मास्क के नए नियय..बिना मास्क पाए गए तो 1 लाख जुर्माना | PRAGYA KA PANNA

मंत्री जी जब घर से निकलते हैं तो उनको लगता है वो समाजसेवक हैं..और जब मंत्रालय से रात को वापस लौटते हैं तो उनको वैज्ञानिक जैसा फील होता है..उनको लगता है साला उनसे बड़का डॉक्टर पैदा नहीं हुआ..WHO..और ICMR वाले डॉक्टर ( DOCTOR) उनके आगे चपरासी हैं.. CORONA से बचने के दिनभर में छत्तीस सौ नियम बताते हैं..और तो और पालन भी कराते हैं..जब बंदर के हाथ में उस्तुरा पकड़ा ही दिया है तो वो कहां कहां फिरागा ये बंदर ही बता सकता है..अब सबसे नया नियम सुन लीजिए..जो मास्क नहीं लगाएगा..उसको दो साल के लिए जेल भेजा जाएगा..और 1 लाख रुपए जुर्माना वसूला जाएगा..लेकिन याद रखना जिस दिन से जनता ने तुम पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया उस दिन किडनी बेचकर भी नहीं भर पाओगे..जनता ने अगर पूछ लिया कि अस्पतालों में बेड क्यों नहीं है..स्वास्थय सुविधाएं दो कौड़ी की क्यों हैं..कोरोना मरीजों को एंबलेंस क्यों नहीं मिल रही हैं..कोरोना का इलाज फ्री क्यों नहीं है उस दिन पतलून ढीली हो जाएगी..मास्क ना लगाने पर 2 साल की सजा और 1 लाख रुपए जुर्माना कर दिया है..इतना आम आदमी तो क्या तुम्हारे पप्पा भी नहीं दे पाएंगे..सोचते वोचते हो क्या कर रहे हो क्या कह रहे हो..कोरोना से निपटने के मामले में तुम फेल हो..जीरो हो..तुमको किसी ने भले ना बताया हो..हम बताए देत हैं…ये एक लाख जुर्माने वाला नियम झारखंड सरकार ने लागू कर दिया है..
और सीजनल वैज्ञानिकों का दूसरा फरमान सुन लो..आधा कोरोना बीत जाने के बाद इनको पता चला है कि..जिस एन 95 वाले मास्क में छेद होता है..उस मास्क में कोरोना ऊंचा नीचा गिलास खेलता है..केंद्र सरकार की तरफ से सारे राज्यों को चिट्ठी लिखकर कहा गया है कि ”छिद्रयुक्त N-95 मास्क से कोरोना वायरस नहीं रुकने वाला है और यह कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के उलट है”.

ये कितने बड़े वाले हैं..इनकी वैज्ञानिकता देखिए..पहले कहा कार में ड्राइवर के साथ आगे कोई नहीं बैठेगा..कोरोना खा जाएगा..कार में सिर्फ दो ही लोग बैठो..लेकिन जब मजदूरों को लाने के लिए बसें चलाईं तो सबको गांजकर उसमें ठूस दिया..फिर कहा बाइक पर एक ही आदमी बैठेगा वर्ना कोरोना जिंदा निगल जाएगा..लोगों ने मान लिया..फिर इन नमूनों ने कहा जहाजों को बहुत घाटा हो रहा है..जहाज उड़ाओ..जहाज उड़ाए गए..लोगों ने सवाल किया कि एक सीट छोड़कर बिठाओ..वर्ना कोरोना काट खाएगा..और तब इन शेखचिल्लियों ने कहा एक सीट छोड़कर बिठाएंगे तो जहाज का किराया बढ़ जाएगा इसलिए सब लौंकी की बेल की तरह एक दूसरे पर चढ़कर बैठे रहो..घर जाना तो क्वारंटीन रहना..
कहा बिना पास के कोई नहीं चलेगा..दारू की दुकानें खोलीं तो किसी से पास नहीं पूछा..दारू की बोतल को ही पास मान लिया गया..उल्टे सीधे नियम और कानून बाजी ऐसे झाड़ते हैं कि कोरोना को ये ही पैदा किए हों.. बचपन से उसको जानते हों..उसके साथ उठना बैठना हो..8-9 महीने हो गए हैं..लेकिन इनसे कोई नया कोरोना अस्पताल बनाए नहीं बना है..सुविधाओं के नाम पर जीरो हैं..लेकिन नियमबाजी ऐसे झाड़ते हैं जैसे इनको सब मालूम हो..और यही असली कोरना जानकार हों..केवल एक बात पूछ लो कि जिनको बुखार सर्दी जुकाम कुछ नहीं होता उनको कोरोना कैसे हो जाता है..तो मुंह चार दिन से शुलभ शौचालय खोज रहे..वास्कोडिगामा जैसा हो जाता हैं..

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