CM सोरेन और मोदी की फोन पर हुई बातचीत लीक : संपादकीय व्यंग्य

केजरीवाल प्रधानमंत्री की मीटिंग की बातें लीक कर चुके थे..डांटे जा चुके थे..माफी मांग चुके थे..बात खत्म हो गई थी..सबको समझ में आ गया था कि अगर प्रधानमंत्री खुद कैमरा लगाकर नहीं बैठे हैं..तो इसका मतलब है कि मिटिंग गुप्त है..मीटिंग गुप्त है ये लिखकर देने का कोई मतलब नहीं है..देखइए हमारे देश के प्रधानमंत्री बहुत सजग हैं..वो लाइट कैमरा एक्शन का मौका कभी नहीं छोड़ते..और अगर कभी छोड़ रहे हैं तो भइया ये अंडरस्टुड होना चाहिए कि मामला गुप्त है..

मीटिंग गुप्त है इसका पता कैसे लगाने में कोई रॉकेट साईंस नहीं है..मीटिंग से पहले पता कर लीजिए कि प्रधानमंत्री की तरफ कैमरा लगा है कि नहीं..अगर कैमरा लगा है तो उसका मतलब है कि मीटिंग गुप्त नहीं है..अभी भाषणबाजी होगी..और कोई मतलब की बात नहीं होने वाली..मानकर चलिए..30 मिनट बिना किसी एड ब्रेक कंटीन्यू नैतिक शिक्षा का पाठ होगा. दोस्तों हिंदुस्तान में दो तरह की गुप्त बातें होती हैं..एक गुप्त बात वो होती है..जो हो रही होती है..तो सबको पता होता है..कि क्या बात हो रही है..दूसरी गुप्त बात वो होती है..जो असल में गुप्त बात होती है..जिसका किसी को कुछ पता नहीं होता..

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प्रधानमंत्री मोदी जी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फोन किया था..अब फोन किया था तो बात भी हुई होगी..लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री का कहना है कि मोदी जी ने फोन किया था..फोन पर भी अपने मन की बात करते रहे..अरे भईया जब मोदी जी ने अपने खर्चे पर आउगोईंग कॉल की है तो बोलेंगे भी वही..उन्होंने फोन किया है तो उनको बोलने का हक है..सही बता रहे हैं..हमारे मोदी जी अच्छे वक्ता हैं..रैलियां हो नहीं रही हैं..विदेश में जाकर भी नहीं बोल सकते..खुद के फैलाए कोरोना पर भी अब टीवी पर उतना नहीं बोल सकते..रेडियो वाला मन की बात जो टीवी पर आता है..उसका सब देशद्रोही लोग विरोध कर रहे हैं..यूट्यूब पर डिस्लाइनक किए दे रहे हैं..बिचारे कहीं तो भाषण देंगे..

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झारखंड के मुख्यमंत्री को इससे दिक्कत हो गई कि मोदी जी फोन पर भी सिर्फ अपनी कहते हैं..बताईये हेमंत सोरेन की सुनने वाली इम्यूनिटी पावर कितनी वीक है..पहली बार सुना तो इतना तिलमिला गए..देशवासियों का दर्द पूछिए कभी..सोचिए उनके सुनने का इम्यूनिटी सिस्टम कितना मजबूत होगा..अब तो लोग कहने लगे हैं जब मोदी जी का भाषण सुनकर हमें कुछ नहीं हुआ..तो कोरोना ससुरा क्या बिगाड़ लेगा..

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिक्कत ये हो गई कि मोदी जी फोन पर अपनी कहकर चले गए उनकी सुनी ही नहीं..जब हेमंत सोरेने की सुनी नहीं गई तो उन्होंने ट्विटर पर लिख दिया कि अरे बताईये मोदी जी कुछ सुनते ही नहीं है..हेमंत सोरेन ने लिखा.. “”आज आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने फोन किया..उन्होंने सिर्फ अपने मन की बात की..बेहतर होता यदि वो काम की बात करते और काम की बात सुनते…”

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी प्रधानमंत्री जी के ओजस्वी वाणी से दिक्कत होती है..मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि मोदी जी की मीटिंग सिर्फ वन-वे मीटिंग होती है, कोई जवाब नहीं मिलता है..इन लोगों को समझ में ही नहीं आता कि मोदी जी सिर्फ बोलते हैं..मेरा मतलब है..कि प्रधामंत्री जी जब बोलते हैं तो उसे सुनना चाहिए..वो समय निकालकर फोन करते हैं..इतना कम है क्या..

अब आप सब लोग बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह मत बनिए कि मोदी जी का फोन ना उठाएं..उनकी बुलाई मीटिंग में ना जाएं.. रेमडीसिविर अस्पताल में बेड..ऑक्सीजन की तरह..देश में प्रधानमंत्री जी को सुनने वालों की भी शॉर्टेज हो गई है..मैं तो कहती हूं सब लोग एक दूसरे की सुना करिए..मोदी जी अगर देश की सुनते और रैलियां रोक देते तो देश के लाखों लोग मरने से बच जाते..चलते हैं राम राम दुआ सलाम..जय हिंद,..

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DISCLAMER- लेख में प्रस्तुत तथ्य/विचार लेखक के अपने हैं. किसी तथ्य के लिए ULTA CHASMA UC उत्तरदायी नहीं है. लेखक एक रिपोर्टर हैं. लेख में अपने समाजिक अनुभव से सीखे गए व्यहवार और लोक भाषा का इस्तेमाल किया है. लेखक का मक्सद किसी व्यक्ति समाज धर्म या सरकार की धवि को धूमिल करना नहीं है. लेख के माध्यम से समाज में सुधार और पारदर्शिता लाना है.

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