रमज़ान के महीने में फंसे आख़िरी 3 चरण के मतदान, यूपी समेत 3 राज्यों में बवाल-

चुनाव आयोग ने कल रविवार को ही लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है. और आज कुछ मुश्लिम पक्षों ने इन तारीखों पर आपत्ति जताई है. जिससे सियासत में भी बवाल मच गया है.

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दरअसल लोकसभा चुनाव का पांचवा, छठा और सांतवा यानी 6, 12 और 19 मई को जो मतदान होंगे उस समय रमज़ान भी शुरू हो चुके होंगे. ऐसे में ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नाराजगी जताई है. उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि मुसलमानों की भावना का भी खयाल रखें और चुनाव की तारीख़ रमजान माह से पहले या बाद में कराएं. फरंगी महली ने कहा, 5 मई को मुसलमानों के सबसे पवित्र महीना रमजान का चांद देखा जाएगा। चांद दिख जाता है तो 6 मई को पहला रोजा होगा. इससे करोड़ों रोजेदारों को परेशानी होगी.

कोलकाता के मेयर और तृणमूल कांग्रेस के नेता फिरहाद हाकिम भी चुनाव की तारीखों से खुश नहीं है. उनका चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और हम उसका सम्मान करते हैं. हम उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलना चाहते हैं। लेकिन 7 चरणों में चुनाव बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए मुश्किल होगा. इन तीन राज्यों में अल्पसंख्यक आबादी काफी ज्यादा है. बीजेपी चाहती है कि अल्पसंख्यक अपना वोट न डालें. लेकिन हम इससे चिंतित नहीं हैं. लोग भाजपा हटाओ-देश बचाओ को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

आम आदमी पार्टी के नेता अमानातुल्लाह ने भी इस पर विरोध करते हुए ट्वीट कर लिखा कि 12 मई को दिल्ली में रमजान होगा. ऐसे में मुसलमान कम वोट देंगे और फायदा बीजेपी को मिलेगा.

मतदान को लेकर एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी प्रतिक्रिया देने में देरी नहीं की. उन्होंने पूरे विवाद को अनावश्यक बता दिया है. ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय से कहा कि कृपया रमजान का इस्तेमाल न करें. रमजान में मुस्लिम रोजा रखते हैं और वे बाहर जाते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं. हर गरीब से गरीब व्यक्ति भी रोजा रखता है. मेरा कहना सिर्फ इतना ही है कि इस रमजान के महीने में मतदान प्रतिशत बहुत बढ़ेगा क्योंकि व्यक्ति सभी सांसारिक कर्तव्यों से मुक्त होगा.

चुनाव कार्यक्रम की सरणी-

पहला चरण-          11 अप्रैल      20 राज्य      91 सीट
दूसरा चरण-           18 अप्रैल     13 राज्य       97 सीट
तीसरा चरण-         23 अप्रैल     14 राज्य       115 सीट
चौथा चरण-          29 अप्रैल      9 राज्य        71 सीट
पांचवां चरण-          6 मई          7 राज्य        51 सीट
छठा चरण-             12 मई        7 राज्य        59 सीट
सातवां चरण-          19 मई         8 राज्य्       59 सीट

उत्तर प्रदेश में मतदान की सरणी-

पहला चरण- 11 अप्रैल (8 सीट)- सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर.

दूसरा चरण– 18 अप्रैल (8 सीट)- नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, फतेहपुर सीकरी.

तीसरा चरण– 23 अप्रैल (10 सीट)- मुरादाबाद, रामपुर, संभल, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला, बरेली, पीलीभीत.

चौथा चरण– 29 अप्रैल (13 सीट)- शाहजहांपुर, खीरी, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर, जालौन, झांसी, हमीरपुर.

पांचवां चरण– 6 मई (14 सीट)- धौरहरा, सीतापुर, मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज, गोंडा.

छठा चरण– 12 मई (14 सीट)- सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संतकबीरनगर, लालगंज, आज़मगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही.

सातवां चरण– 19 मई (13 सीट)- महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज.

सभी लखनऊ वासी तैयार हो जाएँ 6 मई को लखनऊ में वोट डाले जायेंगे. इस बार 90 करोड़ लोग मतदान कर सकेंगे. जिसमें करीब डेढ़ करोड़ युवा भी शामिल हैं. सभी अपने अधिकार का प्रयोग कर मतदान जरूर करें.