राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों और छात्रों को घर जाने की अनुमति, गृह मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइंस, देखें-

लॉकडाउन के 35 दिनों बाद केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत दी है. सरकार के इस फैसले से देशभर में फंसे करीब 10 लाख से ज्यादा मजदूरों, छात्रों, श्रद्धालुओं, सैलानियों को राहत मिलेगी.

mha allows interstate movement of migrant workers tourists students etc
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐसे लोगों को घर जाने की अनुमति दे दी है जो लॉकडाउन के चलते अपने घर से दूर या बाहरी राज्यों में फंसे हुए हैं. मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी. तभी से प्रवासी मजदूर, बाहर पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राएं अन्य लोग जहाँ थे वहीं फंस गए थे और लंबे समय से घर वापस पहुंचाने की मांग कर रहे थे. जिसको देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दे दी है.

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हालांकि, गृह मंत्रालय ने अनुमति देने के साथ ही कुछ शर्तें भी लागू की हैं, जिनका पालन किया जाना अनिवार्य होगा. मंत्रालय की तरफ से 6 शर्तें लगाई गई हैं.

1. सभी राज्य और केंद्र शासित राज्य सरकारें मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को घर भेजे जाने के लिए नोडल अथॉरिटी गठित करें, यही अथॉरिटी अन्य राज्य सरकारों के साथ बातचीत करके फंसे हुए लोगों को भेजने और उन्हें वापस बुलाने का काम करेगी. अथॉरिटी की जिम्मेदारी होगी कि वह फंसे हुए लोगों का रजिस्ट्रेशन कराएं.

2. अगर कहीं पर कोई समूह फंसा हुआ है और वो अपने मूल निवास स्थान जाना चाहता है तो राज्य सरकारें आपसी सहमति के साथ उन्हें छूट दे सकतीं हैं.

3. फंसे हुए लोगों की पूरी तरह से मेडिकल जांच होगी. बगैर लक्षण वाले को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी.

4. जिस बस में लोगों को ले जाने की व्यवस्था होगी उसे पूरी तरह से सैनिटाइज कराया जाएगा और अंदर भी लोगों को बैठाने में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराया जाएगा.

5. राज्य सरकारें फंसे हुए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए खुद रूट तय करेंगी.

6. घर पहुंचते ही लोगों की जांच होगी. इसके बाद सभी को 14 दिनों का होम क्वारैंटाइन में रहना होगा. इस बीच लोगों को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप हमेशा ऑन रखना होगा ताकि उन्हें ट्रेस किया जा सके.

इन शर्तों के साथ अब हर प्रदेश दूसरे प्रदेशों में अपने नागरिकों को वापस ला पाएगा और अपने यहां फंसे दूसरे प्रदेशों के नागरिकों को वहां भेज पाएगा. कई राज्य पहले से ही अपने राज्य के लोगों को लाने के प्रयास में लगे हुए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार राजस्थान और हरियाणा में फंसे अपने छात्र छात्राओं को उनके घर पहुंचा चुकी है.