ईरानी कमांडर सुलेमानी को मारने के बाद अमेरिका ने की दूसरी ‘एयर स्ट्राइक’, भारत पर पड़ा ये असर

अमेरिका ने इराक पर दूसरे दिन भी हवाई हमला कर दिया है. उत्तरी बगदाद में ताजी रोड के पास शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) किए गए हमले में छह लोग मारे गए हैं. ये सड़क वहां जाती है जहां गैर अमेरिकी सेनाओं का बेस है.

iran commander qasim sulemani death in us air strike
iran commander qasim sulemani death in us air strike

इराक में ईरान के सबसे ताकतवर कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मारने के बाद भी अमेरिका ने अपने ऑपरेशन नहीं रोके हैं. शुक्रवार को ही बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमले में जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी. इस हमले में सबसे अहम भूमिका निभाई अमेरिका के MQ-9 रीपर ड्रोन ने.

ईरानी जनरल को मारने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि जनरल कासिम को मारने का फैसला दोनों देशों के बीच संभावित युद्ध रोकने के लिए लिया गया था, न कि शुरू करने के लिए. अमेरिकी सेना के अचूक हमले से दुनिया के नंबर-1 आतंकी जनरल सुलेमानी की मौत हो गई. इसके साथ ही क्षेत्र में आतंक का राज खत्म हो गया है. कासिम सुलेमानी अमेरिकी राजनयिकों और सैन्यकर्मियों पर घातक हमलों की साजिश रच रहा था, लेकिन हमने उसे पकड़ लिया और मार गिराया.

ट्रम्प ने कहा है कि कासिम सुलेमानी की आतंकी साजिशें दिल्ली से लेकर लंदन तक फैली थीं. अगर कहीं भी अमेरिकियों को डराया गया, तो हमने टारगेट लिस्ट पहले ही तैयार कर ली है. हम जरूरत के हिसाब से हर तरह की कार्रवाई के लिए तैयार हैं. मेरे मन में ईरानी लोगों के लिए गहरा सम्मान है. वे बेहतरीन संस्कृति और धरोहर वाले शानदा लोग हैं.

वहीं सुलेमानी के मारे जाने पर ईरान और भड़क गया है और उसने अमेरिका को धमकी भी दे दी है. ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने कहा कि अमेरिका को इस दुस्साहस की भारी कीमत चुकानी होगी. उन्होंने कहा कि अमेरिका का जनरल सुलेमानी को निशाना बनाने और उनकी हत्या करने के अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का कदम बहुत खतरनाक और मूर्खतापूर्ण है.

कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर दुनियाभर में चिंता का माहौल है. इस्राइल में भी सेना अलर्ट पर है. उसने किसी भी खतरे से निपटने के लिए कमर कस ली है. इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपना दौरा बीच में ही छोड़ दिया है, और हालात की समीक्षा के लिए देश के वरिष्ठ सैन्य जनरलों के साथ बैठक बुलाई है.

अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्ध का असर भारत में भी दिखने लगा है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत अरब देशों के साथ ही ईरान से भी क्रूड ऑयल का आयात करता रहा है. हमले के बाद से ही गुरुवार और शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया है. शनिवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 10 पैसे और डीजल में 15 पैसे की बढ़ोतरी हो गई है.

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