प्रधानमंत्री की मीटिंग का वीडियो LIVE कर दिया..क्या ये गुप्त मीटिंग थी ?


बंगाल की रैलियों के बीच आदरणीय प्रधानमंत्री को देश का कोरोना दुखड़ा सुनने का समय मिल गया..देश भर के मुख्यमंत्री अपना अपना दुखड़ा रो रहे थे..दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी अपनी समस्या प्रधानमंत्री को बताई..केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से कहा कि उनके ऑक्सीजन से भरे ट्रकों को दूसरे राज्य रोक लेते हैं..मोदी जी सेना लगाकर दिल्ली तक ऑक्सीजन पहुंचाईये..दिल्ली को ऑक्सीजन ना मिले तो वो किस मंत्री को फोन करें..मोदी जी उसका नंबर बताएं..

प्रधानमंत्री डाल डाल हैं तो केजरीवाल पात पात..केजरीवाल इधर प्रधानमंत्री से बात कर रहे थे..उधर लाइव चल रहा था देश देख रहा था कि ओह अइसे मीटिंग होती है..बड़े लोग अइसे मीटिंग करते हैं…किसी ने मीटिंग में ही दौड़कर प्रधानमंत्री को बता दिया कि मोदी जी केजरीवाल लाइव कर दिहिस है पूरे देश देख रहा है..मोदी जी ने मीटिंग में ही कहा..केजरीवाल जी आप जो मीटिंगी की बातें लाइव कर रहे हैं ये परंपरा का हिस्सा नहीं है..केजरीवाल ने कहा माफ करिए माई बाप..अगर हुजूर की शान में कोई गुस्ताखी हुई हो क्षमा चाहेंगे..बाकी मैंने जो कहा है उस पर ध्यान दीजिएगा तो दिल्ली बच जाएगी..

पहिले तो सारे चैनलों ने दबा के वीडियो दिखायाउसके बाद प्रोटोकॉल का बाजा बजना शुरू हुआ..बीजेपी सरकार ने कहा कि केजरीवाल ने जो किया वो प्रोटोकॉल खिलाफ है ये नियमविरुद्ध है..बाद में केजरीवाल की पार्टी ने कहा मीटिंग की बातें सार्वजनिक ना करने का हमारे पास कोई सरकारी आदेश नहीं था..हमको नहीं मालूम था कि ये कि देश को नहीं दिखाना है..छिपाकर रखना है..अगर किसी को दिक्कत हुई है तो माफी चाहते हैं..

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दोस्तों प्रोटोकॉल का क्या है कि अगर प्रोटोकॉलों का पालन होता तो देश में कोरोना की महामारी आती ही नहीं..जब कोरोना महामारी फैल रही थी तो मोदी जी आपको देश में ट्रंप को बुलाकर टहलना नहीं चाहिए था..ये नैतिक प्रोटोकॉल के खिलाफ था..प्रधानमंत्री जी आपको बंगाल की रैलियाों में मास्क लगाना चाहिए था ..ये महामारी अधिनियम वाले प्रोटोकॉल्स के खिलाफ था..

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जब देश तड़प रहा हो और देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रैली करते रहे..ये भारतीय संस्कृति में आत्मा को जवाब देने वाले प्रोटोकॉल के खिलाफ है..मैं और पीछे जाऊंगी तो संविधान की धज्जियां उड़ाने वाले प्रोटोकॉल्स की बातें होने लगेंगी..पत्रकारों को न्यूज चैनलों से निकलवाने की बातें होने लगेंगी..और मैं प्रज्ञा मिश्रा भारतीय संविधान में भरोसा रखती हूं..किसी प्रोटोकॉल को तोड़ने में भरोसा नहीं रखती..मेरे प्रधानमंत्री मेरे लिए आदरणीय हैं..लेकिन दोस्तों देश में प्रधानमंत्री जितना चतुर चालाक एक ही आदमी है..प्रधानमंत्री जितनी बौद्धिक क्षमता वाला एक ही मुख्यमंत्री है..और वो हैं अरविंद केजरीवाल..घूसा मारकर कहते हैं स्वारी सर दर्द तो नहीं हुआ..और एक बात मेरे भी समझ में नहीं आई कि प्रधानमंत्री जी आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग वाली मीटिंग में अकेले मास्क लगाकर बैठते हैं और रैली में बिना मास्क घूमते हैं..चलते हैं राम राम दुआ सलाम जय हिंद..

डिस्क्लेमर- संपादकीय व्यंग्य लेख में लेखक के अपने निजी विचार हैं..इस लेख का मक्सद किसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं है..लेख में बाताई गईं बातें सरल भाषा में बताई गई हैं..जो सत्य के करीब हैं..