crossorigin="anonymous"> प्रधानमंत्री से सवाल करने पर जेल क्यों ? : संपादकीय व्यंग्य - Ulta Chasma Uc

प्रधानमंत्री से सवाल करने पर जेल क्यों ? : संपादकीय व्यंग्य

“”अगर अब प्रधानमंत्री से सवाल करना देश की अखंडता से खिलवाड़ है..तो अब कानून में सीधा लिखना चाहिए कि कुछ भी हो जाए..आप कुछ भी करिए..बिना ऑक्सीजन के मरिए..बिना दवा के मरिए..गंगा में बह जाइये..बालू में तफ्न हो जाईये..लेकिन देश में प्रधानमंत्री से सवाल करना मना है“”….

दोस्तों हिंदुस्तान की राजधानी दिल्ली में काले रंग के पोस्टर पर सफेद स्याही से लिखा था..कि मोदी जी हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेजी..ये पोस्टर मजदूरों से लगवाए गए थे…मोदी जी से सवाल पूछते इन पोस्टर्स को देश की अखंडता के खिलाफ माना गया…25 पर FIR लिखी गई..देश के मजदूरों की इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि राजा से सवाल कर सके..ऐरा गैरा राह चलता आदमी भी मोदी जी से ही सवाल कर रहा है..कोई राहुल गांधी से पूछ ही नहीं रहा है कि कैसे नेहरू ने देश बर्बाद किया..किसी को कोई डर ही नहीं रह गया है..25 FIR के बाद अब थोड़ा डर पैदा हो गया है..कि अगर मोदी जी को कुछ कहेंगे और बात उन तक पहुंच गई तो जेल तय है..इससे राजा के प्रति सम्मान की अनिवर्यता की भावना का विकास होगा..जिन नेताओं ने पोस्टर लगवाए थे उन पर कोई FIR नहीं हुई..

दिल्ली में प्रधानमंत्री से सवाल पूछते पोस्टर लगाए गए..इसके बाद 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई..

मोदी जी हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेज दिया..इस लाइन के लिए देश के 25 लोगों को बुक किया गया.. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि के नागराज नाईडू ने खुद माना है और गर्व से बताया है कि भारत ने अपने लोगों से ज्यादा वैस्कसीन विदेशों को दी है..क्या इनपर भी सरकार fir करेगी या फिर ये बात विदेश में बताने से इमेज चमकती है..और देश में कोई पूछ ले तो देश की अखंडता को खतरा हो जाता है..ये बताने की भी कोशिश चल रही है कि मोदी जी ही देश हैं..प्रधानमंत्री से सवाल का मतलब देश से सवाल है..तिरंगे से सवाल है..

दिल्ली में जिन मजदूरों और प्रिंटिंग प्रेस वालों पर FIR हुई हैं..उन पर चार्ज PDPP का लगाया गया है..यानी Prevention of Damage to Public Property Act,1984 हिंदी में इसे लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 का कानून कहते हैं...कागजों में बताया गया कि पोस्टर लगाने से पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज हो गई है..इसलिए पोस्टर लगाने वाले मजदूरों पर मुकदमा हुआ है..पब्लिक प्रॉपर्टी बहुत महंगी होती है..जिस दीवार पर लोग पेशाब करते थे..जहां कुत्ते मल त्याग करते थे..जहां लोग पान खाकर थूकते थे वहां तक पोस्टर चिपका दिया था..इन अनपढों को कौन समझाए..लगाना ही था तो पोस्टर पेट्रोल पंप पर लगाते..

खैर सीरियस नोट पर मैं एक बात पूछती हूं..जब मोदी जी किसी राज्य में जाते हैं तो उनके स्वागत में शौचालय की दीवारों से लेकर..दिशा बताने वाले साइन बोर्डों तक में लल्लू गुड्डू पिंटू जैसे नेता राज्यों के मुख्यमंत्री स्वागताकांक्षी बनकर पोस्टर लगा देते हैं क्या उससे पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज होती है..रैलियों में पूरा शहर के खंभे पोस्टर बैनर से पाट दिये जाते हैं..क्या वो पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक अंतरगत आते हैं..

देखिए भारत में जब किसी को गिरफ्तार किया जाता है तो एक धारा नहीं लगाई जाती है..कई धाराएं लगाई जाती हैं..दूसरी धारा लगाई गई प्रेस रजिस्ट्रेशन एक्ट 1867..ये धारा ये कहती है कि लिखने वालों की ये जिम्मेदारी है कि वो देश की अखण्डता, प्रभुसत्ता और एकता को कायम रखने की दिशा में अपना रचनात्मक सहयोग दें..अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर मीडिया को राष्ट्रीय एकता और अखण्डता के साथ खिलवाड़ करने को अनुमति नहीं दी जा सकती..

तो पोस्टर में लिखा था कि मोदी जी आपने हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेशों में क्यों भेज दिया..क्या इस वाक्य से देश की एकता अखंडता और राष्ट्रीय एकता को कोई खतरा है..ये तो अपने देश के प्रधानमंत्री से सवाल है..और अगर अब प्रधानमंत्री से सवाल करना देश की अखंडता से खिलवाड़ है तो अब कानून में सीधा लिखना चाहिए कि कुछ भी हो जाए आप कुछ भी करिए..बिना ऑक्सीजन के मरिए..बिना दवा के मरिए..गंगा में बह जाइये..बालू में तफ्न हो जाईये..लेकिन देश में प्रधानमंत्री से सवाल करना मना है..देश में बाकी सब चलेगा..लेकिन प्रधानमंत्री से सवाल बर्दाश्त नहीं होगा..चलते हैं राम राम दुआ सलाम..जय हिंद..

Q- who is prime minister of india- भारत का प्रधानमंत्री कौन है ?

Ans- Narendra damodar das modi is indian prime minister नरेंद्र दामोदर दास मोदी भारत के प्रधानमंत्री है.

Q – भारत ने कितनी कोरोना वैक्सीन बनाई हैं How many Corona vaccines has India made?

Ans – 2 vaccines

Q- भारत में बनी कोरोना वैक्सीन के नाम क्या हैं ? What are the names of corona vaccine made in India?
Ans- Covaxine and covidshield  कोवैक्सीन और कोविडशील्ड 


DISCLAMER- लेख में प्रस्तुत तथ्य/विचार लेखक के अपने हैं. किसी तथ्य के लिए ULTA CHASMA UC उत्तरदायी नहीं है. लेखक एक रिपोर्टर हैं. लेख में अपने समाजिक अनुभव से सीखे गए व्यहवार और लोक भाषा का इस्तेमाल किया है. लेखक का मक्सद किसी व्यक्ति समाज धर्म या सरकार की धवि को धूमिल करना नहीं है. लेख के माध्यम से समाज में सुधार और पारदर्शिता लाना है.

16 thoughts on “प्रधानमंत्री से सवाल करने पर जेल क्यों ? : संपादकीय व्यंग्य

  • May 22, 2021 at 8:33 pm
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    बहुत ही ज्यादा सच्चे और सटीक विचार लिखे है आपने मै हमेशा आपको सुनती और पढ़ती हूँ आप ऐसे ही अपनी पत्रकारिता को आगे बढ़ाते रहिये हम आपके साथ हैं लेख और कविता मैं भी लिखती हूँ आपको पढ़ती और सुनती हूँ तो लगता है देश के हर नागरिक के विचार आपके माध्यम से बाहर निकल कर आ रहे हैं।🙏

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    • May 22, 2021 at 10:18 pm
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      आपने अपनी राय हमसे साझा की हमें बहुत प्रसन्नता हुई..आप अपनी कविता या कविता का लिंक यहां किसी भी पोस्ट पर कमेंट के माध्यम से भेज सकती हैं..मैं सुनना चाहती हूं..वेबसाइट के कमेंट मुझ तक पर्सनली पहुंचते हैं..इसलिए यहां बातचीत बहुत आसान हो जाती है..मैं तो कहती पर वेबसाइट पर कमेंट करके चिटचैट बहुत ही अच्छा तरीका है..

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  • May 22, 2021 at 9:46 pm
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    बहुत ही सटीक और कम शब्दों में जनता की आवाज की तरह लिखा है 🙏🙏

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  • May 23, 2021 at 1:24 pm
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    आप का लेख पढ के बहुत अच्छा लगा सही मायने मे आप ही लोगों का दर्द और मुख्य मीडिया की चापलूसी उजागर कर रही हैं

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    • May 24, 2021 at 12:10 am
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      लेख पर आपकी बेशकीमती राय के लिए शुक्रिया..बेशकीमती इसलिए क्योंकि अपना ईमेल भरकर नाम भरकर..अगर आपने अपनी राय रखी है तो आप हमारे अमूल्य और सीरियस पाठक हैं. भविष्य में भी हमें आपकी राय आपके विचारों का इंतजार रहेगा..धन्यवाद..

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  • May 24, 2021 at 9:50 pm
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    आप लोगो तक सत्य पहूचा रही है बोहोत अच्छा काम कर रही हे आप आपकी पत्रकारीता को सलाम आप एसे ही आगे बढते रहीए हम आपके साथ हे…..

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  • May 28, 2021 at 1:50 am
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    I like your wording and way of representing. Also write on other problems like education and on other states situation of education and reality. I m from education higher department so I am waiting for reality of this field

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      • May 28, 2021 at 5:04 pm
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        आपकी लोकप्रियता हमारे घर मे अत्यधिक हो चुकी है, मेरी माता जी को आपका निडर और साहसिक अंदाज़ बहुत ही ज्यादा पसंद है, आप ऐसे ही जनता और समाज की समस्याओं को और सरकार की विफलताओ की आवाज़ को उठाती रहे, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते है।

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        • May 28, 2021 at 8:16 pm
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          कमेंट में आपकी राय के लिए शुक्रिया..घर वालों को मेरा प्रणाम कहिएगा..

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  • May 28, 2021 at 3:44 pm
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    Aligarh ke vidhayak nidhi ki taraf se Aligarh city ke ander 25-30 smari dwar banwaye gaye hai jiska ki public ke kisi bhi kaam ke nahi hai

    1 dwar ki keemat lagbhag 1 lakh something hai

    Kisi ke ghar ke aage laga diya
    Kisi ki dukaan ke aage laga diya

    Meri aap se vinti hai ki
    Please ek vedio bana dijiye

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    • May 28, 2021 at 4:58 pm
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      सर समझी नहीं आप क्या कहना चाहते हैं..

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  • May 30, 2021 at 2:24 pm
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    First of all…a very beautiful noon. The way you write as well as elaborate the reality of present democracy of India is really outstanding. If there were a genuine journalist in India like Pragya Ma’am since unknown time, it would be a golden bird again. Kindly keep it up. India needs such journalist’s…I watch and like each and every video you upload on YouTube…

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    • May 30, 2021 at 3:53 pm
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      धन्यवाद..आपकी बेशकीमती राय के लिए शुक्रिया..हम चाहते हैं आप हमारे नियमित पाठक बनें..

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