मंत्री (Minister) के बेटे ने किसानों को रौंदा ? इतने क्रूर ना अंग्रेज थे ना आक्रमणकारी : संपादकीय व्यंग्य

PRAGYA KA PANNA
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दोस्तों उत्तर प्रदेश के भीतर इतना बड़ा नर संहार हुआ..आरोप है कि किसानों को देश के गृह राज्य मंत्री (Minister) अजय मिश्रा उर्फ टेनी के बेटे ने अपनी थार गाड़ी से कुचलकर मार डाला..प्रदर्शन करते किसान रास्ते से नहीं हटे तो उनपर अपनी गाड़ी चढ़ा दी..आजाद भारत के इतिहास में ऐसा घटना कभी दर्ज नहीं हुई..और गुलाम भारत के इतिहास में जाएंगे तो अंग्रेजों का जलियावाला बाग पाएंगे..दोस्तों इंसानों को सड़क पर रौंदकर मंत्री के बेटे ने केवल इसलिए मार डाला क्योंकि वो किसान उस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे जिस सरकार में उसके बाप मंत्री (Minister) हैं..क्या देश में अब खिलाफत की आवाज को ऐसे दबाया जाएगा..जो खिलाफ बोलेगा उसे कुचल दिया जाएगा..मार दिया जाएगा गाड़ी चढ़ा दी जाएगी..

बीजेपी सरकार के मंत्री (Minister) का लड़का धरने पर बैठे किसानों को अपनी थार गाड़ी से रौंदकर मार देता है. इतने बर्बर..इतने क्रूर..ना अंग्रेज़ थे..ना आक्रमणकारी थे..और देखिए दोस्तों लखीमपुर खीरी में नरसंहार के बाद उत्तर प्रदेश में दो हिंदी अखबार छपते हैं..एक अखबार बिककर छपा और दूसरा छपकर बिका है..इनके नाम मुझे लेने की जरूरत नहीं हैं..इनमें एक पढ़ने से पहले से रद्दी है दूसरा पढ़ने के बाद रद्दी बनेगा..ऐसे झूठे ऐसे बिके हुए अखबार के मालिक के लिए मेरे मन में सहानुभूति है..आप अखबार चुनते समय सावधान रहें..यूपी की पुलिस किसानों को नहीं बचा पाई लेकिन रात भर नेताओं को रोकती रही..ये प्रियंका गांधी हैं..पूरे विपक्ष में सबसे ज्यादा एक्टिव प्रियंका गांधी नजर आईं है..

प्रियंका गांधी और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह दो ही नेता थे जो लखनऊ की सरहद से आगे बढ़ पाए बाकि सारे नेताओं को पुलिस ने लखनऊ का बॉर्डर नहीं लांघने दिया..अखिलेश यादव को घर से निकलते ही गिरफ्तार कर लिया..अखिलेश के रास्ते में ट्रक खड़ा कर दिया गया..कानून की कौन सी किताब ये करने को कहती है इसका जवाब पूरी सरकार मिलकर भी नहीं दे सकती लेकिन राम राज में सब चलता है..जब किसानों को रोकने के लिए ये सरकार रास्ते को जेसीबी से खुदवा सकती है…तो रास्ते में ट्रक खड़ा करना बहुत मामूली बात है..

दोस्तों लखीमपुर में ये घटना दिन में हुई लेकिन यूपी सरकार को समझ में ही नहीं आ रहा था कि कहा क्या जाए..सरकार रात साढे 10 बजे इस नर संहार को दुर्भाग्यपूर्ण बता पाई..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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