‘मुझे संसद तक पहुंचा दे रे, ओ वोटर्स दीवाने’, रामपुर में जया-आज़म का मुक़ाबला

तो भाई बात ये है की बॉलीवुड में सन 80-90 की फिल्मों की मशहूर अदाकारा जया प्रदा मंगलवार को देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी में शामिल हो गई हैं. और शाम होते होते बीजेपी ने उनको रामपुर लोकसभा सीट का टिकट भी थमा दिया है.

jai prada join bhartiy janta party and give rampur ticket lok sabha elections
jai prada join bhartiy janta party and give rampur ticket lok sabha elections

बस फिर क्या था सोशल मीडिया पर उनका फेमस हुआ गाना मुझे नौलक्खा मंगा दे रे… बजने लगा. जिसके बोल हैं ”मुझे संसद तक पहुंचा दे रे, ओ वोटर्स दीवाने” आपको मालूम हो की जया प्रदा रामपुर सीट से पहले भी दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं और जीत भी चुकी हैं. और इस बार रामपुर में बीजेपी ने जया कार्ड खेल लिया है.

-----

मगर बीजेपी के लिए रामपुर जीतना इतना आसान नहीं होगा. क्युकी रामपुर से सपा नेता आज़म खान भी समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी हैं और रामपुर में उनकी मज़बूत पकड़ मानी जाती है. और बड़ी बात ये है की जया प्रदा और आज़म खान के बीच बिलकुल भी नहीं बनती है. दोनों की एक दूसरे के कट्टर दुश्मन हैं. जया जब सपा में थीं तभी से ही आज़म उनके खिलाफ बयानबाज़ी करते रहे हैं. एक बार तो आज़म ने यहाँ तक के कह दिया था की मैं नाचने-गाने वालों के मुँह नहीं लगता. जिससे काफ़ी सियासत गरमा गई थी.

उधर जया प्रदा भी अपने ज्यादातर भाषण में आज़म खान के खिलाफ ही बोलती थीं. और रो रो कर सिर्फ आज़म को ही कोसती थीं. इसलिए इस बार का मुक़ाबला बड़ा ही जबर्जस्त होगा. जयाप्रदा को भारतीय जनता पार्टी का टिकट मिलने की खुशी में मुस्लिम महिलाओं ने भी मिठाई बांटी। अखिल भारतीय मुस्लिम महासंघ से जुड़ी महिलाएं हाफिज साहब की दरगाह पर एकत्र हुईं और एक दूसरे को मिठाई खिलाई.

जया साल 1994 में फिल्म अभिनेता से नेता बने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनटी रामाराव की पार्टी तेलुगु देशम पार्टी का हिस्सा बनी थीं. तभी से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई.

इसके बाद जया एनटी रामाराव को छोड़कर, तेलुगु देशम के चंद्रबाबू नायडू वाले गुट में शामिल हो गईं. 1996 में जया आंध्र प्रदेश से राज्यसभा पहुंची. फिर चंद्रबाबू नायडू से भी मनमोटाव हो गया और उन्होंने नायडू की पार्टी भी छोड़ दी. और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं. 2004 और 2009 में जया रामपुर लोकसभा सीट से ही सांसद रह चुकी हैं.

2019 के इस चुनावी दौर में जया के पास किसी पार्टी का साथ नहीं था. क्युकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी से हटा दिया था. मगर बीजेपी ने उनको संसद पहुँचने का एक और मौका दे दिया है.