इजराइल हमास के लिए नाक पर बैठी मक्की तलवार से मार रहा है : संपादकीय

 दोस्तों इजराइल और फलस्तीन में युद्ध छिड़ चुका है..हालत ये है कि इजराइल नाक पर बैठी मक्खी तलवार से मार रहा है..हमास को खत्म करने के लिए रिहायशी इलाकों में फाइटर फ्लेन्स से बमबारी कर रहा है जिससे 200 से जायादा आम निर्दोष फिलस्तीनी मारे जा चुके हैं..10 हजार से ज्यादा घर छोड़कर जा चुके हैं..जो लोग मिसाइलें चलने..और हवाई हमलों को संघर्ष कह रहे हैं..उनके लिए युद्ध कैसा होता होगा मैं नहीं जानती..गाजा की सीमा पर इजराइल ने सेना तैनात कर दी है..हमास की आड में फिल्स्तीन पर की जाने वाली इजराइली क्रूरता दुनिया के समने ना आ पाए इसलि…इंटनेशनल मीडिया की ऊंची इमारत गिराई जा चुकी है.जिसकी दुनिया भर की मीडिया ने इजराइल को लताड़ा है..

200 से ज्यादा सिविलियन मारे जा चुके हैं..गाजा की तरफ से भी हमास वाले हजार से ज्यादा मिसाइलें दाग चुके हैं..अरब देश धीरे धीरे लामबंद हो रहे हैं..इजराइल के समर्थन में भी तमाम देश खड़े हो गए हैं..इजराइल के प्रधानमंत्री नितियाहू ने अपने समर्थन में खड़े देशों की खबर सार्वजनिक करके..आगे के भीषण संकेत दे दिए हैं कि इजराइल हमास को खत्म करने के लिए गाजा पर और ज्यादा हमले करने वाला है..

अगर किसी अरब देश ने चूं चपड़ की तो इस युद्ध के विश्व युद्ध में बदलते देर नहीं लगेगी..दूसरी तरफ फिलिस्तीन के समर्थन में सारे इस्लामिक देश एकजुट हो गए हैं. 57 सदस्यीय इस्लामिक देशों के संगठन ‘ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपरेशन’  ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई को बहुत गलत बताया है..और इजराइल को हद में रहने को कहा है..इजराइल ने भी बहुत बड़ा बयान दिया..नितिनयाहू ने कहा..कल मैंने अंधेरे की उन औलादों..हमास और इस्लामिक जेहादी आतंकियों से कह दिया था..कि अब तुम्हारा खून बहाना है..हम उन्हें ऐसे मारेंगे कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा..

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       इजराइल के पक्ष में 25 देश खुलकर आ चुके हैं..जिनका खुलासा इजराइल ने कर दिया है और देशों के नाम भी जारी कर दिए हैं..अमेरिका, अलबेनिया, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, ब्राज़ील, कनाडा, कोलंबिया, साइप्रस, जॉर्जिया, जर्मनी, हंगरी, इटली, स्लोवेनिया यूक्रेन जैसे देश खुलकर इजराइल के साथ हैं..इजराइल के सहयोगी देशों की सूची में भारत का नाम नहीं है..क्योंकि भारत में सत्ताधारी बीजेपी के कुछ नेता इजराइल के समर्थन में हैं.. वामपंथी और लिबरल विचारधारा के लोग फिलस्तीन के पक्ष में हैं…

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इजराइल और फिलस्तीन को लेकर भारत की सरकार का पक्ष ये है कि “भारत हिंसा की निंदा करता है, विशेषकर ग़ज़ा से रॉकेट हमले की. भारत ने कहा तत्काल हिंसा ख़त्म करने और तनाव घटाने की ज़रूरत है..

    देखिए बहुत सारे लोग जानना चाहते हैं कि अगर ये टकराव बड़े स्तर पर हुआ और देश अपने अपने ग्रुप की तरफ लामबंद होने लगे..विश्व बंटने लगा तो भारत किधर होगा…भारत इजराइल और फलिस्तीन में किसकी तरफ खड़ा होगा..देखिए अभी की पोजनीशिंग ये है कि भारत आधिकारिक तौर पर अरब देशों की दोस्ती की क़ीमत पर इसराइल का ओपनली समर्थन नहीं कर सकता..

   उसका कारण है व्यापार..बीबीसी की एक रिपोर्ट कहती है कि भारत इजराइल और फिलिस्तीन के चक्कर में अपना व्यापार नहीं चौपट कर सकता..भारत का 2016-17 में अरब देशों से 121 अरब डॉलर का व्यापार था..ये व्यापार भारत के कुल विदेशी व्यापार का 18  फ़ीसदी हिस्सा है…समझ रहे हैं अरब देशों के साथ भारत की इकोनॉमी कितनी निर्भर करती है..जबकी इजराइल के साथ भारत का व्यापार पांच अरब डॉलर का था.. जो कि कुल व्यापार का एक फ़ीसदी हिस्सा भी नहीं है…भारत के इसराइल के साथ सुरक्षा संबंधी रिश्ते हैं.. जबकि अरब के देश रोज़गार विदेशी मुद्रा और ऊर्जा के लिहाज़ से बहुत महत्वपूर्ण है..

   देखिए हमास को कुछ देश आतंकवादी संगठन कहते हैं..कुछ लोग इनको क्रांतिकारी कहते हैं…कुछ कट्टरवादी..और हमास की एक विंग राजनीति में गहरी पकड़ रखता है..फिलस्तीन के विधानपरिषद चुनावों में 132 सीटों में से 74 सीटें जीत चुका है..इसका मतलब ये है कि हमास फिलस्तीन में बहुत ज्यादा लोकप्रिय है..हमास फिलस्तीन के लोगों का हीरो है..हमास ने पहले रॉकेट दागकर जो किया उसका समर्थन कोई नहीं कर सकता..

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भारत ने भी नहीं किया..लेकिन इजराइल ने 1948 से लेकर अब तक जो किया वो भी गलत था..फिलस्तीन ने इजराइल को बैठने की जगह दी थी वो अहसान भुलाकर पसर गया.. भारत की बीजेपी सरकार अभी खुलकर नहीं बोल रही है लेकिन बीजेपी की तरफ से देश के प्रधानमंत्री रह चुके अटलबिहारी वाजपेयी खुलकर फिलस्तीन का समर्थन कर चुके हैं..

  दोस्तों हमास के रॉकेट हमले गलत थे..आतंकियों और हिंसा फैलाने वालों को फांसी पर लटकाना चाहिए..लेकिन हमास से निपटने के लिए इजराइल जो कर रहा है वो गलत है..फिलस्तीन में गेहूं के साथ घुम पीसे जा रहे हैं..आम आदमी मारा जा रहा है..दुनियाभर की मीडिया इजराइल पर आरोप लगा रही है कि इजराइल ने 12 मंजिला अंतरराष्ट्रीय मीडिया के ऑफिस वाली बिल्डिंग इसलिए गिराई ताकि इजराइल हमास की आड़ में फिलस्तीन पर बर्बरता कर सके और उसकी तस्वीरें फिलस्तीन से बाहर ना जा पाएं..

अल जज़ीरा ने एक बयान जारी कर कहा है कि इसराइली सरकार के इस क़दम का मक़सद मीडिया संस्थानों को ख़ामोश करना और ग़ाज़ा में जो हो रहा है उसे दुनिया के सामने न आने देना है. अल जजीरा न्यूज चैनल ने विश्व से मांग की है कि  पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाने के इस बर्बर क़दम की कड़े शब्दों में आलोचना करें और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क़दम उठाएं.

एसोसिएट प्रेस ने कहा है कि  “ये स्पष्ट है कि जिन्होंने ये युद्ध छेड़ा है वो न केवल ग़ज़ा में तबाही और मौत फैलाना चाहते हैं बल्कि मीडिया को भी ख़ामोश करना चाहते हैं जो ग़ज़ा में जो कुछ हो रहा है मीडिया उसकी सच्चाई देख रही है और इस पर रिपोर्ट कर रही है “

इसराइली सेना ने कहा है कि उसने ग़ज़ा में मौजूद उस टावर को ध्वस्त कर दिया है जिसमें हमास का एक ठिकाना था. सेना ने कहा है कि इस इमारत में अल जज़ीरा और एसोसिएटेड प्रेस के दफ्तर थे..लेकिन उनको खाली करा लिया गया था..इसराइली सेना ने ट्विटर पर पोस्ट किया कि इस इमारत में “हमास का सैन्य साजोसामान” था और यहां रहने वालों को “ह्यूमन शील्ड” के तौर पर इस्तेमाल करता था..

इजराइल ने अपने दोस्त देशों की लिस्ट जारी करके अरब देशों को एक हिसाब से धमकी है..दूसरी तरफ अरब देशों ने भी बांहें समेट ली हैं…तुर्की के राष्ट्रपति आर्दोआन ने कहा है कि वो इजराइल के दमन को बर्दाश्त नहीं करेंगे..तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि इसराइल ने सभी सीमाएं लांघ दी हैं.

तुर्की “इसराइल की क्रूरताओं से दुखी और ग़ुस्से में है. हम इसराइल के दमन को स्वीकार नहीं करेंगे चाहे पूरी दुनिया इसे नज़रअंदाज़ करे…दोस्तों पूरी दुनिया में फैले फिलस्तीनी इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं..यहां तक कि इजराइल में रह रहे फिलस्तीनी इस जुल्म पर प्रदर्शन कर रहे हैं..लेकिन खून खराबा और हमले जारी हैं..इजराइल का कहना है वो हमास को खत्म किये बगैर शांति से नहीं बैठेगा..अरब गैंग उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता..

हमास ने इजराइल को फिलिस्तीन को खत्म करने का मौका दे दिया है..जिसमें नाम हमास का चलेगा लेकिन तबाही फिलिस्तीन की हो रही है..इजराइल ने कहा है कि बाहरी धमकियों और आंतरिक अशांति, दोनों को देख लेंगे..नेतन्याहू ने कहा कि “इसराइल किसी भी यहूदी नागरिक के ख़िलाफ़ बनायी जा रही योजना को सफल नहीं होने देगा. हम यहूदी नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते और ना ही उन्हें इन अरब-गैंग्स के डर में मरने के लिए छोड़ सकते. हम उनके साथ हैं..फिलस्तीन में खौफनाक मंजर हैं..वेस्ट बैंक अभी बमबारी से बचा हुआ है लेकिन गाजा में आम नागरियों की लाशें गिर रही हैं..संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ अब तक ग़ज़ा में 10,000 से अधिक फ़लस्तीनी अपना घर छोड़ चुके हैं और यही इजराइल चाहता है कि फिलस्तीनी भागें और इजराइल संपूर्ण राष्ट्र के तौर उस इलाके पर काबिज हों..

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