जनता का अभियान बना दिया है. संयुक्त राष्ट्र मूल रूप से द्वितीय विश्व युद्ध के उपद्रवों से पैदा हुआ था और कोविड-19 के प्रकोप ने इसे पुनर्जन्म और सुधार के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं.

हमारे पास इस संस्थान में सुधार करने और इसका नए सिरे से स्थापना करने का मौका दिया है. यूएन की स्थापना का ये 75वां साल है और हमें इसमें सुधार के अवसर को गंवाना नहीं चाहिए. आज यूएन 193 देशों को साथ लाया है. इसके साथ ही यूएन से उम्मीदें भी बढ़ी हैं. कई चुनौतियां भी हैं. आज हम 2030 के एजेंडा और स्थायी विकास के लक्ष्यों में अपना योगदान कर रहे हैं.

भारत पूरी दुनिया की जनसंख्या के छठवें हिस्से का घर है. हम जानते हैं कि हमारी जिम्मेदारी क्या है. हम जानते हैं कि अगर भारत अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करता है तो ये दुनिया के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए भी फायदेमंद रहेगा. हमारा नारा है कि सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास. भूकंप हों, तूफान हों, इबोला हो या कोई भी मानव जनित या प्राकृतिक परेशानी हो, भारत ने हमेशा दूसरों की मदद की है.

बतादें कि इस साल जून में भारत यूएन के सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का अस्थाई सदस्य चुना गया था. इसके बाद ये पहला मौका है जब मोदी ने ऐसे किसी कार्यक्रम में अपनी बात रखी. भारत ने शुरुआत से ही संयुक्त राष्ट्र के और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के विकास कार्यों का सक्रिय समर्थन किया है. यूएनईएससी के पहले अध्यक्ष भी भारतीय ही थे. भारत ने इसके एजेंडा को स्वरूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

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