लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जरूरी है ‘टीमवर्क’, एक साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की बची हुई 90 हजार विधवाओं को फायदा देने जा रहे हैं. सरकार ने इन सभी को निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ दिलाने की पूरी तैयारी में लग गई है. महिला कल्याण और वित्त विभाग के बीच इस संबंध में कार्यवाही तेजी से चल रही है.

leadership development manthan-2 by yogi government in iim lucknow
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चल रही योजना ने अनुसार प्रदेश सरकार पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 500 रुपये प्रति महीने उपलब्ध कराती है. मगर कुछ महीनों से सरकार को लगातार शिकायत मिल रही थी कि प्रदेश में बड़ी संख्या में विधवाएं पेंशन के लाभ से वंचित हैं. जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने सर्वे करवाया, सर्वे (मार्च-2019 तक) में 90 हजार विधवाएं योजना के लाभ से वंचित पाई गईं. तभी सीएम योगी ने प्रदेश की सभी छूटी विधवा महिलाओं को पेंशन का लाभ दिलाने का एलान किया था. अब ये कार्यवाही शुरू हो गई है.

वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री रविवार को सुबह 9 बजे आईआईएम (IIM) लखनऊ में क्लास करने पहुंचे है. योगी के मंत्री आईआईएम लखनऊ में सुशासन, प्रबंधन, कौशल, जनभागीदारी और नेतृत्व का पाठ पढ़ रहे हैं. क्लास के दौरान मंत्री सवाल भी पूछ सकेंगे. लंच के बाद मंत्री फिर क्लास में पढ़ने के लिए पहुंच जाएंगे. क्लास समाप्त होने के बाद मंत्रीगण कुछ किताबें, साहित्य और कुछ ‘होमवर्क’ के साथ घर लौटेंगे.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मंथन के पहले चरण में मंत्रियों के साथ बैठक में सुशासन का रोडमैप तैयार करने के लिए बैठक हुई थी और आज की कार्यशाला टीमवर्क के लिए हो रही है. लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए टीमवर्क जरूरी है. जिसके लिए ये बैठक हो रही है. उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में भी ये आईआईएम की कार्यशाला उपयोगी साबित होगी. खास बात ये है कि मंत्रियों के साथ-साथ प्रदेश के सीनियर आईएएस अफसरों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी.

आईआईएम के सूत्रों के अनुसार, ट्रेनिंग प्रोग्राम को इस तरह से तैयार किया गया है कि मंत्रियों को विषय को व्यवहारिक ढंग से समझाया जा सके. ट्रेनिंग प्रोग्राम में टॉस्क, सवाल-जवाब और समूह चर्चा के भी सत्र रखे गए हैं. इसके लिए मंत्रियों को अलग-अलग समूह में बांटा गया है जिससे टीम-वर्क के रूप में काम करने की उनकी दक्षता आंकी जा सके.

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