विकास दुबे को पनाह देने वालों की खैर नहीं, 4 गिरफ्तार, 12 आरोपी अभी भी फरार

कानपुर से 39 किमी दूर चौबेपुर थाना क्षेत्र में बिकरू गांव के लोगों के चेहरे पर अभी भी मायूसी और खौफ बना हुआ है. 10 दिन पहले तक यहाँ के लोग अपनी जिंदगी में मशगूल रहते थे. लेकिन 2 जुलाई की रात को गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया जिससे पूरा देश में दहशत हो गई.

investigation vikas dubey case in kanpur
investigation vikas dubey case in kanpur

2 जुलाई की रात को गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र समेत 8 पुलिसवालों की निर्मम हत्या कर दी थी. हत्या करने के बाद सभी बदमाश फरार हो गए थे. जिसके बाद पुलिस ने बड़ा सर्च अभियान चलाया और 7 दिन के अंदर विकास के पांच साथियों का एनकाउंटर किया. विकास कानुपर में पुलिस हत्याकांड को अंजाम देकर बेहद ही शातिराना तरीके से तीन राज्यों की सीमा को पार करते हुए मध्यप्रेदश पहुंचा था.

इसके बाद वो यहां से महाकाल मंदिर पहुंचा और वही से गिरफ्तार हो गया. मध्यप्रदेश पुलिस ने विकास दुबे को यूपी पुलिस के हवाले कर दिया. देर शाम यूपी पुलिस की स्पेशल टीम विकास को लेकर उज्जैन से कानपुर के लिए चली. रात भर के सफर के बाद पुलिस की एक गाड़ी सचेंडी थाना क्षेत्र के भौंती हाईवे पर पलट गई. गाड़ी में सवार विकास दुबे इंस्पेक्टर की पिस्टल लूटकर भागने लगा. पुलिस ने पीछा किया और फायरिंग की इसी जवाबी कार्रवाई में विकास मारा गया.

विकास के एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस एक्शन मोड में है. यूपी एसटीएफ ने ग्वालियर के रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि विकास के फरार साथी शशिकांत और शिवम दुबे को इन लोगों ने पनाह दी थी. इसके अलावा, महाराष्ट्र एटीएस ने 2 लोगों को ठाणे से गिरफ्तार किया है. विकास का खास गुर्गा अरविंद उर्फ गुड्डन रामविलास त्रिवेदी और उसका ड्राइवर सुशील कुमार उर्फ सोनू तिवारी ठाणे से गिरफ्तार किया किया है.

अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लखनऊ जोन विकास और उसकी गैंग के खास लोगों की प्रॉपर्टीज की डिटेल जुटा रहा है. विकास ने पिछले तीन या चार साल में 10 से ज्यादा विदेश यात्राएं की हैं. शक है कि विकास ने थाइलैंड और दुबई में भी इन्वेस्टमेंट किया है. यूपी एसटीएफ की अभी तक की जांच की मानें तो, विकास दुबे ने दुबई और थाईलैंड में प्रॉपर्टी खरीद रखी है. जिसकी कीमत करोड़ों रुपए है.

हाल ही में उसने लखनऊ में एक घर खरीदा था जिसकी कीमत 20 करोड़ रुपए से ऊपर है. प्रवर्तन निदेशालय ने कानुपर पुलिस से गैंगस्टर विकास दुबे, उनके परिवार और करीबी सहयोगियों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा है. विकास के कानपुर के ब्रह्मनगर, आर्यनगर के एक अपार्टमेंट में फ्लैट और पनकी में एक कोठी की जानकारी मिली है.

वहीं शुक्रवार को बिकरू गांव में तलाशी के दौरान पंचायत भवन में राशन की दुकान से 7 जिंदा देशी बम बरामद हुए थे. जिन्हें डिफ्यूज किया गया. ये दुकान विकास के नौकर दयाशंकर अग्निहोत्री के नाम थी. जो पहले ही गिरफ्तार हो चुका है. जिंदा देशी बम मिलने के बाद पुलिस ने गांव में मुनादी कराई कि अगर किसी के यहां असलहा, बम या अवैध सामान हो तो उसे 24 घंटे में पुलिस के हवाले कर दे. बाद में जांच में बरामद हुआ तो केस दर्ज किया जाएगा.

अब तक विकास के अलावा उसके करीबी प्रभात, बऊआ, अमर दुबे, प्रेम प्रकाश पांडे, अतुल दुबे का एनकाउंटर हो चुका है. नामजद में 21 आरोपियों में से 12 अभी फरार हैं. वहीं, चौबेपुर के एसओ रहे विनय तिवारी, दरोगा केके शर्मा समेत 12 लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है. बिकरू गांव में पुलिस के 150 जवानों के साथ एक बटालियन आरआरएफ के जवान भी नजर आ रहे हैं. विकास के ढहाए गए घर के बाहर पुलिसवालों और आरआरएफ ने घेराबंदी कर रखी है.

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