योगी सरकार की 68500 सहायक शिक्षकों की भर्ती पर CBI जांच के आदेश, मचा हड़कंप

Ulta Chasma Uc  : योगी सरकार की पहली बड़ी भर्ती प्रकिया गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है. गलत तरीके से की गई भर्तियां रद्द भी हो सकती हैं. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा की सीबीआई जांच का आदेश दे दिया है.सीबीआइ निदेशक को छह महीने में जांच पूरी करने के भी निर्देश दिए गए हैं. न्यायमूर्ति इरशाद अली की एकल सदस्यीय पीठ ने दर्जनों अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए जाँच का आदेश दिया.

high court recommends cbi inquiry of assistant teacher recruitment
योगी सरकार पर लगा आरोप

मामला सामने आते ही खुली पोल

मामला तब सामने आया जब सही सवाल पर अंक न देने या कम अंक देने की शिकायत पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जब परीक्षार्थी सोनिका देवी की कॉपी दोबारा चेक करवाई तभी बड़े अफसरों की पोल खुल गई और दो अफसरों को इसका परिणाम भुगतना पड़ा. कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने तत्कालीन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ.सुत्ता सिंह और रजिस्ट्रार जीवेंद्र सिंह ऐरी को निलंबित कर दिया.

शिक्षा अधिकारियों में हड़कंप

13 अगस्त को परीक्षा परिणाम आने के बाद से गड़बड़ियों को लेकर कई अभ्यर्थी शिकायत करने परीक्षा नियामक कार्यालय पहुंचने लगे थे. हाईकोर्ट के इस आदेश पर परीक्षार्थियों ने खुशी जताई है. तो वहीँ सीबीआई जांच का आदेश देने के बाद शिक्षा अधिकारियों में हड़कंप मचा है.

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लखनऊ हाई कोर्ट ने दिए आदेश

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा

हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि वर्तमान चयन प्रक्रिया पर भारी भ्रष्टाचार व गैर कानूनी चयन के आरोप हैं. सरकार से स्वतंत्र व साफ-सुथरे तरीके से जांच की उम्मीद की जाती है पर गलत इरादे व राजनीतिक उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में बड़े पैमाने पर गैर कानूनी तरीके से भर्तियां की गईं जिससे आम नागरिकों के मौलिक अधिकार बुरी तरह प्रभावित हुए.

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा कराने वाले अधिकारियों ने अपने करीबी और जान पहचान वालों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया. जिसको कम नंबर मिले, उसे ज्यादा दे दिए गए. कुछ की उत्तर पुस्तिकाएं फाड़ दी गईं और पन्ने बदल दिए गए ताकि उन्हें फेल घोषित किया जा सके.

एजेंसी ने मानी गलती

कोर्ट ने ये भी कहा की सरकार द्वारा बार कोडिंग की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को दी गई थी, उसने स्वयं स्वीकार कर लिया है कि 12 अभ्यर्थियों की कॉपियां बदली गई, जिसके बावजूद भी उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं की गई.

Web Title :  high court recommends cbi inquiry of assistant teacher recruitment

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