अनलॉक : 1 जून से लॉकडाउन में बड़ी राहत, 8 जून के बाद से क्या क्या खुलेगा, यहाँ देखें-

68 दिनों के सम्पूर्ण लॉकडाउन के बाद अब पूरा देश अनलॉक होने जा रहा है. इसकी शुरुआत 1 जून से होगी. इसलिए इस बार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन 5 का ऐलान न करते हुए अनलॉक-1 का ऐलान किया है.

home ministry issued lockdown 5 new guidelines
home ministry issued lockdown 5 new guidelines

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के मुमताबिक आने वाले दिनों में लॉकडाउन से तीन चरणों में धीरे धीरे ढील भी दी जाएगी. पहला चरण 8 जून से लागू होगा और दूसरा चरण जुलाई से, तीसरे अनलॉक फेज के बारे में अभी कुछ नहीं बताया गया है. हालांकि, कंटेनमेंट जोन में सख्‍त पाबंदियां जारी रहेंगी. कंटेनमेंट जोनों के बाहर फेज वाइज राहतें दी जाएंगी. लॉकडाउन आगे बढ़ चुका है, जिसे एक से 30 जून 2020 तक लागू किया गया है.

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1 जून से बड़ी राहत यह मिलने जा रही है कि अब लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में जा सकेंगे. अपने राज्य के अंदर भी आवाजाही कर सकेंगे. गाइडलाइंस में साफ कहा गया है कि आवाजाही के लिए अलग से किसी मंजूरी या परमिट की जरूरत नहीं होगी. वहीं रात 9 बजे से सुबह 5 बजे के बीच जरूरी सेवाओं को छोड़कर किसी भी तरह के मूवमेंट की इजाजत नहीं होगी. इस पर सख्ती से पाबंदी रहेगी.

8 जून के बाद से धार्मिक स्थल/इबादत की जगहें, होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी सर्विसेस, शॉपिंग मॉल्स ये जगहें कुछ नियमों के साथ खुल सकेंगी. इसके साथ ही लॉकडाउन को तोड़ने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं. इनमें आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार दंड और जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को जरूरी और मेडिकल जरूरतों को छोड़कर घर पर रहने की सलाह दी जाती है. वहीँ दफ्तरों और कामकाज की जगहों पर सुरक्षा के लिए इम्प्लॉयर की यह ‘श्रेष्ठ कोशिशें’ रहनी चाहिए कि सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप इंस्टॉल हो.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्त आदेश दिया है कि राज्य और केंद्र शासित सरकारें गाइडलाइन में किसी भी स्थिति में ढील नहीं देंगी, क्योंकि ये डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत जारी की गई है. सभी जिला मजिस्ट्रेट गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराएंगे. अगर कोई केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 की धारा 51 से 60 और आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.