युद्ध: ईरान ने किया जंग का ऐलान, अमेरिका ने कहा- एक झटके में ध्वस्त कर देंगे 52 ठिकाने

ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद अब ईरान ने युद्ध का ऐलान कर दिया है. ईरान ने शनिवार सुबह ही जामकरन मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहराकर युद्ध के लिए अलर्ट कर दिया है.

iran unfurls red flag of war donald trump threats
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इन हालातों में झंडा फहराने का मतलब होता है कि युद्ध के लिए तैयार रहें या युद्ध आरंभ हो चुका है. ईरान अपने नागरिकों को युद्ध की स्थिति के लिए तैयार रहने को कह रहा है. झंडा फहराने के बाद ही शाम को इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट से हमला किया गया. अमेरिकी दूतावास के भीतर रॉकेट दागे जाने के बाद हर तरफ अफरा-तफरी मच गई.

ईरान की एलीट रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर अबुहमजेह ने कहा कि मध्यपूर्व (पश्चिम एशिया) में ईरान ने तेल अबीव समेत 35 अमेरिकी ठिकानों को चिह्नित किया है, जिन पर उनकी नजर है. अबुहमजेह ने होरमुज की खाड़ी पर हमलों के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है. बतादें कि ये क्षेत्र पश्चिमी देशों के लिए अहम बिंदु माना जाता है. इसी खाड़ी से वैश्विक सप्लाई का एक तिहाई कच्चा तेल गुजरता है. साथ ही अमेरिकी युद्धपोत भी यहां से गुजरते हैं.

वहीं अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट से हमला होने पर डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दे दी है. ट्रम्प ने कहा कि ईरान दोबारा हमले की गलती ना करे, नहीं तो अमेरिकी द्वारा उसे जोरदार जवाब दिया जाएगा. अगर ईरान ने हमला किया तो उस पर इतना जोरदार हमला किया जाएगा जो उसने कभी नहीं झेला होगा. हम पर हमला किया गया था तभी हमने उसका जवाह हमले से दिया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने सैन्य उपकरणों पर सिर्फ दो ट्रिलियन डॉलर खर्च किया है. हम दुनिया में सबसे बड़े देश हैं और अब तक के सबसे अच्छे भी! अगर ईरान एक अमेरिकी बेस, या किसी अमेरिकी पर हमला करता है, तो हम उस पर कुछ नए खूबसूरत हथियारों से बिना किसी हिचकिचाहट के हमला करेंगे.

ट्रंप ने खुला कह दिया है कि ईरान के 52 ठिकाने हमारे निशाने पर हैं, जो ईरान और ईरानी संस्कृति के लिए काफी अहमियत रखते हैं. हम उसके 52 ठिकानों को एक झटके में ध्वस्त कर देंगे. हम किसी भी तरह के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं.

बतादें कि अमेरिका ने एयर स्ट्राइक करके इराक में ईरान के सबसे ताकतवर कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था. जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि जनरल कासिम को मारने का फैसला दोनों देशों के बीच संभावित युद्ध रोकने के लिए लिया गया था, न कि शुरू करने के लिए. अमेरिकी सेना के अचूक हमले से दुनिया के नंबर-1 आतंकी जनरल सुलेमानी की मौत हो गई. इसके साथ ही क्षेत्र में आतंक का राज खत्म हो गया है. कासिम सुलेमानी अमेरिकी राजनयिकों और सैन्यकर्मियों पर घातक हमलों की साजिश रच रहा था, लेकिन हमने उसे पकड़ लिया और मार गिराया.

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