ऑर्बिटर ने ढूंढ निकाली लैंडर ‘विक्रम’ की लोकेशन, इसरो को भेजी तस्वीर, संपर्क की कोशिशें जारी

इसरो से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. इसरो के वैज्ञानिकों को चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की लोकेशन मिल गई है. चांद का चक्कर काट रहे ऑर्बिटर ने लैंडर की थर्मल तस्वीर भेजी है.

isro chief k sivan says we have found location of vikram lander
डेमो फ़ोटो

तस्वीर से पता चला है कि लैंडर ‘विक्रम’ चांद की सतह पर तो पहुँच गया है मगर अपनी निर्धारित लोकेशन से पांच सौ मीटर की दूरी पर दिखाई दिया है. ये जानकारी खुद इसरो अध्यक्ष के सिवन ने देशवासियों को दी है. उन्होंने कहा कि जल्द ही लैंडर से संपर्क कर लिया जाएगा. अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. उससे संपर्क करने की कोशिशें लगातार जारी हैं.

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इससे पहले इसरो प्रमुख के सिवन ने चंद्रयान 2 मिशन को 95 फीसदी सफल बताया था. भले ही चंद्रयान 2 का विक्रम लैंडर चांद की सतह पर लैंडिंग से चूक गया हो, लेकिन इसरो के हौसले बुलंद हैं. उन्होंने कहा था कि विक्रम लैंडर से दोबारा संपर्क बनाने के लिए प्रयास जारी हैं. हम अगले 14 दिन तक इसके लिए कोशिश करते रहेंगे. आखिरी चरण ठीक से पूरा नहीं किया जा सका, उसी चरण में हमने विक्रम से संपर्क खो दिया.

बतादें कि जिस समय लैंडर का संपर्क टूटा वो चांद की सतह से केवल 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था. जिसके बाद वैज्ञानिक मायूस हो गए थे. लेकिन पीएम मोदी ने सबको हिम्मत बंधाई और कहा कि निराश न हों, जीवन में उतार चढ़ाओ आते रहते हैं, हमने बहुत बड़ी उपलब्धि हांसिल की है. मैं पूरी तरह से वैज्ञानिकों के साथ हूँ. ये कोई छोटा अचीवमेंट नहीं है. मानवता की आप लोगों ने सेवा की है, सभी को बधाई.

दुनिया ने भी इसरो का लोहा माना है. UAE ने तो भारत को अंतरिक्ष का खिलाड़ी बताया है और इसरो को पूरा समर्थन दिया है. वहीँ नासा ने भी कहा कि इसरो ने एक बड़ी कामयाबी हांसिल की है. और इस मिशन से दुनिया को बहुत कुछ सीखने को मिला है. वहीं इसरो का कहना है कि चंद्रयान-2 के सटीक प्रक्षेपण और मिशन प्रबंधन की वजह से चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा ऑर्बिटर सात वर्ष तक काम करता रहेगा.