बड़ी खबर: देशभर में सभी पैसेंजर ट्रेने 31 मार्च तक बंद, सिर्फ मालगाड़ी चलेंगी, रेलवे का बड़ा एलान, देखें-

कोरोनावायरस को तेजी से फैलता देख रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके बाद अब रोज़ यात्रा करने वालों को बड़ी मुश्किल हो सकती है. आज देश में 344 पॉजिटिव मरीजों की संख्या हो गई है. इसकी गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने ये फैसला लिया है.

indian railways cancels all passenger trains till march 31st due to coronavirus
indian railways cancels all passenger trains till march 31st due to coronavirus

रेलवे ने सभी यात्री ट्रेनों को 31 मार्च तक बंद कर दिया है. इस दौरान केवल मालगाड़ी ही चलेंगी. वहीं लखनऊ जंक्शन से आनंद विहार जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस सहित उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे की आठ ट्रेनों को कोरोना के चलते 31 मार्च तक निरस्त कर दिया गया है. इनमें ट्रेन 12003/04 शताब्दी एक्सप्रेस, 11109/10 लखनऊ-झांसी इंटरसिटी, 12179/80 आगरा इंटरसिटी और 14215/16 लखनऊ-प्रयाग गंगा गोमती एक्सप्रेस शामिल हैं.

वाराणसी-आनंद विहार गरीब रथ एक्सप्रेस, गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस और कटिहार-दिल्ली चंपारण हमसफर एक्सप्रेस को भी रेलवे निरस्त कर चुका है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू का अह्वान किया था. इसके मद्देनजर रेलवे ने 3700 ट्रेने पहले ही कैंसल कर दी थीं.

इस संक्रमण से शनिवार रात मुंबई और पटना में 2 मौतें हो गई हैं. मुंबई में जिस मरीज की मौत हुई उनकी उम्र 63 साल थी और पटना वाले की 38 साल बताई जा रही है. दोनों डायबिटीज के मरीज थे.

पीएम मोदी पहले ही साफ़ कह चुके है कि ये मत सोचिए कि सबकुछ ठीक है. ये वैश्विक महामारी है और इससे निश्चिंत होने की सोच ठीक नहीं है. विज्ञान अभी तक इसकी कोई दवाई या टीका नहीं बना पाया है. हर भारतवासी को सतर्क रहना जरूरी है. मैं आज 130 करोड़ देशवासियों से कुछ मांगने आया हूं. मुझे आपके आने वाले कुछ सप्ताह चाहिए. मैं आपका समय मांगता हूं.

हम सबको मिलकर आने वाले कुछ दिनों तक संयम और संकल्प के साथ काम करना होगा. फिलहाल भारत ऐसे देशों में शुमार है जहां कोरोना का बहुत बड़ा असर नहीं दिखा है. लेकिन ऐसी सोच ठीक नहीं है कि हम बचे हुए हैं. कई देशों में देखा गया है कि ये वायरस तेजी से फैलता है. ऐसे में एहतियात ही अहम है. कोरोना ने विश्व भर में पूरी मानव जाति को संकट में डाल दिया है. प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में भी इतने देश प्रभावित नहीं हुए थे.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *