ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल, कहा- PM मोदी, शाह और नड्डा जी का धन्यवाद

मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने देश में सियासी भूचाल ला दिया है. आज कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल हो गए हैं. सिंधिया के इस्तीफे के बाद 24 घंटे के अंदर कांग्रेस के 22 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं.

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ज्योतिरादित्य सिंधिया 2:45 पर बीजेपी के कार्यालय पहुंचे. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सिंधिया को बीजेपी की आधिकारिक सदस्य्ता दिलाई. इस दौरान कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. बतादें करीब 4 महीने पहले 25 नवंबर 2019 को ही ज्योतिरादित्य ने ट्विटर पर अपनी प्रोफाइल से कांग्रेस का नाम हटा दिया था. केवल जनसेवक और क्रिकेट प्रेमी लिखा था.

बीजेपी जॉइन करने के बाद सिंधिया ने कहा कि मैं पीएम मोदी, अमित शाह और नड्डा साहेब का धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने मुझे अपने परिवार में शामिल किया. मेरा मानना है कि सबका लक्ष्य जन सेवा होना चाहिए, और कांग्रेस के साथ मैंने जन सेवा ही की है. लेकिन मै दुखी हूँ की अब कांग्रेस में जन सेवा नहीं हो पा रही है. अब वो कांग्रेस पार्टी नहीं रही.

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का एक अलग ही ट्वीट आया है. उन्होंने मध्य प्रदेश की राजनीति से अलग हट कर अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने में व्यस्त हैं, तब ये देखने में चूक गए कि दुनिया में तेल की कीमतों में 35% की गिरावट आई है. क्या मोदी सरकार पेट्रोल की कीमतों को 60 रुपए प्रति लीटर कर देश के लोगों को राहत दे सकते हैं ? इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

इससे पहले कांग्रेस और बीजेपी ने अपने विधायकों को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया था. बीजेपी ने जहां अपने विधायकों को गुरुग्राम शिफ्ट कर दिया था. वहीं कांग्रेस अपने बचे हुए विधायकों को राजस्थान ले जाने की तैयारी में है. कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार संकट में आ गई है. सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. खबर है कि सिंधिया को राज्यसभा भेजे जाने की तैयारी है. इसकी घोषणा भी आज दिल्ली में होगी. सत्र के बाद सिंधिया को केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जाएगा.

सूत्र बता रहे हैं कि इस्तीफा देने वाले सिंधिया समर्थक विधायकों में से 5 से 7 को मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद मंत्री पद दिया जा सकता है. सिंधिया समर्थक विधायकों को बेंगलुरू में ठहराया गया है. जिन्हें बुधवार को बेंगलुरु से दिल्ली भेजा जाएगा. इनमें प्रद्युम्न सिंह तोमर, रघुराज कंसाना, कमलेश जाटव, रक्षा सरोनिया, जजपाल सिंह जज्जी, इमरती देवी, प्रभुराम चौधरी, तुलसी सिलावट, सुरेश धाकड़, महेंद्र सिंह सिसोदिया, ओपीएस भदौरिया, रणवीर जाटव, गिर्राज दंडोतिया, यशवंत जाटव, गोविंद सिंह राजपूत, हरदीप डंग, मुन्ना लाल गोयल, ब्रिजेंद्र यादव शामिल हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया की बात करें तो उन्‍हें राजनीति विरासत में मिली है. अपने पिता और कांग्रेस के नेता माधवराज सिंधिया की आकस्मिक मौत के बाद उन्‍होंने गूना से भाजपा को देशराज सिंह यादव को करीब 4.5 लाख मतों से हराया था. सिंधिया उस परिवार से आते हैं जो ग्‍वालियर का बड़ा राजघराना है और राजनीति जिसकी परंपरा रही है.

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