Lakhimpur kheri : सत्ता में बैठी 60 महिला सांसद-विधायक-मंत्रियों को उनके ही पेशे की महिला के चीरहरण पर कोई फर्क नहीं पड़ता : संपादकीय व्यंग्य

Pragya Ka Panna Editorial
Pragya Ka Panna Editorial

Lakhimpur kheri : 11 महिला मंत्री मोदी जी के मंत्रिमंडल में हैं..4 महिला मंत्री योगी जी के मंत्रिमंडल में हैं..11 महिलाएं यूपी से सांसद हैं..40 विधायक हैं..यूपी का अपना महिला आयोग है..देश का महिला आयोग है..फिर भी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर के भीतर दिन दहाड़े कैमरों के सामने महिला की साड़ी खींची जाती है..उसका चीरहरण होता है..4-4 5-5 राज पुरुष उसे कैमरों पर बेइज्जत करते हैं..लेकिन प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री, मंत्री, डीएम..कप्तान..पटवारी..किसी के मुंह से थूक नहीं निकलता..किसी ने एक लब्ज नहीं कहा..किसी ने निंदा तक नहीं की.. द्वापर में भी राजनीतिक हस्तियों से भरी हस्तिनापुर की सभा में द्रौपदी के वस्त्र खीचे गए थे..हस्तिनापुर तब भी मौन था..हस्तिनापुर अब भी मौन है..इतिहास ने हस्तिनापुर को तब भी माफ नहीं किया था..और अब भी नहीं करेगा..ईश्वर दिल्ली से लखनऊ तक सत्ता में बैठी 60 महिलाओं को जुबान अता फरमाए..

स्मृति ईरानी, अनुप्रिया सिंह पटेल गद्दी मिलने से ही खुश हैं..रीता बहुगुणा जोशी महिला हैं खुश हैं…नीलिमा कटियार मंत्री हैं खुश हैं..स्वाति सिंह खुश हैं..गुलाबो देवी मंत्री हैं खुश हैं..इनको फर्क नहीं पड़ता कि इनके पेशे की एक जूनियर महिला को बीच बजार नंगा करने की कोशिश की जा रही है..इसको नहीं लगता कि इसका विरोध किया जाना चाहिए..इन सब के लिए मर्दों से भरी भीड़ में एक महिला की साड़ी का खींचा जाना कोई बड़ी घटना नहीं है..इन सब के लिए वो महिला इनकी कॉम्पटीटर है..इसलिए उसका सरेराह चीरहरण ठीक होगा..

मैं उत्तर प्रदेश की उन 65 राजनीतिज्ञ महिला शक्तियों से कहना चाहती हूं..आज केवल नामांकन में जाने से रोकने के लिए साड़ी खींची गई है..कल चुनाव लड़ने से रोकने के लिए बीच बाजार रेप होंगे..तब भी आप सब ऐस ही देखते रहना कुछ मत बोलना..लेकिन मैं प्रज्ञा मिश्रा..अपने प्रधानमंत्री और अपने मुख्यमंत्री से मांग करती हूं..कि राजनीतिक कॉम्पटीशन में एक महिला को साड़ी खींचकर बेईज्जत करने वाले लोगों को सजा दीजिए..किसी भी चुनाव में मां बहन बेटी को नंगा करके अगर जीत मिलती है तो मैं थूकती हूं उस जीत पर..नरेंद्र मोदी जी मैंने आजतक आपको एक भी मामले में टैग नहीं किया है लेकिन आज आपको ये वीडियो ट्विटर पर टैग करूंगी..

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मेरा ये वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी जी को खुला खत है..राजनीतिक पेशे में आप चुनाव लड़िए हारिए हराईये..इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन किसी महिला के कपड़े खीचे जाने की इजाजत सभ्य समाज में किसी भी दल के नेताओं को नहीं है..मैं उत्तर प्रदेश की बेटी प्रज्ञा मिश्रा आपसे कहना चाहती हूं..बेटियां बहुत मुश्किल से घरों की चौखट पार कर पाती हैं..आपके पुरुष नेताओं से कहना चाहती हूं…कि महिलाओं की तेज चाल से आपको तकलीफ है..तो बराबरी पर आकर बात कीजिए..साड़ी खीचना आपकी लाचारगी को दिखाती है..और एक भी महिला का इस पर ना बोलना..उनकी बेचारगी को दिखाती है…ईश्वर दिल्ली और यूपी की महिला मंत्रियों को इतनी शक्ति दे कि वो महिला होकर दूसरी महिला के चीरहरण पर कुछ बोल पाएं..मोदी जी आईये कभी गांव के पंचायत चुनाव में..वो गांव जिसमें आज पांचाली उघाड़ी जा रही..अहिंसा की नथ जहां पर उतारी जा रही..

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डिस्क्लेमर- लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. भाषा में व्यंग्य है. लेखक का मक्सद किसी पार्टी किसी व्यक्ति किसी सरकार किसी धर्म जाति किसी मानव किसी जीव या फिर किसी संवैधानिक पद का अपमान करना या उनके सम्मान को छति पहुंचाने का नहीं है.. इसलिए व्य्ग्य को व्यंग्य की तरह लें..लेख में सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. भाषा में स्थानीय या यूपी की रीजनल भाषा को सरल करके प्रस्तुत किया गया है. समझाने के लिए बात घुमाकर कही गई है.

27 thoughts on “Lakhimpur kheri : सत्ता में बैठी 60 महिला सांसद-विधायक-मंत्रियों को उनके ही पेशे की महिला के चीरहरण पर कोई फर्क नहीं पड़ता : संपादकीय व्यंग्य

  • July 9, 2021 at 7:30 pm
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    Jisana ye kaam kiya hai aur Jo vaha par khada hokar tamash dekha Raha tha unko kadi sa kadi saja do jisa ki unka sat pusta yad rakha.

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  • July 9, 2021 at 7:57 pm
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    आपने सही मुद्दा उठाया है पर जब बात बंगाल की आती है तो वहा आपके मुंह से भी थूक नहीं निकला। शर्म कर ले थोड़ा सा अगर सच्चा पत्रकार बनना है तो हर जगह की रिपोर्टिंग निस्पक्षिता से कर वरना मत कर

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    • July 9, 2021 at 7:58 pm
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      बाकी इस मुद्दे को आपने उठाया आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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    • July 15, 2021 at 6:26 pm
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      ये उस राज्य में हो रहा है जिसे रामराज्य कहलाने वाले राज कर रहे हैं। बंगाल तो वैसे ही बदनाम है। लेकिन विष्णु के अवतार वाले राज्य में भी वही कुछ हो जो रावण राज्य में भी नही हुआ तो फिर इसे राक्षस राज्य कहिये।
      नम्बर आप जैसा का भी आयेगा बहन बेटियों की इज़्ज़त जब सरे बाजार उतरेगी तब गोबर बुद्धि में समझ आएगी। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।
      राक्षस किसी के अपने नही होते

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      • July 18, 2021 at 11:29 am
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        आपने अपने महत्वपूर्ण समय में से समय निकालकर अपने विचार रखे इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद..आप हमारी वेबासाइट जब ओपन करते हैं तो एक नोटिफिकेशन आता है उसे allow जरूर कीजिए एसा करने से आपको एकदम मुफ्त में बिना किसी परेशानी के मेरे नए आर्टिकल की जानकारी मिलती रहेगी..

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    • July 16, 2021 at 2:27 pm
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      In logo ko line me khada karke goliyo se dhun Dena chahiye. Jo log Mahila se kokh se janam lekar mahila ki ijjat nahi karte unhe jeene ka koi aadhikar nahi hai. Ab yogi ji kyu mon hai ab kya unka thokne wala dialog nahi kaam karega. Agar yeh harkat koi aur party ke karyakarta karte to Bjp wale road par hangama karte par ab nahi karenge kyu ki we satta me hai. Kaha Gaya yogi ji ka Kanyon vayawastha aur unka Manila surakshaka Kanyon. Ye ramraj nahi rawan raj hai. Kyuki ram raj hota to aisa Manila ke sath nahi hota. Jai hind

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  • July 9, 2021 at 8:28 pm
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    Very nice mam ji. Up me Gundaaraj chal raha hai. Agar aise hi Dushaasan sarreaam sadak pe, galat kaam krrenge. Fir koyi bhi lady safe nhi hai desh me. In kutto pe Fir honi chaahiye. Janta me le jaa krr ghaseetane chaahiye. In kutto ko neech harkat krne walo ko. 🙏🙏🙏🙏🙏

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  • July 9, 2021 at 9:36 pm
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    Didi hm aap ke sath h

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  • July 9, 2021 at 10:54 pm
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    Ye wahi mahilayen hai jo mahilaon ke mantri banane per bahut khush hoti hai. Inko yah nahi pata ki mahilaon ke kuchh karne wali nahi nirlajj hai. Bas inke liye modi aur unki party hi sab kuchh hai. Na nyay na viswas na mahilaon ko cooperation fir mahila neta kaisi. Bas inhe satta chahiye.

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  • July 9, 2021 at 11:39 pm
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    बेहद शर्मनाक…किस ओर बढ़ता भारत…?

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  • July 9, 2021 at 11:57 pm
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    Pragya Mishra ji .. ap sahi maaino m patrakaarita krr rhi h .. apko meri trf se dhanyawaad .. iss jhoothi patrakasrita k daur mein ap jo krr rhi h vo kaabil- e – taarif h … Orr hum jaise journalism k chhatro ko bauhtt prerna milti h isse

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  • July 10, 2021 at 1:24 am
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    Nirbheek, sachchi aur bebaak aawaz ke liye apko dil ki geharaiyon se salute ! Aap jaise sachche deshbhakton se abhi bhi badi ummeed bani hui hai ki Desh bachega aursakoon ki jindagi jeene layak mahaul milega 🙏

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  • July 10, 2021 at 10:57 am
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    जब बंगाल और यूपी में हिंसा हो रही थी तब कहाँ थी प्रज्ञा यादव तब शायद आपके पति को फंडिंग नही हुई होगी।

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  • July 10, 2021 at 11:17 am
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    एक राज्यपाल हुआ करते थे उत्तर प्रदेश में श्री रामनाईक सपा के शासन काल में। रोज सरकार से खींचा तानी करते थे, बिना किसी मुद्दे के मा. अखिलेश जी से। कानून व्यवस्था की दुहाई देते थे। अब जबसे योगी आदित्यनाथ जी की सरकार आई है प्रदेश में गुंडा, रेप, लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। महिलाएं असुरक्षित हैं तब किसी राज्यपाल और नेता के मुख से कानून व्यवस्था को लेकर कोई आपत्ति नहीं कर रहे हैं, क्योंकि ये सारे आम पर्टीवाद और गुंडों का समर्थन करते हैं।

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  • July 10, 2021 at 1:16 pm
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    जबतक देश का राजा अमीरवाली सान सौकत रखेगा तबतक गरीबी , बेरोजगारी ,रेपिस्ट, महगाई , भ्रष्टाचार नही दिखेगी क्युकी आगे चुनाव में इसे भोट जो लेना है,,जितने रुपए का वो सूट पहनता है ना उतना ही रुपया के कारण 100 आदमी रोज भूखा मर जाता है

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  • July 10, 2021 at 4:35 pm
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    बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    मैम।
    अप हक़ की आवाज़ उठाती रहिए।

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  • July 10, 2021 at 5:32 pm
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    Har pap ka ant hota hai
    Last time chal rha hai

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  • July 10, 2021 at 7:39 pm
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    प्रज्ञा दीदी हमने भाजपा को हमेशा वोट दिया लेकिन अब शर्म आती है, आज हम खुद महंगाई, बेरोजगारी की मार झेल रहे है ऊपर से हम गन्ना किसानो की जो दुर्गति है क्या बताये, आज चार साल से गन्ने के मूल्य में 1 रुपये की भी बृद्धि नही हुई बल्कि disal के दाम बढ़ने से लागत डेढ़ गुनी बढ़ गयी मजदूरी भी गांव में बढ़ गयी कोई लाभ नही हो रहा हमारी अंतरआत्मा रो रही है, दीदी स्थिति ये है कि हम और हमारे शिक्षामित्र पिताजी उम्र लगभग 50 वर्ष एक एक साथ नौकरी की तैयारी कर रहे है।

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  • July 10, 2021 at 9:34 pm
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    इन साले रण्डवों को कोई फर्क नही पड़ता,
    आगे अगहा न पीछे पगहा।
    केकरे नाम से रोए गदहा।।
    इनसे गुहार लगाना पत्थर पर सर पटकने जैसा है

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  • July 12, 2021 at 1:22 am
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    Mam bhut gajab 👏👏👏👏👏👏

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  • July 13, 2021 at 9:14 am
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    अगर रामराज्य ऐसा होता है, तो धिक्कार है मुझे अपने हिंदू धर्म पर, और धिक्कार है उस राम को और राम मंदिर को, जिस देश में महिलाओं का हर युग में साड़ी खींचकर उसे भरी सभा में बेइज्जत किया जाए, सत्ता में बैठे लोग तुम्हारी पत्नी नहीं है बेटी भी नहीं होगी लेकिन मां बहन तो जरूर होगी, जिसकी कोख से तुम पैदा हुए उसको भी शर्म से झुका दिया।
    गुस्सा तो इतना है कि भीम की तरह अकेले ही धृतराष्ट्र के सभी पुत्रों को मौत के घाट उतार दूं।

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  • July 13, 2021 at 9:21 am
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    प्रज्ञा जी! वो नारी नहीं जो सत्ता में मंत्री और सांसद विधायक बनी हुई है, वो सब चोरनी है किसी ने अपनी सखी का पति चुराया है तो किसी ने अपने पति का मर्डर करवाया है सत्ता की लालच में और कुछ तो ऐसी भी हैं जो अपने ही पति के सामने इन रंडवों से इश्क फरमाती हैं।

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  • July 14, 2021 at 11:54 pm
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    मैम जहाँ यह कृत्य हुआ वहां पर पहले से ही एक महिला सांसद वा भाजपा उपाध्यक्ष रेखा वर्मा जी खड़ी थीं यह सब उनके सामने ही हुआ

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    • July 18, 2021 at 11:31 am
      Permalink

      आपने अपने महत्वपूर्ण समय में से समय निकालकर अपने विचार रखे इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद..आप हमारी वेबासाइट जब ओपन करते हैं तो एक नोटिफिकेशन आता है उसे allow जरूर कीजिए एसा करने से आपको एकदम मुफ्त में बिना किसी परेशानी के मेरे नए आर्टिकल की जानकारी मिलती रहेगी..

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