11 साल बाद ‘करवाचौथ’ पर बना ‘दिव्य योग’, जानिए पूजा करने का ‘शुभ महूर्त’

करवा चौथ मनाने की तारीख – 27-10- 2018
करवा चौथ की पूजा का महूर्त – 5:40 से 6:47 तक
चंद्रमा निकलने का समय – शाम 7 बजकर 55 मिनट

इस बार पतियों की लंबी उम्र से जुड़ा हुआ. करवा चौथ का त्योहार 27 अक्टूबार को है. भारतीय संस्कृति की जड़ें जहां तक फैली हैं. वहां तक की सुहागिनें करवा चौथ पर व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. वैसे तो पूरे देश में करवा चौथ मनाया जाता है लेकिन उत्तर भारत में खास तौर पर  मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में इसकी विशेष धूम होती है.

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करवा चौथ में महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं..

कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ मनाया जाता है. इस दिन शादी-शुदा औरतों के साथ कुंवारी लड़कियां भी अच्छे वर के लिए व्रत रखती हैं. महिलाएं दिन भार निर्जला व्रत रखती हैं फिर शाम को चांद को चलनी में देखकर अपने पति के हाथों पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं.

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करवा चौथ में महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं.. सोलह श्रृंगार में क्या होता है खास देखिए.. 

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1. लाल कपड़े
2. बिछिया
3. पायल
4. कमरबंद
5. सिंदूर
6. मंगलसूत्र
7. मांग टीका
8. अंगूठी
9. बाजूबंद
10. गजरा
11. बिंदिया
12. काजल
13. नथनी
14. कर्णफूल
15. मेंहदी
16. कंगन

11 साल बाद करवाचौथ पर दिव्य योग

हिंदू धर्म के जनाकारों के मुताबिक इस बार 11 साल बाद करवाचौथ पर राजयोग बना है. इस बार सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग भी बना है. एक साथ तीन योग बनने के कारण इस बार करवाचौथ बेहत शुभ है. इससे पहले 2007 में करवाचौथ पर ऐस दिव्य योग बना था. करवा चौथ (Karva Chauth) का त्‍योहार दीपावली से नौ दिन पहले मनाया जाता है. हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास की चतुर्थी को आता है. वहीं, अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से यह त्‍योहार अक्‍टूबर के महीने में आता है.