कमलेश तिवारी हत्याकांड: UP पुलिस ने किया खुलासा, गुजरात से आए थे आरोपी, 3 गिरफ्तार, जानें 24 घंटे का पूरा घटनाक्रम

लखनऊ नाका के खुर्शीदबाग की गलियों में रहने वाले हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे दो बदमाशों ने बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी थी. जिसपर यूपी पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है.

kamlesh tiwari murder case up dgp press conference
kamlesh tiwari murder case up dgp press conference

कमलेश के घर की पहली मंजिल पर उनका दफ्तर है और शुक्रवार को कमलेश तिवारी से मिलने दो बदमाश आए थे जिनके हाँथ में मिठाई के डिब्बे थे. लेकिन उन मिठाई के डिब्बों में मिठाई नहीं बल्कि पिस्टल और चाकू छिपाकर लाये थे. मौका देखते ही पहले एक बदमाश ने कमलेश की गर्दन पर गोली मारी फिर दूसरे बदमाश ने चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद गला रेत दिया जिससे कमलेश तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई.

वारदात को अंजाम देकर दोनों बदमाश वहां से भाग निकले. हत्या की ख़बर सुनते ही अफसरों में हड़कंप मच गया. हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं में आक्रोश आ गया. हजारों लोग सड़क पर निकल आए और पुलिस-प्रशासन और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे. मौके पर पुलिस के पहुँचते ही जाँच शुरू हुई और SIT टीम बनाई गई. सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ ने भी पुलिस और डीएम से बात कर जल्द से जल्द खुलासा करने को कहा.

पुलिस को पहला अहम् सुबूत मिठाई का डिब्बा मिला जो की गुजरात के सूरत का था. और 16 अक्टूबर को ख़रीदा गया था. जिसके बाद लखनऊ पुलिस गुजरात पहुंची और वहां से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जिसमें मोहसिन शेख, फैजान और रशीद पठान शामिल है.

डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने आज शनिवार को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया की पकडे गए 3 संदिग्धों में रशीद पठान पेशे से दर्जी है और कंप्यूटर एक्सपर्ट भी है, वही पूरी घटना का मास्टरमाइंड है जबकि मौलाना मोहसिन ने हत्या के लिए उकसाया था. इन तीनों ने करीब 6 महीने पहले हत्या की साजिश रची और 16 अक्टूबर को मिठाई का डब्बा लेकर लखनऊ पहुंचे थे.

अपराधी खास कपड़े पहनकर आए थे. हत्याकांड के तार गुजरात से जुड़े हैं. डीजीपी ने बताया कि कमलेश तिवारी के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बिजनौर निवासी अनवारूल हक और नईम काजमी के नाम हैं और उन्हें भी हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है. डीजीपी ने ये भी बताया कि पहली जांच के आधार पर सामने आ रहा है कि 2015 के बयान के कारण इस घटनाक्रम को अंजाम दिया गया है.

2015 में कमलेश ने कुछ आपत्तिजनक बयान दिए थे. जिसके बाद मौलाना ने रशीद को उकसाया. फैजान मिठाई खरीदने में शामिल है. उससे पूछताछ कर रहे हैं. इसके अलावा कई अन्य बिंदुओं पर भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस को मौके से एक पिस्टल और एक खोखा बरामद हुआ है. इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में भगवा कपड़े पहने दो संदिग्ध दिखे हैं जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.

कमलेश तिवारी के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है. परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से भी मना कर दिया है. उनकी मांग है की जब तक सीएम योगी उनसे मिलने नहीं आते तब तक वो अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. कमलेश की पत्नी ने कहा की अगर सीएम योगी नहीं आएं तो वो आत्मदाह कर लेंगी. परिवार ने सरकार से 5 करोड़ का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग की है। परिवार का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती वो अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.

कमलेश पहले हिन्दू महासभा में बड़े पद पर थे. कुछ महीने पहले इन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी. लखनऊ में हजारों की संख्या में कमलेश तिवारी को जानने वाले थे.

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