दूरदर्शन का नया सरकारी इंटरनेशनल न्यूज चैनल मोदी जी की इमेज चमकाएगा : संपादकीय व्यंग्य

दिल्ली में 25 लोगों ने मोदी जी से सवाल पूछता हुआ पोस्टर लगाया था कि ”मोदी जी हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेज दिया”..भारत सरकार के अंडर आने वाली दिल्ली पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों को गिरफ्तार कर लिया..जबकि हमारा भारत देश संयुक्त राष्ट्र में खुद ये मान रहा है कि हमने अपने लोगों से ज्यादा वैक्सीन विदेश भेजी है..देखिए जो सवाल कर रहे हैं उनका जवाब देना चाहिए..सवाल का जवाब हथकड़ी नहीं हो सकती..याद रखना चाहिए कि अभी भी देश में चुनाव होते हैं..अभी भी देश एक लोकतांत्रिक देश घोषित है..ये हथकड़ी कांड सिर्फ सवाल पूछने वालों को डराकर..इमेज बचाने के लिए था..इसके बाद फिर किसी ने सरकार से सवाल नहीं पूछा..

देखिए 2014 से हिंदुस्तान की मीडिया ने नमक का कर्ज अदा किया है..कोरोना की दूसरी लहर में भी किया..नमक का कर्ज अदा करने के चक्कर में जब उनके अपने एंकर मर रहे थे..रिपोर्टर मर रहे थे..तब भी प्रधानमंत्री को वैक्सीन गुरू और ना जाने क्या क्या बताया..देश का पापा तक कह दिया गया..कोई प्रधानमंत्री देश का बाप कैसे हो सकता है..लेकिन नमक इसी को कहते हैं..लेकिन विदेशी मीडिया शायद खाने में नमक कम लेती होगी..

इसीलिए भारत देश के अस्पतालों श्मसानों में जो हुआ उसकी तस्वीरें छाप दी थीं..किसी ने भारत देश के प्रधानमंत्री को कोरोना कंट्रोल करने वाला किंग नहीं कहा..लेकिन हिंदुस्तानी कैबिनेट ने हिम्मत नहीं हारी..भारत देश के चापलूस मंत्रियों ने खुद के देसी इंटरेशनल डेली गार्डियन अखबार का सहारा लिया ..इंटरनेशनल नाम की देसी वेबसाइट को देश की जनता ने पकड़ लिया..इसीलिए इंटरनेशन लेवल पर देश अपना खुद का सही में इंटरनेशनल चैनल लॉन्च करने जा रहा है..सरकार को लग गया कि नकली से काम नहीं चलेगा..झूठी बातों के लिए भी..चैनल तो असली ही चाहिए होगा..

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प्रधानमंत्री मोदी की टीवी देखते हुए प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रधानमंत्री मोदी की टीवी देखते हुए प्रतीकात्मक तस्वीर

हम कोई झूठ नहीं कर रहे हैं प्रज्ञा मिश्रा गोदी मीडिया नहीं हैं…ये दीपक चौरसिया जी वाले चैनल न्यूज नेशन की वेबसाइट पर लिखा है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से लेकर सीएए-एनआरसी और किसान आंदोलन तक के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की आलोचना का शिकार हो चुकी केंद्र सरकार अब इससे निपटने के लिए नई तरकीब के साथ आई है. नेशनल ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती ने हाल ही में एक सलाहकार के लिए टेंडर निकाला है, जो कि सरकार की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी वाला चैनल लॉन्च कराने की योजना तैयार करेगा. इस इंटरनेशन चैनल का काम भारत की छवि को दुनिया के सामने रखने की होगी..दीपक चौरसिया जी देश के जाने माने भक्त पत्रकार हैं..ये उन्हीं की वेबसाइट है..

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खैर छवि समझे आप..इमेज.. इमेज को बचाने के लिए 25 लोगों पर पोस्टर लगाने के लिए दिल्ली में FIR हुई है..अभी तक देश में गोदी मीडिया और बगैर गोदी मिडिया वाले चैनल थे..अब इंटरनेशनल स्तर पर भी देश का मान सम्मान बढ़ाने में भारत का इंटरनेशनल न्यूज चैनल अपनी भूमिका अदा करेगा..जब विदेशी मीडिया भारत की जलती चिताएं दिखाएगा..देश के मुखिया को नाकामी का जिम्मेदार बताएगा तो.. तो भारत का इंटरनेशनल स्तर का न्यूज चैनल भारत की खराब हालत का जिम्मेदार नेहरू की 70 साल की नीतियों को बता सकता है…

दिल्ली वाले पोस्टर से खराब हुई इमेज सरकारी अंतरराष्ट्रीय भारतीय न्यूज चैनल से ठीक की जाएगी..जैसे अब तक भारत के भीतर ठीक की जाती रही है..और मुझे पर्सनली ये समझ में नहीं आता कि जब भारत 70 से ज्यादा देशों को अपने देश से ज्यादा वैक्सीन बांट रहा है..अपने देश को भाड़ में झोंककर..विदेशी पॉपकॉन भून रहा है तो फिर विदेशी मीडिया वाले भारत के बारे में बुरा क्यों छापते हैं..विदेशों में तो मोदी जी का डंका बजता था..

विदेशों में पहली बार हमारी छवि दबंग टाइप बनी थी..लेकिन फिर भी विदेशी अखबार ऐसा कर रहे हैं..ये किसी के नहीं हैं..विदेशी अखबार वालों को भारतीय मीडिया से ईमान धर्म की क्लासेज लेनी चाहिए..अखबार और न्यूज पोर्टल सिर्फ सच दिखाने के लिए नहीं होते हैं..सपना के ठुमके..करीना के बेटे के लिए होते हैं..किस स्लॉट में कौन सी खबर होनी चाहिए..ये भारतीय मीडिया से सीखनी चाहिए..भारत की हर राज्य की सरकार हेडलाइन से चल रही है..कभी देश हिम्मत से चलता था..कभी मुल्क कर्मों से महान बनते थे..अब कागजों से बनते हैं..

आज के लिए इतना ही..आप मेरी वेबसाइट उल्टा चश्मा यूसी.com पर और जानकारी भरे विश्लेषण पढ़ सकते हैं..यहां आपको मेरे लेख भी मिल जाएंगे..और हां आपसे एक बात और कहनी है…सच को मजबूती से रखने के लिए ट्विटर पर फॉलो करके..मुझे मजबूत कीजिए मेरी शक्ति बनिए ताकि सरकारों और उनके पत्रकारों से बराबरी के लेवल पर आकर बात की जा सके..मैं वहां आपको @pragyalive नाम से मिलूंगी.. क्लिक कीजिए फॉलो कीजिए…चलते हैं राम राम दुआ सलाम जय हिंद..

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भारत के अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल का नाम क्या है what is the name of indias international news channel (अभी ज्ञात नहीं है )

डीडी यानी दूरदर्शन क्या है क्या है what is doordarshan ( दूरदर्शन भारत में सरकारी चैनल का नाम है )

प्रसार भारती क्या ? प्रसार भारती (ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया के नाम से भी जानते हैं) भारत की एक सार्वजनिक प्रसारण संस्था है। इसमें मुख्य रूप से दूरदर्शन एवं आकाशवाणी शामिल हैं।

DISCLAMER- लेख में प्रस्तुत तथ्य/विचार लेखक के अपने हैं. किसी तथ्य के लिए ULTA CHASMA UC उत्तरदायी नहीं है. लेखक एक रिपोर्टर हैं. लेख में अपने समाजिक अनुभव से सीखे गए व्यहवार और लोक भाषा का इस्तेमाल किया है. लेखक का मक्सद किसी व्यक्ति समाज धर्म या सरकार की धवि को धूमिल करना नहीं है. लेख के माध्यम से समाज में सुधार और पारदर्शिता लाना है.

12 thoughts on “दूरदर्शन का नया सरकारी इंटरनेशनल न्यूज चैनल मोदी जी की इमेज चमकाएगा : संपादकीय व्यंग्य

  • May 20, 2021 at 6:58 pm
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    Modiji ko kya lagta hai, ek dawa sab pe chala denge ? India mein news channel logon ko gumraah kar sakte hain, videshon mein inki daal nahi galne wali

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    • May 20, 2021 at 10:06 pm
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      Aapki rai gjb hai

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      • May 21, 2021 at 9:34 pm
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        आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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    • May 21, 2021 at 9:34 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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  • May 21, 2021 at 3:43 pm
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    Q ki 70 sal me jo health sector bimar tha usko modi ne 6 sal me sahi q nhi kiya… ye sawal to bnta hai n… shi hai lge rho… sawal krne ke liye dimag to chahiye nhi…

    Reply
    • May 21, 2021 at 9:33 pm
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      आपने अपनी बेशकीमती राय..इस आर्टिकल पर दी है इसके लिए मैं प्रज्ञा मिश्रा..आपका धन्यवाद देती हूं..अगर आप कुछ पूछना चाहते हैं या सुझाव देना चाहते हैं..तो किसी भी आर्टिकल में कमेंट करके..बता सकते हैं कमेंट का नोटिफिकेशन मुझे पर्नली मेल के जरिए आवश्यक तौर पर प्राप्त होता है..अगर आप किसी विषय पर अपना लेख इस वेबसाइट पर लगवाना चाहते हैं तो हमें भेज सकते हैं..धन्यवाद..

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    • May 22, 2021 at 11:15 am
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      अच्छा तो कोरोना 70साल पहले आया था??? नम्बर 2. पिछले 5साल से 70 साल 70साल बोल रहे हो वो अब 75 हो गए भक्त महाराज जी.. कछु शर्म वर्म है नाहि..

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  • May 21, 2021 at 4:31 pm
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    Ma’am app bus bjp ko target karti he reporting me or koi political party ko nahi jaise Congress tmc, shivsena etc. Appp ki reporting bus bjp tak he app apne naam light me lane ke liye bjp ko target karti he jissey apko bhi national media me jagah mil jaye. Vaccine ko lekar sari party ne logo ko galat news share ki tab apne kuch ni kaha. Bengal me itna violence hua tub kuch ni kaha. App 3 saal pehle ki reporting dekhi usme jayada likes ni attey they. Ab app bhi ek fake reporter jaise rah gayi he. Me kissi political party ka supporter ni hu. Na bjp na congress. Meney appke sare article you tube me speeches dekhi. Bus bjp bjp bjp or kuch ni. Or app सपा ko kya kehgey. अखिलेश sir ko rahul sir ko mamata didi ko kuch ni hahahaha it’s called fake money reporting hahahaha

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    • May 21, 2021 at 9:29 pm
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      भूपेन्द्र जी जर्नलिज़म की पढ़ाई में सरकार से ही सवाल करना ही पढ़ाया गया है सर मैं अपनी सरकार से सवाल करने के लिए स्वतंत्र हूँ सर पार्टी सरकार सवाल और जवाबदेही में अंतर समझिए सवाल पूछा कीजिए आपने अपनी राय रखी उसके लिए शुक्रिया

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      • May 22, 2021 at 11:08 am
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        सवाल करना तो बनता है, नहीं तो सरकार फिर कैसे चलेगी।

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        • May 23, 2021 at 1:48 am
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          जी सूरज जी बिलकुल सही जिसे वोट दिया है उससे सवाल कीजिए हीरो बना देंगे सवाल नहीं कर पाएँगे आपका कमेंट करने के लिए शुक्रिया सूरज जी

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  • May 27, 2021 at 10:12 am
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    प्रज्ञा जी से एक सवाल था ?
    नोकरी कहते किसे है, क्या हमे बता सकती है आप ये किस शब्द से बना है और इसका उत्पत्ति कब हुआ।

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