मिनी सचिवालय के बाहर किसानों का धरना समाप्त, मामलें की होगीं न्यायिक जांच

Kisan Mahapanchayat : 6 दिनों से हरियाणा के करनाल में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने देर तक चली वार्ता के बाद अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया हैं. करनाल में किसान यूनियन के नेता गुरुचरण सिंह चढ़ूनी ने हम सभी किसानों ने प्रशासन से काफी देर तक बात की.

बातचीत में प्रशासन ने हमे आश्वासन दिया हैं कि मामले में उचित कार्रवाई की जायेगी. और जो भी दोषी पाया जायेगा. उसके खिलाफ वैधानकि कार्रवाई की जायेगी. प्रशासन से मिले आश्वसान के बाद हमने सर्वसम्मि से धरना खत्म करने का फैसला किया हैं.

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घटना की होगी न्यायिक जांच

मिनी सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे किसानों ने शासन के साथ एक प्रेस वार्ता कर कहा कि दोनों पक्षों की तरफ से एक सहमति बनाई गई हैं…जिसमें किसानो ने अपना धरना समाप्त करने का फैसला किया हैं. प्रशासन की तरफ से हम किसानों को आश्वासन दिया गया हैं कि 8 अगस्त को लाठीचार्ज वाली घटना की न्यायिक जांच की जायेगी और दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी.

पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई वार्ता के आधार पर दो प्रमुख मांगों को लेकर द्विपक्षीय सहमति बनी. बसताड़ा लाठीचार्ज के समय करनाल के एसडीएम रहे आयुष सिन्हा से जुड़े मामले की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज करेंगे. एक महीने की अवधि में होने वाली जांच के दौरान आइएएस सिन्हा छुट्टी पर रहेंगे. जबकि दिवंगत किसान सुशील काजल के परिवार के दो लोगों को डीसी रेट पर एक सप्ताह में नौकरी दी जाएगी.

सचिवालय के बाहर किसान कर रहे थे प्रदर्शन

किसानों ने प्रशासन को 11 सितंबर के बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी. गुरुवार से मिनी सचिवालय के बाहर किसानों का धरना प्रदर्शन कर रहे थे. करनाल में मिनी सचिवालय के बाहर बैठे किसानों ने मांग की थी कि 28 अगस्त को किसानों पर किए लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम आयुष सिन्हा पर कार्रवाई की जाये. वही हरियाणा सरकार का कहना था कि जांच के बाद मामले में जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी.

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साथ ही किसानों की भूमिका की भी जांच की जाएगी. एसडीएम आयुष सिन्हा को 28 अगस्त को पुलिसकर्मियों से यह कहते हुए सुने गए थे कि अगर किसान सीमा पार करते हैं तो किसानों का “सिर फोड़” दें. किसानों ने का कहना था कि 28 अगस्त की हिंसा में एक किसान की मौत हो गई थी. वही मामले में प्रशासन ने इस आरोप को सिरे खारिज कर दिया था.

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