बैठक से पहले माया ने पदाधिकारियों से उतरवाए चप्पल-चेन, रखवा ली गाड़ी की चाभी

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज मंगलवार को लखनऊ के माल एवेन्यू रोड स्थित अपने कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की है. इस बैठक में उन्होंने उपचुनाव की तैयारी करने को लेकर निर्देश दिए हैं.

mayawati meeting bypoll in uttar pradesh
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मायावती ने पदाधिकारियों को जनता के बीच जाकर भाईचारा कमेटी बनाने और उनके सुख-दुख में शामिल होने का निर्देश दिया है. उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों की घोषणा जल्द की जाएगी. माया ने कहा कि भाजपा ने महाराष्ट्र में मराठा समाज के आरक्षण को लेकर जिस तरह की जल्दबाजी दिखाई अगर उतनी ही सजगता अलग-अलग सरकारी विभागों में लंबित पड़े एस.सी, एस.टी और ओबीसी वर्गों के पदों को भरने में दिखाई होती तो ज्यादा अच्छा होता.

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बैठक में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा व अलीगढ़ मंडल के अलावा बरेली, कानपुर, झांसी व चित्रकूट मंडल के जिम्मेदार पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था. बड़ी बात तो ये है कि बैठक शुरू होने से पहले ही मायावती ने सभी नेताओं के चप्पल और गले की चेन उतरवा ली थी. यहाँ तक कि गाड़ी की चाभी भी बाहर ही जमा करवा ली थी.

वहीं 17 जातियों को लेकर सोमवार को मायावती ने तंज कसते हुए कहा था कि योगी सरकार का ये आदेश पूरी तरह से गैर-कानूनी और असंवैधानिक है. जब सरकार जानती है कि इन 17 जातियों को अनुसूचित जाति का लाभ नहीं मिल सकता है तो सरकार ने ऐसा फैसला क्यों किया? इससे साफ है कि योगी सरकार ने सपा सरकार की तरह इन 17 जातियों को धोखा देने के लिए ये आदेश जारी किया है.

ऐसा करना सिर्फ संसद का अधिकार है. उप चुनाव को देखते हुए ऐसा किया गया है. अब ये 17 जातियां किसी भी श्रेणी का लाभ प्राप्त नहीं कर पाएंगी, क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें ओबीसी नहीं मानेंगी. अगर ऐसा किया ही जाना है तो पहले एससी का कोटा बढ़ाया जाए जिससे कि कोटे में शामिल हुईं 17 नई ओबीसी जातियों को इसका लाभ मिल सके.