कर्नाटक सरकार गिरी, बीजेपी पर भड़के राहुल-प्रियंका और मायावती, कह डाली ये बात

कर्नाटक का नाटक पिछले कई दिनों से चल रहा था. कभी बयानबाज़ी चल रही है तो कभी विधायक बागी हुए जा रहे थे. मगर मंगलवार को ये ड्रामा आखिरकार खत्‍म हो गया और 14 माह पुरानी कुमार स्‍वामी सरकार गिर गई.

karnataka government lost majority comment rahul priyanka gandhi and mayawati
karnataka government lost majority comment rahul priyanka gandhi and mayawati

चार दिन चली चर्चा के बाद मंगलवार शाम को आखिरकार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ. इस दौरान स्पीकर को हटाकर सदन में विधायकों की संख्या 204 थी और बहुमत के लिए 103 का आंकड़ा जरूरी था. कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में 99 वोट पड़े, जबकि विरोध में 105 वोट पड़े. जिसके बाद कुमार स्‍वामी सरकार गिर गई.

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कर्नाटक में सियासी उथल पुथल की शुरुआत 6 जुलाई को हुई थी. जब कांग्रेस सरकार के 12 विधायकों ने अपनी सदस्‍यता से इस्‍तीफा दे दिया था. और इससे पहले कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह अपनी सदस्‍यता से पहले ही इस्‍तीफा दे चुके थे. इन 13 विधायकों के बाद निर्दलीय विधायक नागेश ने भी इस्‍तीफा दे दिया. जिसके बाद कर्नाटक की पूरी कांग्रेस सरकार हिल गई.

वहीं आज बुधवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि मैं संघ परिवार के वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद लेने के लिए यहां आया था. मैं दिल्ली से निर्देश का इंतजार कर रहा हूं, किसी भी समय हम विधानमंडल दल का सत्र बुला सकते हैं और फिर राजभवन जाएंगे.

मायावती ने कांग्रेस सरकार गिरने के बाद बीजेपी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि कर्नाटक में बीजेपी ने संवैधानिक मर्यादाओं को ताक़ पर रखने के साथ-साथ जिस प्रकार से सत्ता और धनबल का इस्तेमाल करके विपक्ष की सरकार को गिराने का काम किया है वो भी लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा. इसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम है. वहीं बसपा ने अपने विधायक एन महेश को कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में मतदान न करने पर पार्टी से निकाल दिया है.

कांग्रेस पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बीजेपी पर संस्थाओं और लोकतंत्र को व्यवस्थित ढंग से कमजोर करने का आरोप लगाया. प्रियंका ने कहा, ‘एक दिन बीजेपी को ये पता चलेगा कि सब कुछ नहीं खरीदा जा सकता, हर किसी के पीछे नहीं पड़ा जा सकता और हर झूठ आखिरकार बेनकाब होता है.

वहीं राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘अपने पहले दिन से ही कांग्रेस-जद(एस) सरकार भीतर और बाहर के उन निहित स्वार्थ वाले लोगों के निशाने पर आ गई थी जिन्होंने इस गठबंधन को सत्ता के अपने रास्ते के लिए खतरा और रुकावट के तौर पर देखा था. राहुल ने दावा किया, ‘उनके लालच की आज जीत हो गई. लोकतंत्र, ईमानदारी और कर्नाटक की जनता हार गई.