नहीं रहे MP के राज्यपाल और लखनऊ से पूर्व सांसद लालजी टंडन, 40 दिन से भर्ती थे

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का 85 वर्ष की उम्र में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में न‍िधन हो गया है. इस बात की पुष्टि उनके पुत्र नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने की है और ट्वीट से इस बात की जानकारी दी है.

madhya pradesh governor lalji tandon passed away
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लालजी टंडन को 11 जून को सांस लेने में तकलीफ और बुखार के चलते लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तभी से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी. सोमवार शाम को अस्पताल की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन में उनकी हालत क्रिटिकल बताई गई थी. टंडन ने आज मंगलवार सुबह 5 बजे अंतिम सांस ली. आज ही 4:30 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा.

आशुतोष टंडन ने ट्विटर पर एक पोस्ट में लिखा की- बाबूजी नहीं रहे. लालजी टंडन को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. डॉक्टर ने उनकी तबीयत गंभीर होने की बात कही थी. तबीयत 15 जून को अधिक बिगड़ गई थी. पेट में ब्लीडिंग होने पर उनका ऑपरेशन भी किया गया था. इसके बाद से वे लगातार वेंटिलेटर पर थे. टंडन की तबीयत खराब होने के चलते उत्तर प्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्‍य प्रदेश का अतिरिक्‍त कार्यभार दिया गया है.

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने वाले टंडन प्रदेश की बीजेपी सरकारों में कई बार मंत्री भी रहे हैं और अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी के रूप में जाने जाते रहे हैं. इन्होंने वाजपेयी के चुनाव क्षेत्र लखनऊ की कमान संभाली थी. टंडन को 2018 में बिहार का गवर्नर बनाया गया. इसके बाद 2019 में उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया. उनके निधन पर राजनीतिक व अन्य बड़ी हस्तियों में शोक की लहर दौड़ गई है.

टंडन 12 साल की उम्र से ही संघ की शाखाओं में जाया करते थे. संघ से जुड़ाव के चलते ही उनकी मुलाकात अटल बिहारी वाजपेयी से हुई थी. टंडन का राजनीतिक सफर 1960 से शुरू हुआ था. वे 2 बार पार्षद और दो बार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं. इसके बाद लगातार तीन बार विधायक भी रहे. वे कल्याण सिंह सरकार में मंत्री भी रहे थे और यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे.

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