माया में कहा- मुलायम को ‘रिकॉर्ड तोड़’ वोटों से जिताएं, मुलायम बोले ये मेरा ‘आख़िरी चुनाव’

सियासी रण में आज शुक्रवार को सपा, बसपा और रालोद गठबंधन की संयुक्त रैली हुई. जिसमें 25 साल के दो दुश्मन मुलायम सिंह यादव और मायावती एक साथ मिले. संयुक्त रैली में मायावती ने मुलायम के लिए प्रचार भी किया.

mulayam singh yadav akhilesh yadav and mayawati address alliance rally in mainpuri
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मैनपुरी के क्रिश्चियन ग्राउंड में ये सभा हुई. सबसे पहले समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव मंच पर आये. उन्होंने कहा कि ये हमारा अंतिम चुनाव है. जनता से बोले कि मैनपुरी से हमको भारी बहुमत से जिता देना. माया पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मायावती जी का हम सम्मान करते हैं. आप सब भी उनका बहुत सम्मान करना. मैं इनका बड़ा अहसान कभी नहीं भूलुंगा. आप लोग इनकी इज्जत करना. बहुत दिनों बाद साथ आने के लिए मायावती जी का अभिनंदन करता हूं. उम्मीद है कि सपा-बसपा का गठबंधन राज्य में भारी मतों से जीतेगा.

उसके बाद मायावती भी उठीं और मुलायम के सम्मान में बहुत कुछ बोल डाला. माया ने कहा कि पार्टी हित और देश हित में कुछ कठिन फैसले लेने पड़ते हैं. मुलायम सिंह यादव जी देश के काफी बड़े नेता हैं. जो कहते हैं वो करते हैं. ये मोदी की तरह पिछड़े वर्ग के नकली नेता नहीं हैं. मुलायम सिंह ने पिछड़ों का विकास किया है. मुलायम को मैनपुर में आप रिकॉर्ड तोड़ वोटों से जिताएं. इस चुनाव में असली और नकली की पहचान कर लेना है.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मायावती के भतीजे आकाश आनंद तथा सतीश चंद्र मिश्रा भी मंच पर हैं. मायावती के बाद अखिलेश यादव ने भी कहा कि ये चुनाव देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है. बीजेपी ने नोटबंदी और जीएसटी लगाकर व्यापार बंद कर दिया है. हमें नया प्रधानमंत्री बनाना है. नया प्रधानमंत्री बनने से ही नया भारत बनेगा. बतादें, इस रैली में रालोद प्रमुख अजित सिंह नहीं पहुंच सके.

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में 1993 में गठबंधन कर सरकार बनाने वाली सपा और बसपा के बीच 2 जून 1995 को लखनऊ में हुए गेस्ट हाउस काण्ड के बाद जबर्दस्त खाई पैदा हो गयी थी. मगर इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए दोनों पार्टियों ने अपने गिले-शिकवे भुला दिये हैं. और एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. अखिलेश और मायावती आज ही बरेली में भी एक सभा करेंगे. इसके बाद 20 अप्रैल को रामपुर और फिरोजाबाद में, 25 अप्रैल कन्नौज, 1 मई को फैजाबाद, 8 मई को आजमगढ़, 13 मई को गोरखपुर में गठबंधन की रैली होंगी.