जनता ने ‘ममता’ को मारा लोकतंत्र का ‘थप्पड़’, अब देना चाहती हैं ‘इस्तीफ़ा’

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में ममता दीदी इतना डर गई हैं कि उन्होंने अपने सीएम पद से इस्तीफा भी देने को कह दिया है. दरअसल इस लोकसभा चुनाव में ममता दीदी को सिर्फ 22 सीटें ही मिली हैं.

mamata banerjee resignation west bengal cm post
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मालूम हो कि ममता ने लोकसभा चुनाव के सातों चरणों के मतदान में बहुत उधम काटा था. खूब हिंसा हुआ और बीजेपी नेताओं से मारपीट की गई. मगर जनता ने भी बड़ी हिंसा के बीच में भी वोटिंग में खूब बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. और आसमान पर चढ़ीं ममता दीदी को जमीन पर गिरा दिया. ममता ने चुनाव के दौरान पीएम मोदी पर बहुत आरोप लगाए उन्हें जेल में डालने को बोला, मोदी को लोकतंत्र का थप्पड़ लगाने को कहा.

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यहाँ तक की बीजेपी की रैलियां नहीं होने दी, उसमें कई रुकावटें डालीं. लेकिन जनता ने सब देखा और उल्टा जनता ने ही ममता को लोकतंत्र का एक ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया. ममता की 34 लोकसभा सीट थीं. जो इस लोकसभा चुनाव के बाद 22 ही बचीं. और दूसरी तरफ जहां बीजेपी के पास 2 सीटें थीं वो अब 18 हो गई हैं. बीजेपी ममता के किले को आधा गिरा चुकी है. बीजेपी ने पश्चिम बंगाल से लेफ्ट का तो नामों निशान ही मिटा दिया है. कांग्रेस की भी 2 सीटें कम हुई हैं.

अब ममता को डर सताने लगा है कि उन्होंने बीजेपी को इतना कोसा है बीजेपी पर हिंसा करवाई है. बीजेपी उसका बदला न लेले. इसलिए ममता ने खुद ही अपना इस्तीफा देने की पेशकश कर दी है. तृणमूल कांग्रेस की शनिवार को समीक्षा बैठक हुई. ममता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, बंगाल में इमरजेंसी जैसे हालात बनाए गए.

केंद्रीय सुरक्षाबलों ने हमारे खिलाफ काम किया. हिंदू-मुस्लिम का माहौल बनाया गया. इसके चलते वोट बंट गए. हमने इस बारे में चुनाव आयोग से भी शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ. मैंने बैठक की शुरुआत में ही कह दिया था कि मैं मुख्यमंत्री नहीं बनी रहना चाहती हूं.