कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार, हत्या का मुकदमा चलना चाहिए: मद्रास हाईकोर्ट

देश में कोरोना से गंभीर हालात बने हुए हैं लेकिन चुनाव और नेताओं की रैलियां नहीं रुकीं हैं. रैलियों में लाखों लोगों का हुजूम लगा और वोटिंग भी हो रही है. सब बंद कर दिया गया पेपर टाल दिए गए लेकिन चुनाव क्यों नहीं क्या इससे कोरोना का कोई खतरा नहीं है ?

कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार

इसको लेकर कई दिग्गज लोगों ने आवाज उठाई लेकिन चुनाव नहीं रुके. रैलियों में लाखों लोगों की भीड़ आई और कोरोना लेकर दूसरे राज्यों और शहरों में गई और कोरोना अपने चरम पर पहुँचता रहा. ऐसे में बिगड़ते हालात को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है. चीफ जस्टिस ने साफ़ कह दिया कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है. आयोग को चेतावनी देते हुए कहा कि 2 मई को काउंटिंग के दिन के लिए कोविड प्रोटोकॉल बनाए जाएं और उनका पालन हो. ऐसा नहीं हुआ तो हम काउंटिंग शेड्यूल को रोकने पर मजबूर हो जाएंगे.

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चीफ जस्टस ने चुनाव आयोग से पूछा, जब चुनावी रैलियां हो रही थीं तब आप दूसरे ग्रह पर थे क्या ? बिना सोशल डिस्टेंसिंग के चुनावी रैलियां होती रहीं. आज के हालात के लिए आपकी संस्था ही जिम्मेदार है. कोरोना की दूसरी लहर के लिए आप जिम्मेदार हैं. चुनाव आयोग के अफसरों पर तो हत्या का मुकदमा चलना चाहिए.

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लोगों की सेहत सबसे अहम है. सबसे परेशानी की बात है कि प्रशासन को इस बात की याद दिलानी पड़ती है. जब नागरिक जिंदा रहेंगे, तभी वे उन अधिकारों का इस्तेमाल कर पाएंगे, जो उन्हें इस लोकतांत्रिक गणराज्य में मिले हैं. अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी.

बतादें कि रोजाना कोरोना के नए मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों की संख्या में बढ़ोतरी जारी है. लगातार बढ़ते मरीजों के चलते स्वास्थ्य प्रणाली चरमरा गई है. देश में पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 3.53 लाख नए कोरोना मरीज मिले हैं और 2812 से ज्यादा लोगों की संक्रमण से जान चली गई है. प्रभावित राज्यों में बेड, वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत जारी है. वहीं श्मशान घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है.