क्या BJP लक्षद्वीप को बर्बाद करना चाहती है ? पढ़िए पूरी रिसर्च रिपोर्ट-

इस समय लक्षद्वीप lakshadweep चर्चा का विषय बना हुआ है. इस खूबसूरत आइलैंड में ऐसा क्या हो रहा है जो सोशल मीडिया पर लक्षद्वीप lakshadweep को बचाने की मांग उठ रही है. अब इस आइलैंड को लेकर सियासी गर्माहट भी बढ़ रही है. आज हम आपको देश के इसी आइलैंड के बारे में बताने जा रहे हैं कि आखिर यहाँ हो क्या रहा है ?

क्या BJP लक्षद्वीप को बर्बाद करना चाहती है ? पढ़िए पूरी रिसर्च रिपोर्ट-
क्या BJP लक्षद्वीप को बर्बाद करना चाहती है ? पढ़िए पूरी रिसर्च रिपोर्ट-

लक्षद्वीप की खासियत क्या है ?

शुरुआत करते हैं इसकी खासियत से तो ये लक्षद्वीप को अपने सुंदर, मनोहारी और सूरज को चूमते हुए समुद्री तटों और हरे भरे प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है. लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा संघ राज्यक्षेत्र यानी केंद्र शासित प्रदेश है. भारत के मालदीव के तौर पर विख्यात लक्षद्वीप एक द्वीपसमूह है जिसमें 36 द्वीप यानी आइलैंड हैं. यहाँ पर्यटकों के घूमने के लिए बहुत सुन्दर जगह हैं. लोग यहाँ पर आराम करने के लिए आते हैं क्योंकि ये आइलैंड काफी शांत है. यहाँ पर किसी भी तरह का कोई प्रदूषण नहीं है.

यहाँ पर सियासत कैसे होती है

इस आइलैंड का टोटल एरिया 32.62 स्क़्वायर किलोमीटर का है. देखा जाए तो यहाँ कोई संसद नहीं हैं. यहाँ कोई मुख्यमंत्री भी नहीं है. यहाँ की सियासत 3 लेवल पर ही है. पहला- लोकसभा में लक्षद्वीप के एक MP होते हैं जो कि वर्तमान में NCP पार्टी से हैं. दूसरा- लोकल सेल्फ गवर्नमेंट है जो पंचायत की होती है. और तीसरा- राष्ट्रपति यहाँ एक एडमिनिस्ट्रेटर को अपॉइंट करते हैं जो इस पुरे आइलैंड की गवर्नेंस के लिए जिम्मेदार होता है.

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लक्षद्वीप में क्यों मचा है सियासी बवाल

लेकिन इन दिनों देश के इस खूबसूरत पर्यटन स्थल लक्षद्वीप में सियासी बवाल मचा हुआ है और यहाँ रहने वाले लोग भी परेशान होने लगे हैं. इस समय प्रफुल खोड़ाभाई पटेल लक्षद्वीप के प्रशासक हैं और उनके कुछ फ़ैसलों से स्थानीय लोगों में भारी ग़ुस्सा है. लोगों का मानना है कि इन फ़ैसलों से उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नुक़सान पहुँचेगा.

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कौन हैं प्रफुल खोड़ाभाई पटेल ?

अब पहले प्रफुल खोड़ाभाई पटेल के बारे में जान लेते हैं. पटेल गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं. मतलब की पटेल BJP नेता है. इससे पहले यहाँ एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर सिर्फ IAS और PCS रैंक के ऑफिसर ही अपॉइंट किये जाते थे. साल 2020 तक यहाँ ये एडमिनिस्ट्रेटर दिनेश्वर शर्मा थे जो कि एक आईपीएस ऑफिसर थे. लेकिन 4 दिसंबर को दिनेश्वर शर्मा का निधन हो गया और उनके बाद यहाँ किसी आईएएस PCS को अपॉइंट नहीं किया गया बल्कि एक राजनेता को यहाँ का एडमिनिस्ट्रेटर बना दिया गया. जिनका नाम है प्रफुल खोड़ाभाई पटेल.

2014 में दमन-दीव का कार्यभार मिला

प्रफुल खोड़ाभाई पटेल ने अपने करियर की शुरुआत 2007 से गुजरात में एक MLA से की थी. 2010 में जब अमित शाह को सीबीआई ने गिरफ्तार किया तो प्रफुल पटेल को गुजरात का मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट होम बना दिया गया था. फिर 2014 में जब मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो प्रफुल पटेल को दमन-दीव का एडमिनिस्ट्रेटर बना दिया गया था. दमन-दीव में भी पहले आईएएस PCS ऑफिसर को ही अपॉइंट किया जाता था.

lakshadweep political controversy

2016 में दादरा एवं नगर हवेली का कार्यभार मिला

2016 में दादरा एवं नगर हवेली के भी एडमिनिस्ट्रेटर प्रफुल पटेल को बना दिया गया था. मतलब ये दो द्वीपों के एडमिनिस्ट्रेटर थे. यहाँ ये सवाल खड़ा होता है क्या देश में अच्छे ब्यूरोक्रेट्स बचे ही नहीं हैं जो एक नेता को दो दो यूनियन टेरेटरी का एडमिनिस्ट्रेटर बना दिया गया. पटेल कई बार विवादों के केंद्र में रहे हैं. अप्रैल 2019 में इन दोनों यूनियन टेरेटरी में जब चुनाव होने थे तो इलेक्शन कमीशन ने पटेल को नोटिस भेजा था नोटिस इसलिए था क्योंकि पटेल ने दादरा एवं नगर हवेली के उस समय कलेक्टर रहे कारन गोपीनाथन से एक कोएर्सिव रिक्वेस्ट की थी. और कुछ महीनों बाद कारन गोपीनाथन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

दिसंबर 2019 को दोनों यूनियन टेरेटरी दमन-दीव और दादरा एवं नगर हवेली को मर्ज कर दिया गया और एक सिंगल यूनियन टेरेटरी बना दिया गया. अब यहाँ रहने वाली जनता को विश्वास था कि उनको एक अलग राज्य का दर्जा दे दिया जायेगा ताकि उनके वहां भी कोई मुख्यमंत्री हो जिसे वे खुद वोट देकर चुन सकें जैसे गोवा को मिला था. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

दादरा एवं नगर हवेली के MP ने की आत्महत्या

बात करते हैं इस साल की तो फ़रवरी 2021 में दादरा एवं नगर हवेली के 7 बार MP रहे मोहन देलकर ने मुंबई के एक होटल में आत्महत्या कर ली थी. जहाँ से 15 पेज का सुसाइड नोट भी मिला था जिसमें प्रफुल खोड़ाभाई पटेल का नाम सामने आया था. मोहन देलकर के बेटे ने आरोप लगाया था कि उनके पिता को टॉर्चर किया जा रहा था और 25 करोड़ मांगे जा रहे थे. न देने पर फर्जी केस लगाने की धमकी दी गई थी.

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पटेल के इन फैसलों पर हो रहा विरोध

चलिए अब बात करते हैं अभी वर्तमान की तो प्रफुल खोड़ाभाई पटेल आज दो नहीं बल्कि तीन यूनियन टेरेटरी के एडमिनिस्ट्रेटर हैं. इसमें लक्ष्यदीप भी शामिल है. अब जानते हैं लक्षदीप में ऐसा क्या हुआ जो इतना बवाल हो रहा है. तो पहली बात की पटेल के आते ही यहाँ की पंचायत से 5 तरह की पावर छीन ली गईं जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, एग्रीकल्चर, एनिमल हस्बेंड्री और मछली व्यापार शामिल हैं.

प्रफुल पटेल ने बढ़ाया कोरोना

दूसरा सबसे बड़ा विवाद ये है कि यहाँ कानून लगा दिया गया कि जिनके 2 बच्चों से ज्यादा बच्चे हैं वे चुनाव नहीं लड़ सकते. जबकि यहाँ ऐसे कानून की बिलकुल भी जरुरत नहीं थी. यहाँ की जनता ने ये आरोप लगाया है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि यहाँ के नेताओं को पद से हटाया जा सके. यहाँ तक कि जनता पटेल पर कोरोना फैलाने का भी आरोप लगाते हैं क्योंकि पहले ये नियम था कि कोई भी बाहर से यहाँ आता है तो पहले वो टेस्ट कराये फिर 14 दिन तक क्वारेंटीन रहेगा. लेकिन पटेल ने नई गाइडलाइन बना दी कि सिर्फ निगेटिव RTPCR टेस्ट कराना है फिर आप आ सकते हैं. जिसका नतीजा हुआ कि जनवरी में पहला कोरोना का केस मिला. अब इस समय 6 हज़ार से ज्यादा यहाँ कोरोना मरीज हैं.

एंटी गुंडा कानून लागू किया

पटेल ने यहाँ एंटी गुंडा कानून लागू कर दिया है. इस कानून के तहत किसी को भी बिना जवाब के गिरफ्तार किया जा सकता है. किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना ज़मानत के एक साल तक जेल में क़ैद रखा जा सकता है. इस पर लोकल लोगों का कहना है कि ये कानून इसलिए लागू किया गया है की हम लोग पटेल के फैसले का विरोध न कर पाएं. धरना न दे पाएं. इतना ही नहीं पटेल ने यहाँ एक नई लक्षदीप डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाई गई है. और कहा जा रहा है इससे बड़े बड़े व्यापारियों को यहाँ की जमीन बड़ी आसानी से बेच दिया जायेगा.

प्रफुल खोड़ाभाई पटेल का कहना है कि लक्षदीप को मालदीव की तर्ज पर विकसित करना चाहते हैं. इसपर केरल के सीपीएम सांसद और पार्टी के राज्यसभा में नेता एलमरम करीम ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिख कर मांग की है कि प्रफुल खोड़ाभाई पटेल को लक्षद्वीप के प्रशासक पद से हटा दिया जाए. प्रफुल पटेल मनमाने ढंग से व्यवहार कर रहे हैं. वे यहाँ के स्थानीय पंचायतों, प्रशासन या नेताओं से कभी सलाह-मशविरा नहीं करते और मनमाने ढंग से ख़ुद फ़ैसले लेते हैं. उनके इस रवैए ने स्थानीय लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ख़तरे में डाल दिया है.

आपको बता दें कि यहाँ पर एक आइलैंड पर एक शराब का ठेका था लेकिन प्रफुल पटेल ने यहाँ नियम बदल दिया और कह दिया की अब सभी जगह शराब की दुकान खोल सकते हैं. इससे लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही है. पटेल ने लक्षद्वीप में पशुओं के संरक्षण के नाम पर बीफ़ बैन कर दिया गया है, जबकि यहाँ की 95 फ़ीसद से ज़्यादा आबादी मुसलमानों की है. बीफ़ के उत्पादन, बिक्री और ढुलाई पर नियंत्रण लगा दिया गया है. जबकि सभी को पता है कि यहाँ पर ज्यादातर बीफ ही खाया जाता है.

अब सुनिए यहाँ के जिलाधिकारी क्या कहते हैं. उनका कहना है कि प्रशासन चाहता है लक्षद्वीप को अगले 10 या 20 वर्षों में मालदीव जैसे द्वीपों की तरह विकसित किया जाए. सुरक्षा की दृष्टि से ये द्वीप बहुत महत्वपूर्ण हैं और यहां के लिए समग्र विकास की योजना बना रहे हैं. मालदीव एक ही प्राकृतिक सुंदरता के साथ उभरा है, जो विश्व के पर्यटन स्थल में से एक है. हालांकि, यहां सुविधाएं न होने से पर्यटन बहुत कम आते हैं. इसीलिए सुधार के कदम उठाए गए है, जिससे पर्यटन भी आएंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा. लेकिन लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल के फैसलों के खिलाफ लक्षद्वीप द्वीपसमूह में विरोध बढ़ रहा है. इसने यहां के साथ-साथ देश की राजनीति में भी उबाल ला दिया है.

सवाल – प्रफुल पटेल कौन हैं ? Who is Praful Patel?
उत्तर – प्रफुल पटेल बीजेपी नेता हैं. Praful Patel is a BJP leader.
सवाल – लक्षद्वीप का प्रशासक कौन है ? Who is the administrator of Lakshadweep?
उत्तर – लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल पटेल हैं. Praful Patel is the administrator of Lakshadweep.
सवाल – लक्षद्वीप में किस बात का विरोध हो रहा है ? What is being opposed in Lakshadweep?
उत्तर – लक्षद्वीप में प्रफुल पटेल के फैसलों का विरोध हो रहा है. Praful Patel’s decisions are being opposed in Lakshadweep.
सवाल – लक्षद्वीप क्या है ? What is Lakshadweep?
उत्तर – लक्षद्वीप देश का सबसे खूबसूरत और प्रदूषण मुक्त आइलैंड है. Lakshadweep is the most beautiful and pollution free island in the country

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20 thoughts on “क्या BJP लक्षद्वीप को बर्बाद करना चाहती है ? पढ़िए पूरी रिसर्च रिपोर्ट-

  • May 29, 2021 at 10:01 pm
    Permalink

    Really so knowledgeable…

    Reply
      • May 30, 2021 at 9:28 pm
        Permalink

        Mam vitt vihin school k teachers jinhe AKHILESH sarkar NE mandey diya tha BJP ne satta me aate hi band kr diya Ab private school teachers Kya Kare kaise Apna pariwar chalaye lockdown me na school khula na coaching Jivanyapan me kathinayi aa rhi h aur sarkar har baar yahi kehti h ki unke bare vichar kiya jayega Kab vichar hoga jab private teacher mar jayega tb humari Awaz sarkar tk pahuchiye Pragya ji

        Reply
        • May 31, 2021 at 3:58 pm
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          आपने अपने विचार रखने के लिए समय निकाला..हम चाहते हैं आप हमेशा आप हमारे पाठक और दर्शक परिवार का हिस्सा रहें..आपकी राय के लिए बहुत बहुत शुक्रिया..

          Reply
    • June 3, 2021 at 5:38 pm
      Permalink

      पूरा लक्ष्यदीप ही क्यों बुरा भारत तो भी बर्बाद कर दिया है

      Reply
      • June 5, 2021 at 6:26 pm
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        आपने समय निकालकर अपने विचार रखे..इसके लिए धन्यवाद..हम चाहते हैं आप हमारे नियमित पाठक बने..हमारे आर्टिकल पढ़ें और शेयर करें.

        Reply
  • May 30, 2021 at 8:14 am
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    1st of all, Prafull Patel ko administrator ke post se remove krna chahiye & IAS or PCS rank officer ko Administrator bnana chahiye. And Prafull Patel ne jo bhi galat orders diye h sbko vapas lena chahiye.

    Reply
    • May 30, 2021 at 4:12 pm
      Permalink

      आपकी राय के लिए शुक्रिया अभिषेक जी

      Reply
  • May 30, 2021 at 9:10 am
    Permalink

    नमस्कार
    मैं उत्तर रेलवे में चयनित सहायक लोको पायलट (एएलपी) उम्मीदवार हूं। हम 1264 सहायक लोको पायलट 2 वर्ष से अधिक समय से प्रशिक्षण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
    वैकेंसी की नोटिफिकेशन 2018 में निकली गए थी इसके पश्चात उम्मीदवार Four stages (CBT1, CBT2, CBAT & A1 medical standerd ) सफलता पूर्वक उत्तीर्ण होने के पश्चात भी बेरोजगार है।

    अध्यक्ष रेलवे बोर्ड तीन बार प्रेस कांफ्रेंस में कह चुके है कि सभी ALP उम्मीदवारों का प्रशिक्षण अगस्त 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा, इसके बावजूद उत्तर रेलवे उनकी बातों की अनदेखी कर रहा है.

    उत्तर रेलवे 10 may 2021 से सभी 1264 न्यू एल्प का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का शेड्यूल जारी किया। जिसने 72 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाना था।

    कोविड19 की वजह से जारी किए हुए शेड्यूल को टाल दिया गया है।
    अन्य जोन जैसे एनसीआर में ट्रेनिंग अभी भी चल रही हैं
    बाकी सभी जोन में ट्रेनिंग लगभग समाप्त हो चुकी है।
    कई जोन में तो कैंडिडेट्स प्रक्षिषण पूरा करके 1.5 साल से नौकरी भी कर रहे है जैसे छत्तीसगढ़ जोन।
    परंतु नॉर्दन रेलवे में सिलेक्टेड कैंडिडेट लंबे समय से इंतजार कर रहे है। जिसकी वजह से मानसिक सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना का शिकार हो रहे है।

    इसलिए हम सभी ALP कैंडिडेट्स 4 बार NR railway मुख्यालय बड़ौदा हाउस नई दिल्ली के सामने विरोध प्रदर्शन कर चुके है।

    मै आपसे अनुरोध करता हु कि कृपया हमारी आवाज को रेल मंत्रालय और NR railway मुख्यालय तक पहुंचाए ।

    सादर धन्यवाद,
    नंदलाल शर्मा 7388433798

    Reply
    • May 30, 2021 at 4:09 pm
      Permalink

      नंदलाल जी हम आपकी आवाज जरूर उठाएंगे..

      Reply
  • May 30, 2021 at 11:44 am
    Permalink

    आप को सुनना अच्छा लगता है क्योंकि आप बड़े ही कड़े लफ्जों में सच बोलती हैं। कुछ लोगों को आपकी कड़वी बातें हजम भी नहीं होती होगी। ऐसे ही आगे बढ़े मेरी दुआ है।
    Durgesh Kumar Soni,
    औरंगाबाद, बिहार।

    Reply
    • May 30, 2021 at 4:04 pm
      Permalink

      दुर्गेश जी आपके बिहार को मेरा नमस्कार आपकी बेशकीमती राय के लिए शुक्रिया..हम चाहते हैं आप हमारे नियमित पाठक बनें..

      Reply
  • May 30, 2021 at 2:10 pm
    Permalink

    Hello ma’am mujhe aapka number chahie tha mujhe aapse bahut Jaruri baat karni thi please aap mujhe apna number send kijiye FIR mere number per call kijiye 7973 910 782

    Reply
  • May 31, 2021 at 8:06 pm
    Permalink

    Mam meri aap se 1 request hai apna jo news hai usko english aur hinglish main bhi dala karo plz

    Reply
    • June 1, 2021 at 2:27 pm
      Permalink

      noted , आपने समय निकालकर अपने विचार रखे..इसके लिए धन्यवाद..हम चाहते हैं आप हमारे नियमित पाठक बने..हमारे आर्टिकल पढ़ें और शेयर करें.

      Reply
  • June 1, 2021 at 10:28 am
    Permalink

    लक्ष्यदीप में 36 आईलैंड हैं जिसमें ज्यादा तर ऐसे आईलैंड हैं जिसमें आबादी नहीं है।सरकार ऐसे आईलैंड को आम आदमी के रहने लायक बनाके,फिर उस आईलैंड को मालदीव बनाए ना!!
    रोक कौन रहा हैं।
    सरकार का मक़सद विकास करना नहीं बल्कि विवाद करना
    ताकि असली मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना ।

    Reply
  • June 1, 2021 at 9:24 pm
    Permalink

    Hello Madam,
    सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि मैं आपकी पत्रकारिता का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। महोदया, मैं मूल रूप से हरियाणा के किसान परिवार से हूं जो अब मध्य प्रदेश में कार्यरत है।दिल्ली में हुई किसान विरोध के बारे में यहां के लोगो का जब मैं राय सुनता हूं तो बहुत परेशन हो जाता हूं .मैडम बहूत दुख होता ज जब लोग किसान को आतंकवादी या देश के टुकड़े करने वाले समझते हैं। क्यूकी वो लोग सिर्फ मीडिया के बात में आकार अपना सोच samaj खो चुके हैं.

    Unko kaise samjhao

    Reply
  • June 6, 2021 at 10:21 am
    Permalink

    दीदी नमस्कार
    मैं आपकी सभी वीडियोस देखता हूँ आपको ट्वीटर पर भी फॉलो किया है मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ।
    दीदी जबसे लोकडाउन हुआ है तबसे प्राइवेट अध्यापक जो थे या जो स्कूल थे उनकी दशा बहुत खराब है ऐसे में एक ही ऑप्शन बचा है वो पढ़ना छोड़ कर कुछ और ही काम कर लें जबकि मैं मानता हूं कि प्राइवेट स्कूल जो चल रहे थे बहुत मनमानी करते थे कुछ भी फीस वसूलते थे वग़ैरा वग़ैरा लेकिन इन तालाबंदी में उनका ये रोज़गार छीन गया है ।
    मैं जहां से हूँ वहां बहुल संख्या में ग्रामीण के लोग है जो ऑनलाइन पढ़ाई में या तो रुचि नही रखते या फिर उनके पास संसाधन नही है।
    लेकिन इस प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट स्कूलों के अध्यापको का हाल बहुत बुरा आपसे विनती है अनुरोध है कि सासादर सरकार को ये बात पहुचाए की प्राइवेट स्कूल का कुछ सोचें ।
    क्योंकि अगर गाइड लाइन के साथ बाजार खुल सकते है शादी हो सकती है तो स्कूल भी खोलने की अनुमति देनी चाहिए ऐसा मेरा मानना है।
    🙏🙏🙏
    आप मेरी मेल पर रीप्ले ज़रूर करके बताए कि ये चिंता सही है या नही । धन्यवाद
    नमस्कार, दुवा सलाम, जय हिन्द।

    Reply
    • June 6, 2021 at 6:47 pm
      Permalink

      आपकी राय के लिए शुक्रिया..हम उम्मीद करते हैं कि आप हमारे नियमित पाठक बनेंगे..

      Reply

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