शिशिर की हत्या से वकीलों में गुस्सा, कार्य का किया बहिष्कार, कानून व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, रखी मांगें

लखनऊ में मंगलवार रात कृष्णानगर में वकील शिशिर त्रिपाठी नृशंस हत्या से प्रदेश की कानून व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में आ गई है. इस घटना के बाद आज गुरुवार को मृतक शिशिर त्रिपाठी के साथी वकीलों ने भारी विरोध जताया है.

lawyer shishir tripathi murder in lucknow smuggling Case
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लखनऊ बार एसोसिएशन ने काम का बहिष्कार किया है. सेंट्रल बार एसोशिएसन ने नाराजगी जाहिर करते हुए कानून व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है. वकीलों ने भी न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया है. और कृष्णानगर पुलिस पर हत्यारोपितों से साठगांठ का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा भी किया है.

सबकी मांग है कि नामजद अभियुक्तों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो और परिवार को सुरक्षा के साथ 20 लाख आर्थिक मदद दी जाये. वहीं लखनऊ सहित प्रयागराज में भी वकील की हत्या पर रोष है.

पुलिस का कहना है कि शिशिर की हत्या आपसी रंजिश के कारण की गई है. मामले में प्रमुख आरोपी मोनू तिवारी और विनायक ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है.

उधर शिशिर के बूढ़े पिता का रो-रोककर बुरा हाल है. उनका कहना है कि, आलमबाग के मवैया क्षेत्र में बीते पांच सालों से स्मैक व गांजे का कारोबार हो रहा है. इस अवैध धंधे के विरोध की कीमत बेटे को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी है. पुलिस को शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी. वहीं, मृतक वकील के बड़े भाई ने आरोप लगाया है कि, घटना से पहले भाई (शिशिर) ने इंस्पेक्टर को फोन किया था फिर भी वो नहीं आए. परिजनों ने इंस्पेक्टर कृष्णा नगर पर पूरे मामले में लापरवाही के आरोप लगाए हैं.

lawyer murdered in krishna nagar lucknow
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परिजनों ने बताया कि लखनऊ के मैवैया समेत कई इलाके में गांजा और स्मैक की पुड़िया बिकती है. अक्सर शिशिर इन सबकी शिकायत और इन पर कार्रवाई की मांग करता रहता था. जो आरोपियों को पसंद नहीं थी.

पुलिस छानबीन में हत्यारोपितों के खिलाफ वोल्वो बस वसूली से लेकर गांजा तस्करी तक के पुख्ता प्रमाण भी मिले हैं. कृष्णानगर पुलिस ने गांजा तस्करी में जिस युवक को पिछले महीने 24 दिसंबर को जेल भेजा था, हत्यारोपित उसे छोड़ने का दबाव बना रहे थे. उन्हें शक था कि शिशिर के इशारे पर ही उनका साथी पकड़ा गया है, तभी से वे शिशिर से रंजिश मानने लगे थे.

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