भारत में जिन्ना ( Jinnah) ने चुनाव को हरी झंडी दिखा दी : संपादकीय व्यंग्य

PRAGYA KA PANNA
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जिन्ना ( Jinnah) नाम के उच्चारण से भारत वर्ष की महान भूमि पर चुनाव शुरू हो चुका है. देश में अइसा कोई चुनाव है ही नहीं जो बिना जिन्ना के निपट जाए..2014 के बाद भारत देश के हर चुनाव को हरी झंडी दिखाने जिन्ना ही आते हैं..याद कीजिए पिछली बार अलीगढ़ में आए थे..इस बार समाजवादी वालों के बुलावे पर आए हैं..मतलब गजब का खेल चलता है..वो अखिलेश यादव जो विकास विकास करते हैं…उनको जिन्ना का नाम लेने की क्या जरूरत थी.

.मतलब आप बताईये..अखिलेश यादव की कौन से एक्सप्रेस वे में जिन्ना कंट्रक्शन से मौरंग बजरी आई थी..कौन से पुल का टेंडर जिन्ना ( Jinnah) ने लिया था..कौन से लैपटॉप का मदरबोर्ड जिन्ना बनाते थे..कौन सी पेंशन योजना..और बेरोजगारी भत्ता जिन्ना ( Jinnah) दिलाते थे..कोई मतलब नहीं कोई लेना देना नहीं लेकिन जब तक पाकिस्तान के लीडर जिन्ना हरी झंडी ना दिखाएं तब तक भारत में चुनाव स्टार्ट कहां माने जाते हैं..पाकिस्तान से कोई देश रहा है..तो गर्व कर सकता है..कि उनके अजीज लीडर जिन्ना भारत में चुनाव के लिए कितने अहम हैं..अब भारत का चुनाव आयोग तारीख बताए ना बताए..जिन्ना का नाम लेकर चुनाव शुरू हो चुका है..

सुनते जाईये मैं जब कुछ बताने आती हूं..तो सही बात ही बताती हूं..चाहे इधर वालों को मिर्ची लगे चाहे उधर वालों के धुआं निकले..अखिलेश यादव ने जिन्ना ( Jinnah) का नाम लिया..मेरे मुस्लिम दोस्तों आप लोग भी हां सुनते जाईयेगा..अखिलेश यादव ने जैसे ही जिन्ना का नाम लिया..वैसे ही पूरी बीजेपी अइसे नाचने लगी जैसे किसी ने 115 रूपए लीटर वाला पेट्रोल छुआ दिया हो..पेट्रोल से ध्यान आया..ये हमारे बीजेपी से डिप्टी सीएम हैं..इनका नाम केशव प्रसाद मौर्या है..इनसे लोग पूछ रहे थे..पेट्रोल के दाम कितना बढ़ाओगे भईया..तो भाई साहब बिना जवाब के निकल लिए..

भारत देश के लोकल पत्रकार राष्ट्टीय चैनलों से कुछ सीखते ही नहीं है..बताईये..नामाकूल लोग महंगाई पर उन्हीं से सवाल कर रहे हैं..जो महंगाई बढ़ा रहे हैं..जो वैक्सीन की फ्री अनाज की और किसानों को फ्री में दिए जा रहे 6 हजार रूपए..पेट्रोल से वसूल रहे हैं..ये महंगाई पर जवाब काहे देंगे..जिन्ना ( Jinnah) पर सवाल पूछना चाहिए था..जिन्ना ( Jinnah) पर सवाल करते तो जमकर बोलते…

कभी कभी तो लगता ये जन्ना 25 वाड वाले सैमसंग के वो चार्जर हैं जिससे भारत देश के चुनावी नेता लोग अपने आप को चार्जअप होते हैं..इसी तरह की फालतू की बहसों पर लोगों को मूर्ख बनाते हैं..असल मुद्दों से जनता को भटकाते हैं..हिंदू मुसलमान की बहस कराते हैं..और चुनाव जीत हारकर निकल जाते हैं..अखिलेश यादव के चाचा हैं शिवपाल यादव जिन्ना पर उनका मामला बिल्कुल सही है..बोले जिन्ना ( Jinnah) जब थे तब वो पैदा नहीं हुए थे..इसलिए उनके बारे में ज्यादा जानते नहीं हैं..अखिलेश यादव के पास पूरी जानकारी है उनसे जानकारी लीजिए..

दोस्तों भारत देश के जितने नेता हैं सब के सब या तो महापुरुषों की पीठ पर लटके नजर आएंगे..या फिर भगवानों के पीछे छिपे नजर आएंगे..सुबह सुबह आप उठेंगे तो ट्विटर पर पाएंगे फलाने की जन्म तशाब्दी पर बधाई..ढिमकाने को मरण दिन की बधाई..सॉरी शुभकानमनाएं..सॉरी नमन..

भारत देश में इसका ट्रैंड इतनी तेजी से बढ़ा है कि नेताओं ने खुद के पर्सनल ग्राफिक्स डिजाइन रख लिए हैं..उनका काम ही गूगल से देखकर महापुरुषों की जयंती वयंती पर बधाई देना ही है..बिल्कुल सही बात बता रही हूं..इसमें एक भी बात गप निकले तो कमेंट बॉक्स में बताईयेगा..खुद ने कौन सी खेत की मूली उखाड़ी है नहीं बताएंगे..लेकिन ये जरूर बताएंगे कि फलाने हमापुरुष ने फालना काम किया था..जिसको हम याद करते हैं..उनके सास्ते पर चलते हैं..

एक की बात नहीं कर रही हूं सबकी बात कर रही हूं..अब तो महापुऱुषों के पीछे इतना छिपने लगे हैं..जब किसी एरिया में भाषण देने जाते हैं..उस जाति के किसी महापुरुष के बारे में 4 लाइन का रट्टा जरूर मार लेते हैं…फिर बाताते हैं कि वो फलाने के आदर्शों पर..ढिमकाने से प्रेरणा लेकर चलते हैं..लेकिन जब पूछ उठाई जाती है तो सब मादा निकलते हैं..मैं बताती हूं भारत की इस समय की सबसे ज्यादा बड़ी समस्या महंगाई है..

हिंदुस्तान के भीतर बेरोजगारी के खाज में 115 रूपए लीटर पेट्रोल ने खुजली कर रखी है…लेकिन सरकार पर महंगाई कंट्रोल करने का दबाव बनाने के बजाए विपक्ष जिन्ना ( Jinnah) कर रहा है..जितना कमजोर..जितना लाचार..जितना डरा हुआ विपक्ष आज की तारीक में है..उतना कभी नहीं था..बज्जर महंगाई के बीच बीजेपी के मंत्री नेता..अध्यक्ष टाइप लोग कहते हैं महंगाई है ही नहीं..लेकिन सरकारों से सवाल पूछने वाला कोई नहीं है..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

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