मोदी जी का गालीबाज गृह राज्य मंत्री भारत की मीडिया (Indian Media) को कहा चोर : संपादकीय व्यंग्य

PRAGYA KA PANNA
PRAGYA KA PANNA

किसान रौंदक बेटे को जन्म देने वाले..मोदी जी के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने हमारे महान देश भारत वर्ष की मीडिया (Indian Media) को चोर कहा है..मारने दौड़े..साले कहा..कमीना कहा..पुत्र मोह में संस्कारी पार्टी के गृह राज्य मंत्री ने सड़क छाप शोहदों को भी पीछे छोड़ दिया..माना की बीजेपी के मंत्री साहब नेशनल मीडिया को अपना जरखरीद गुलाम समझते हैं..लेकिन जी न्यूज और एबीपी के रिपोर्टर को किस रिश्ते से साला कहा..इसकी सफाई मोदी जी को संसद में देनी चाहिए..

अजय मिश्रा टेनी में ऐसे कौन से सुरखाब के पंख लगे थे..कि देश की 125 करोड़ जनता को…800 सांसदों में से ये गालीबाज गृह राज्य मंत्री चुनकर दिया गया है..क्या देश के बाकी सांसद हिमालाय पर चले गए थे..क्या धरती पर अकेला टेनी नाम का ही आखिरी सांसद गृह राज्य मंत्री बनने के लिए बचा था..टेनी में ऐसे कौन से सुरखाब के पंख लगे थे कि टेनी को ही गृह राज्य मंत्री बनाकार देश की छाती पर तांडव करने के लिए बिठा दिया..

पत्रकारों (Indian Media) को गाली बके टेनी..किसानों को मारने के लिए उकसाए टेनी..किसानों को खुद भी पर्सनली उकसाए टेनी…इस आदमी की हिम्मत कैसे हो सकती है..हमारे हमपेशा लोगों को गाली देने की..गोदी हो या बगैर गोदी पत्रकार पत्रकार होता है..टीवी और अखबारों में काम करने वाले लोग मेरे पेश के लोग हैं..घर बार चलाने के लिए बहुत से लोग मजबूरी में काम करते हैं..लेकिन ऑफ द कैमरा न्याय की बात करते हैं..मेरे हमपेशा भाई बहनों को गाली देने वाला मंत्री हो या कोई और..उसके लिए मेरे पास सम्मान सूचक शब्द नहीं हैं..गृह राज्य मंत्री जैसे सम्मान के पद पर ऐसे आदमी को बिठा दिया है जो इस पद के बिल्कुल लायक नहीं है..टेनी का गृह राज्य मंत्री के पद पर रहना इस पद का अपमान है..

अजय मिश्रा टेनी पुत्र मोह ने तुमको अंधा कर दिया है..तुम कहते हो पत्रकारों ने तुम्हारे लड़के को फंसा दिया है..पत्रकारों (Indian Media) ने कहा था क्या कि गाडी़ किसानों पर चढ़ा दो..पत्रकारों ने कहा था क्या कि किसानों को पर गोली चला दो..टेनी पत्रकारों ने कहा था क्या कि तुम अपनी अलीशान गाड़ी में बैठकर किसानों को हाथ दिखाते हुए जाओ..पत्रकारों ने कहा था क्या कि तुम सभा करके लोगों को किसानों के खिलाफ भड़काओ..पत्रकारों ने तो कहा नहीं था..तुमने भड़काया और तुम्हारे लड़के ने कर दिखाया..

अजय मिश्रा टेनी (Indian Media) तुम्हारा लड़का तुम्हारे कर्मों की सजा भोग रहा है..तुम खुद को लखीमपुर का जिल्लेइलाही समझते थे..लड़के को ये महसूस कराते थे कि तुम्हारा बाप मंत्री है कोई तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता..तुम्हारी शय पर तुम्हारा लड़का बिगड़ा..उसके भीतर किसानों को दुश्मन समझने का अंकुर

फूटा..तुम मंत्री थे लड़के को समझाते कि बेटा मैं मंत्री हूं समाज में थोड़ा ठीक से रहना..लोगों की मदद करना..संस्कार तुमने ठीक नहीं दिए..और तुम पत्रकारों (Indian Media) को चोर कहकर पत्रकारों पर अपने लड़के को फंसाने का आरोप लगाते हो..क्या चाहते हो..तुम किसानों को रौंदवा डालते और पत्रकार कैमरा बंद कर लेते..भई वाह..ये ठीक है..पत्रकारों ने फंसा दिया..मोदी जी ऐसे मंत्री को आज ही मंत्री मंडल से बाहर भगाईये..

मंत्री हो या कहीं का लाटसाहब हो पत्रकारों को धक्का मारने का किसी का कोई अधिकार नहीं है..पत्रकारों (Indian Media) को गाली बकने का उनको चोर कहने का तुमको कोई अधिकार नहीं है..जिस पत्रकार को धक्का मारा उनकी बात सुनिए..

दूरबीन से खोजा जा रहा था..दूरबीन में अब कुछ कुछ दिखाई देने लगा होगा शायद..बताइए इस तरह के गुंडे लोग मंत्री बना दिए गए हैं..ऐसे लोग देश चला रहे हैं..मोदी जी आपसे यहां भी गलती हुई है..इस गलती को भी ठीक कीजिए..पत्रकारों (Indian Media) को धकियाने वाले..गरियाने वाला..देश का गृह राज्य मंत्री नहीं हो सकता..अमेरिकी मीडिया के सामने आपके मित्र बाइडन ने इंडियन मीडिया की तारीफ की थी..अमेरिकी मीडिया ने बाइडेन की घेराबंद कर ली थी..हमारे देश की मीडिया गृह राज्य मंत्री से मार खाती है ये बात विदेशों में जाएगी तो क्या इमेज बनेगी भारत की..हमारे देश के केंद्रीय मंत्रिमंडल में किसानों को कुचलकर मार देने उनकी हत्या करने का आरोपी बैठता है..पत्रकारों को गरियाता है..उनको मारता है क्या इमेज बनेगी देश की..किसी का नहीं मुझे लगता है इमेज का कुछ ख्याल जरूर किया जाए..

Disclamer- उपर्योक्त लेख लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखा गया है. लेख में सुचनाओं के साथ उनके निजी विचारों का भी मिश्रण है. सूचना वरिष्ठ पत्रकार के द्वारा लिखी गई है. जिसको ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है. लेक में विचार और विचारधारा लेखक की अपनी है. लेख का मक्सद किसी व्यक्ति धर्म जाति संप्रदाय या दल को ठेस पहुंचाने का नहीं है. लेख में प्रस्तुत राय और नजरिया लेखक का अपना है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *